असरदार घरेलू नुस्खे : 20 साल पुरानी बवासीर का इलाज | 20 saal purani bawaseer ka ilaj

20 साल पुरानी बवासीर का इलाज 20 saal purani bawaseer ka ilaj : हेलो दोस्तों नमस्कार आज मैं आप लोगों को इस लेख के माध्यम से 20 साल पुरानी बवासीर का इलाज से संबंधित जानकारी प्रदान करूंगी. जिसमें मैं आप लोगों को बताऊंगी बवासीर बीमारी किसे कहते हैं, बवासीर बीमारी के प्रारंभिक लक्षण क्या होते हैं और बवासीर बीमारी के लिए सबसे बेहतर इलाज क्या होता है ?

20 साल पुरानी बवासीर का इलाज 20 saal purani bawaseer ka ilaj

क्योंकि बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसका समय रहते बेहतर इलाज न करवाने से व्यक्ति को अन्य बीमारियां भी अपनी चपेट में ले सकती हैं क्योंकि इस बीमारी में व्यक्ति को मल त्याग के समय काफी ज्यादा कठिनाई होती है और जब व्यक्ति अधिक जोर लगाकर मल त्याग करता है तो नसों पर दबाव पड़ने के कारण कई बार खून भी निकलने लगता है.

इसीलिए इस बीमारी का समय रहते इलाज करवाना अति आवश्यक होता है. ऐसे में अगर लंबे समय तक बवासीर का कोई इलाज नहीं अपनाया जाता है तो व्यक्ति के मल त्यागने वाले स्थान के अंदर छोटे-छोटे मस्से पड़ जाते हैं और फिर यह मस्से धीरे-धीरे बड़े होकर बाहर निकलने लगते हैं जिन पर जरा सा भी दबाव पड़ने पर वह फूट जाते हैं और फिर रक्त प्रवाह होने लगता है.

जिसके कारण व्यक्ति को बैठने उठने तथा अन्य कार्य करने में काफी ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए आज मैं इस बवासीर बीमारी से संबंधित विशेष जानकारी को प्राप्त करने के पश्चात इस लेख में आप लोगों के लिए बवासीर बीमारी को ठीक करने के लिए बहुत ही बेहतर इलाज लेकर आई हूं.

ऐसे में अगर आप लोग भी बवासीर बीमारी से परेशान हैं और इसे ठीक करने के लिए तमाम इलाज अपना चुके है फिर भी आपको कोई फायदा नहीं हो रहा है तो आप लोग हमारे द्वारा बताए गए उपाय( इलाज) को अपना सकते हैं.

लेकिन आपको हमारे उपाय की विधिवत जानकारी को प्राप्त करने के लिए इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़ना अति आवश्यक है तभी आप हमारे द्वारा बताए गए उपाय को अच्छे तरीके से उपयोग में ले कर बवासीर बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं, तो मित्रों आइए बिना देर किए जान लेते हैं बवासीर बीमारी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी के विषय में :


बवासीर बीमारी किसे कहते हैं ? | Bawasir bimari kise kahte hai ?

बवासीर बीमारी जिसे अंग्रेजी में पाइल्स भी कहते हैं, और जब यह बीमारी किसी व्यक्ति को होती है तो उसके पेट में हमेशा दर्द बना रहता है और उसके मल त्यागने वाले स्थान में बहुत ज्यादा सूजन आ जाती है जिसमें कई बार अधिक जोर लगाकर मल त्यागने पर खून भी निकलने लगता है .

ऐसे में अगर लंबे समय तक इस बीमारी के लिए कोई बेहतर इलाज नहीं अपनाया जाता है तो व्यक्ति के मल त्यागने वाले अंदरूनी हिस्से में छोटे-छोटे मस्से पड़ जाते हैं जिन्हें हिंदी भाषा में गांठ बनना कहते हैं और धीरे-धीरे यह मस्से बड़े होकर बाहर निकलने लगते हैं और जब इन मस्सों पर किसी भी प्रकार का दबाव पड़ता है तो यह फुटकर रक्त प्रवाह करने लगते हैं जिसकी वजह से व्यक्ति काफी ज्यादा दर्द के साथ साथ बैठे उठने तथा अन्य कार्य करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

बवासीर बीमारी होने के कारण | Bawasir bimari hone ke karan

हेल्थ केयर डॉक्टर के अनुसार हर एक बीमारी बनने के कुछ खास कारण होते हैं जिनकी वजह से व्यक्ति उस बीमारी की चपेट में आता है इसी तरह से बवासीर बीमारी होने की कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार के बताए गए हैं जैसे :

piles

  1. हेल्थ केयर डॉक्टर का कहना है जब कोई व्यक्ति कुछ भी उल्टा सीधा खा लेता है तो कब्ज की समस्या हो जाती है और जब कब्ज की समस्या होती है तभी बवासीर बीमारी बनती है.
  2. कई बार प्रेगनेंसी के कारण महिलाओं में हार्मोन परिवर्तन की वजह से पाइल्स की समस्या हो जाती है.
  3. डॉक्टर के अनुसार बवासीर अनुवांशिक बीमारी है ऐसे में अगर आपके घर में किसी भी व्यक्ति को बवासीर बीमारी है तो वह बीमारी घर के अन्य लोगों में फैलने की संभावना बढ़ जाती है.
  4. अधिक देर तक खड़े होकर कोई काम करने की वजह से भी बवासीर बीमारी हो जाती है, साथ में अधिक वजन उठाना भी बाबासीर बीमारी का होने का कारण बनता है.
  5. अधिक शराब और धूम्रपान करना भी बवासीर बीमारी का कारण बनता है.
  6. ज्यादा करके तेल से बनी हुई और चटपटी चीजें खाने की वजह से भी बवासीर बीमारी बन जाती है.

तो दोस्तों हमारे हेल्थ केयर डॉक्टर के अनुसार यह प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से कोई भी व्यक्ति बवासीर बीमारी की चपेट में आ जाता है ऐसे में उनका कहना है अगर कोई भी व्यक्ति इन कारणों पर ध्यान देकर इनमें सुधार करता है तो बवासीर बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल में किया जा सकता है.

बवासीर बीमारी के लक्षण | Bawasir bimari ke lakshan

हेल्थ केयर डॉक्टर के अनुसार कोई भी बीमारी व्यक्ति के ऊपर पूरी तरह से हावी होने से पहले कुछ लक्षण छोड़ती है जिनके माध्यम से उस बीमारी की पहचान की जा सकती है. लेकिन उसके लिए हर व्यक्ति को किस बीमारी के कैसे लक्षण होते हैं इसकी जानकारी होनी चाहिए तो फिर व्यक्ति किसी भी बीमारी की पहचान करके समय रहते उस बीमारी के लिए बेहतर इलाज अपना सकते हैं.

इसीलिए हम यहां पर बवासीर बीमारी होने के कुछ प्रमुख लक्षण बताएंगे जिनके माध्यम से आप बवासीर बीमारी की पहचान करके समय रहते बेहतर इलाज अपना सकते हैं. बवासीर बीमारी होने पर कुछ इस प्रकार के लक्षण नजर आते हैं जैसे :

बवासीर कितने प्रकार की है, बवासीर होने का क्या कारण है, बवासीर में क्या क्या दिक्कत होती है,bawaseer ka gharelu upchar kya hai,

  • पेट में लगातार दर्द बना रहना .
  • मल त्यागने वाले स्थान पर सूजन और जलन की समस्या होना बवासीर होने का लक्षण है.
  • मल त्याग के समय अधिक जोर लगाने पर मल की जगह खून निकलना बवासीर होने का लक्षण है.
  • मल त्यागने के बाद भी लैट्रिन लगने का आभास होना बवासीर का लक्षण है.
  • मल त्याग करते समय तथा शौच करते समय मल त्यागने वाले स्थान में अधिक दर्द होना बवासीर होने का लक्षण है.
  • गुर्दा के आसपास खुजली, लालपन, जलन, और बार बार मल त्यागने की इच्छा होना बवासीर होने के लक्षण हैं.
  • कुछ समय पश्चात मल त्यागने वाले अंदरूनी हिस्से में खून से भरी गांठ पड जाना जिसे मस्सा कहते हैं यह भी बवासीर होने के प्रमुख लक्षण हैं.

यह बवासीर होने के कुछ प्रमुख लक्षण है जिनके माध्यम से बवासीर बीमारी की पहचान की जा सकती है ऐसे में अगर आपको भी अपनी बीमारी में यह लक्षण नजर आ रहे हैं तो समझ जाइए कि आपको बवासीर बीमारी हो रही और समय रहते कोई बेहतर इलाज कराएं.

20 साल पुरानी बवासीर का इलाज | 20 saal purani bawaseer ka ilaj

अब हम यहां पर 20 साल पुरानी बवासीर को ठीक करने के लिए बहुत ही बेहतर इलाज बताएंगे जिसमें हम आप लोगों को बवासीर बीमारी ठीक करने के लिए घरेलू ,प्राकृतिक जड़ी बूटियों से संबंधित इलाज की विधिवत जानकारी प्रदान करेंगे .

क्योंकि घरेलू इलाज किसी भी बीमारी को धीरे-धीरे ही सही लेकिन जड़ से खत्म करने में काफी ज्यादा सहायक होते हैं इसलिए आइए जान लेते हैं बवासीर बीमारी के कुछ घरेलू उपाय के विषय में जैसे,

1. एलोवेरा जेल बवासीर बीमारी को ठीक करने में सहायक

जैसा कि आप सब लोग जानते होंगे एलोवेरा का उपयोग स्किन तथा बालों को खूबसूरत बनाने के लिए किया जाता है जिसके नियमित इस्तेमाल से स्किन और बाल दोनों ही खूबसूरत नजर आने लगते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं एलोवेरा जेल से बवासीर बीमारी को भी ठीक किया जा सकता है जी हां बिल्कुल ठीक किया जा सकता है.

Aloe vera

क्योंकि एलोवेरा में एंट्री एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो बवासीर में मल त्यागने वाले स्थान पर सूजन, जलन, लालपन, खुजली , जैसी समस्याओं को ठीक करते हैं साथ में एलोवेरा का सही इस्तेमाल आपके कब्ज की समस्या को भी ठीक कर सकता है क्योंकि एलोवेरा में एंटीबैक्टीरिय गुण के अलावा विटामिन ए, सी, ई, फॉलिक एसिड, कोलीन, बी1, बी2, बी3 और बी6 पाया जाता है।

इस जानकारी को सही से समझने
और नई जानकारी को अपने ई-मेल पर प्राप्त करने के लिये OSir.in की अभी मुफ्त सदस्यता ले !

हम नये लेख आप को सीधा ई-मेल कर देंगे !
(हम आप का मेल किसी के साथ भी शेयर नहीं करते है यह गोपनीय रहता है )

▼▼ यंहा अपना ई-मेल डाले ▼▼

Join 809 other subscribers

★ सम्बंधित लेख ★
☘ पढ़े थोड़ा हटके ☘

सम्पूर्ण गुरुवार व्रत कथा, सामग्री उद्यापन विधि और आरती | Guruvar vrat katha
टाइम मैनेजमेंट कैसे करे? Time management tips in hindi | समय प्रबंधन के नियम और उपाय

एलोवेरा उन पौधों में भी शामिल है जिसमें विटामिन बी12 भी होता है और करीब 20 प्रकार के मिनरल्स जिनमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, क्रोमियम, सेलेनियम, सोडियम, आयरन, पोटैशियम, कॉपर और मैंगनीज शामिल हैं। जो व्यक्ति के शरीर को पूरी तरह से हाइड्रेट रखने का कार्य करते हैं आइए जानते हैं एलोवेरा जेल को बवासीर बीमारी में किस प्रकार उपयोग करना चाहिए.

बवासीर बीमारी में एलोवेरा को उपयोग में लेने का तरीका

  1. सबसे पहले एलोवेरा को छीलकर उसके अंदर का गुदा निकाल ले.
  2. फिर एलोवेरा जेल के गूदे को हाथों की सहायता से मिक्स करके बेहतर जेल बना ले.
  3. अब इस एलोवेरा जेल को रुई की सहायता से मल त्यागने वाले स्थान पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ इस तरह से कुछ दिन एलोवेरा जेल को उपयोग में लेने से जलन, खुजली, लालपन, और मल त्यागने में आने वाली समस्या से छुटकारा मिल जाएगा.
  4. इसी के साथ में आप एलोवेरा जेल के गूदे को रोज सुबह सेवन में ले तो बवासीर जड़ से खत्म हो जाएगी और मल त्याग के समय किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी.

2. जीरा बवासीर बीमारी को ठीक करने में सहायक

जैसा कि आप सभी लोग जानते होंगे जीरे का सेवन भोजन बनाने में किया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से फायदेमंद होता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि जीरे की सहायता से 20 साल पुरानी बवासीर का इलाज किया जा सकता है जी हां बिल्कुल आप लोगों ने सही सुना जीरे से बवासीर का इलाज संभव है.

cumin-cumin jeera

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

क्योंकि जीरे में विटामिन-सी, विटामिन-के, विटामिन-बी , विटामिन-ई, प्रोटीन, कैल्शियम, मेग्नेशियम, पोटेशियम, जिंक, कॉपर, आयरन, कार्बोहाइड्रेट जैसे तमाम तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को कई प्रकार से स्वस्थ रखते हैं इसीलिए आइए जानते हैं बवासीर में जीरे को किस प्रकार से उपयोग में लेना लाभदायक साबित होता है.

बवासीर बीमारी को ठीक करने के लिए जीरे को उपयोग में लेने का तरीका

  • सबसे पहले आप एक से 2 बड़ा चम्मच जीरा लोहे की कढ़ाई में अच्छी तरह से भूल लें
  • उसके पश्चात जीरे को आवश्यकता अनुसार मिश्री के साथ में पीसकर पाउडर बना लें.
  • अब रोज सुबह इसी पाउडर को एक छोटा चम्मच मट्ठे में डालकर कम से कम 15 दिन तक सेवन में ले तो 20 साल पुरानी से पुरानी बवासीर जड़ से ठीक हो जाएगी.

3. मट्ठा और अजवाइन बवासीर को ठीक करने में सहायक

जैसा कि आप सभी लोग जानते होंगे मट्ठा अच्छे स्वास्थ्य और लीवर के लिए कितना ज्यादा सहायक होता है क्योंकि मट्ठा में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, न्यूनतम लिपिड (फैट), विटामिन और आवश्यक एंजाइम होते हैं जो व्यक्ति को पूरी तरह से हाइड्रेट रखने का कार्य करते हैं.

dahi matha chhacha

इसी के साथ में अजवाइन में प्रोटीन, फैट, फाइबर और मिनरल जैसे कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और निकोटिनिक एसिड मौजूद होते है जो सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद होते हैं इसी के साथ में अजवाइन में antioxidant तत्व पाए जाते हैं जो जमे मल को बाहर निकालने में सहायता करते हैं इसलिए आइए जानते हैं बवासीर में मट्ठा और अजवाइन को किस प्रकार से उपयोग में लेना फायदेमंद साबित होता है.

बवासीर को ठीक करने के लिए मट्ठा और अजवाइन को उपयोग में लेने का तरीका

सबसे पहले आप आवश्यकता अनुसार अजवाइन को पीसकर पाउडर बना लें साथ में काला नमक भी पीस लें. अब इस पाउडर को रोज दोपहर के समय मट्ठा में डालकर सेवन करें तथा अपने भोजन में भी डालकर सेवन मिले तो 1 महीने के अंदर बवासीर की समस्या पूरी तरह से ठीक हो जाएगी और मल त्यागने में भी कोई परेशानी नहीं होगी तथा जलन खुजली जैसी समस्या में राहत महसूस होगी.

4. पके हुए केले बवासीर ठीक करने में सहायक

कच्चे केले की सब्जी, और पके हुए केले दोनों ही हमारे स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से फायदेमंद साबित होते हैं क्योंकि केले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, फाइबर, आयरन, विटामिन बी6, मैग्नीशियम, पोटेशियम, कॉपर, मैंगनीज आदि मौजूद होते हैं।

bananas kela banana

ऐसे में ऊर्जा तथा कैलोरी से भरपूर केले का सेवन करने से कब्ज की समस्या ठीक होती है, साथ में शरीर में ब्लड सरकुलेशन भी बेहतर रहता है और केले की तासीर ठंडी होती है इसीलिए यह बवासीर की बीमारी में बहुत ही ज्यादा सहायक होता है नियमित रूप से पके केले का सेवन करने से मल त्यागने में आसानी हो जाती है तथा इसकी तासीर ठंडी होने के कारण मल त्यागने वाले स्थान में सूजन, जलन, खुजली, जैसी समस्या में भी आराम मिलता है इसलिए जानते बवासीर में केले को किस प्रकार से उपयोग में लेना फायदेमंद बताया गया है.

बवासीर को ठीक करने के लिए केले को सेवन में लेने का तरीका

रोज सुबह खाली पेट दो से तीन पके हुए केले खाने से बवासीर की बीमारी में काफी हद तक आराम मिलता है तथा मल त्याग के समय जलन, खुजली ,पेट में दर्द ,जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है. इसके अलावा दूध में भी पके हुए केले को हल्का सा गुनगुना करके सेवन में लेने से बवासीर की बीमारी में आराम मिलता है.

बवासीर बीमारी में मस्सों का इलाज | Bawasir bimari me masso ka ilaj

लंबे समय तक अगर बवासीर बीमारी का इलाज नहीं अपनाया जाता है तो मल त्यागने वाले स्थान पर स्किन एक ही जगह एकत्रित होकर गांठ बन जाती है जिन्हें मस्सा कहते हैं और यह कुछ समय बाद बड़े हो जाते हैं फिर यह मस्से मल त्यागने वाले अंदर हिस्से से बाहर निकलने लगते हैं.

piles bawaseer

जिन पर जरा सा भी दबाव पड़ने पर यह फूट कर रक्त प्रवाह करने लगते हैं जिसकी वजह से व्यक्ति को अधिक दर्द तथा बैठने उठने के साथ-साथ अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है इसीलिए हम यहां पर बवासीर मस्सों का इलाज क्या होता है इसके विषय में भी बताएंगे.

1. बाबासीर में मस्सों के लिए दवा

स्क्लेरोथेरपी : स्क्लेरोथेरपी प्रक्रिया में डॉक्टर बवासीर के मस्सों को सूखने के लिए दवा देते हैं जिनका डॉक्टर के अनुसार बताए गए सेवन के तरीके से सेवन करने से मस्से धीरे-धीरे सूखने लगते हैं और फिर मस्से सूखकर अपने आप गिर जाते हैं तथा कुछ समय पश्चात मस्सों की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाती हैं.

2. बवासीर मस्से के लिए घरेलू इलाज

सोने से पहले रात में एक बड़ा चम्मच जीरा पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह जीरे को पानी से निकालकर सिलवटें की मदद से पीसकर एक बेहतर लेप बना ले और अब इस लेप को आप मल त्यागने वाले स्थान पर अच्छी तरह से लगा ले तथा बाहर निकले हुए खून से भरे बवासीर मस्से पर भी लगा ले और फिर सूखने के लिए छोड़ दें. जब जीरे का लेप सूख जाए तो रुई की सहायता इस लेप धीरे-धीरे करके हटा दें इसी तरह से कुछ दिन जीरे के लेप को लगाने से मस्से ठीक हो जाते हैं.

FAQ : 20 साल पुरानी बवासीर का इलाज

बावासीर की समस्या कहां होती है ?

अक्सर करके यह समस्या मलाशय के अंदर या फिर गुर्दा के आसपास होती है.

बवासीर कितने प्रकार की होती हैं ?

डॉक्टर के अनुसार बाबासीर के चार प्रकार बताए गए हैं लेकिन प्रमुख तौर पर दो प्रकार की बावासीर पाई जाती हैं प्रथम खूनी बवासीर, जिसमे खूनी बवासीर में मल त्याग के समय व्यक्ति मल की जगह खून निकलता है, तथा बहुत ज्यादा दर्द जलन खुजली महसूस होती है, और दूसरी बांदी बाबासीर होती है, इस बवासीर में व्यक्ति के पेट में हमेशा हल्का हल्का दर्द और गैस की समस्या बनी रहती है.

खूनी बवासीर को जड़ से खत्म करने का इलाज

खूनी बवासीर को जड़ से खत्म करने के लिए काली मिर्च पाउडर त्रिफला चूर्ण पाउडर, भुने हुए जीरे का पाउडर आपस में मिक्स करके रोज सुबह एक छोटा चम्मच पाउडर एक गिलास हल्के गुनगुने पानी में डालकर सेवन करें तो बहुत जल्दी खूनी बवासीर में आराम महसूस होगा.

निष्कर्ष

तो दोस्तों जैसा कि आज हमने आप लोगों को इस लेख के माध्यम से 20 साल पुरानी बवासीर का इलाज के लिए बेहतर से बेहतर इलाज बताने की पूरी कोशिश की है जिसमें हमने आप लोगों को बवासीर होने के कारण, लक्षण, बवासीर किसे कहते हैं, और बवासीर के लिए घरेलू इलाज की संपूर्ण जानकारी विस्तार पूर्वक से बताई है .

अगर आप लोगों ने इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़ा होगा तो आप लोगों को बवासीर बीमारी से संबंधित विशेष जानकारी पूरी तरह से प्राप्त हो गई होगी ऐसे में अगर आप लोग भी बवासीर बीमारी से परेशान हैं तो इस लेख में बताए गए उपाय को अपनाकर बवासीर बीमारी की समस्या से हमेशा के लिए निजात पा सकते हैं .

osir news

तो दोस्तों हम उम्मीद करते हैं आप लोगों को हमारे द्वारा बताइ गई जानकारी पसंद आई होगी और यह लेख आप लोगों के लिए उपयोगी साबित हुआ होगा.

यदि आपको हमारे द्वारा दी गयी यह जानकारी पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों और परिचितों एवं Whats App और फेसबुक मित्रो के साथ नीचे दी गई बटन के माध्यम से अवश्य शेयर करे जिससे वह भी इसके बारे में जान सके और इसका लाभ पाये .

क्योकि आप का एक शेयर किसी की पूरी जिंदगी को बदल सकता हैंऔर इसे अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाने में हमारी मदद करे.

अधिक जानकरी के लिए मुख्य पेज पर जाये : कुछ नया सीखने की जादुई दुनिया

♦ हम से जुड़े ♦
फेसबुक पेज ★ लाइक करे ★
TeleGram चैनल से जुड़े ➤
 कुछ पूछना है?  टेलीग्राम ग्रुप पर पूछे
YouTube चैनल अभी विडियो देखे
यदि आप हमारी कोई नई पोस्ट छोड़ना नही चाहते है तो हमारा फेसबुक पेज को अवश्य लाइक कर ले , यदि आप हमारी वीडियो देखना चाहते है तो हमारा youtube चैनल अवश्य सब्सक्राइब कर ले . यदि आप के मन में हमारे लिये कोई सुझाव या जानकारी है या फिर आप इस वेबसाइट पर अपना प्रचार करना चाहते है तो हमारे संपर्क बाक्स में डाल दे हम जल्द से जल्द उस पर प्रतिक्रिया करेंगे . हमारे ब्लॉग OSir.in को पढ़ने और दोस्तों में शेयर करने के लिए आप का सह्रदय धन्यवाद !
 जादू सीखे   काला जादू सीखे 
पैसे कमाना सीखे  प्यार और रिलेशन 
☘ पढ़े थोडा हटके ☘

लड़की या गर्लफ्रेंड को कैसे हंसाए ? How to make girl or girlfriend laugh?
गर्भ ठहरने की देशी दवा : बच्चा होने के घरेलू नुस्खे | Garbh therne ki desi dawa
बंगाल का काला जादू कैसे सीखें : जादू का बंगाली मंत्र | Bangal ka jadu tona karna sikhe
रत्न शास्त्र : ओपल रत्न कितने दिन में असर दिखाता है ? धारण विधि | Opal ratn kitne din me asar dikhata hai
pdf हनुमान अष्टक के पाठ के लाभ और फायदे? सम्पूर्ण हनुमान अष्टक Benefits of Chanting Hanuman Ashtak pdf Download
★ सम्बंधित लेख ★