चौथे महीने में गर्भ में लड़का होने के लक्षण | लड़का पैदा होने के लक्षण | 4 month pregnancy me ladka hone ke lakshan hindi

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Chauthe mahine me ladka hone ke lakshan kya hai ? किसी भी स्त्री के लिए गर्भ धारण करना और मां बनना एक सुखद pleasant पल होता है परंतु गर्भावस्था के दौरान बहुत सी समस्याएं Problemes भी उत्पन्न हो जाते हैं जिनकी वजह से एक गर्भवती स्त्री को कुछ समस्याओं से गुजरना पड़ता है |

ऐसे में एक गर्भवती स्त्री गर्भ के चौथे महीने में लड़का होने की स्थिति पर होने वाली समस्याएं से अनजान होती है और उस दौरान होने वाली समस्याएं स्त्री के लिए समस्या बन जाती है।

PREGNANT

वैसे तो गर्भवती महिला Ledease के लिए चौथे महीने के बाद हैप्पी सीजन माना जाता है इस नवरात्रि का जी मिचलाता है उल्टियां होती है हालांकि यह प्रक्रिया तीसरे माह में अधिक होती है चौथे माह में धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है आइए हम जानते हैं कि चौथे महीने Fourth month में स्त्री में पल रहे गर्भ के लिए कौन-कौन से लक्षण होते हैं तथा इस दौरान कौन-कौन सी सावधानियां रखनी जरूरी है।


पेट में लड़का है तो उसे कैसे टेस्ट करें ? | How to test if there is a boy in the stomach?

चौथे महीने में गर्भ में लड़का होने के लक्षण अगर किसी महिला को इस बात की जानकारी प्राप्त करनी है कि उसके पेट में जो बच्चा है, वह लड़का है या फिर लड़की है, तो इस बात की जानकारी प्राप्त करने के लिए महिला को सबसे पहले सुबह उठ करके अपने पेशाब को एक गिलास में लेना होगा और फिर उस गिलास के अंदर थोड़ा सा बेब्किंग सोडा मिलाना होगा। इसके बाद आपको इस ग्लास को ध्यान से देखना है।

अगर बेकिंग सोडा को मिलाने के बाद आपके पेशाब में से झाग उत्पन्न होता है तो आपको यह समझ जाना चाहिए कि आपके पेट में जो बच्चा पल रहा है, वह लड़का हो सकता है या फिर उसके लड़का होने की संभावना ज्यादा हो सकती है।

इसके साथ ही कभी-कभी पेशाब के रंग को देखकर भी इस बात की जानकारी प्राप्त की जा सकती है कि पेट में जो बच्चा पल रहा है वह लड़का है या लड़की है।

चौथे महीने में गर्भ में लड़का होने के लक्षण | Chauthe mahine me garbh me ladka hone ke lakshan

जब लड़की गर्भवती हो जाती है, तो उसके साथ-साथ उसके घर वालों को भी इस बात की इंफॉर्मेशन हासिल करने की काफी ज्यादा जल्दी होती है कि, आखिर लड़की के पेट में लड़का है या लड़की। वैसे हम आपको यहां पर एक बात क्लियर कर दें कि, हम लिंग भेदभाव का समर्थन बिल्कुल भी नहीं करते हैं।

यह आर्टिकल चौथे महीने में गर्भ में लड़का होने के लक्षण मे हम आपको सिर्फ जानकारी के लिए बता रहे हैं। कई लोगों की सोच होती है, कि लड़का अगर पैदा होता है, तो लड़का आगे चलकर के उनका नाम रोशन करता है, परंतु अब लड़कियां भी किसी मामले में लड़कों से कम नहीं है।इसलिए लड़का लड़की को एक समान मानना चाहिए।

अगर आप एक महीला है और आप गर्भवती हैं तथा आप यह जानना चाहती हैं, कि चौथे महीने में पेट में लड़का होने के लक्षण क्या है, तो इस आर्टिकल में आपको इसकी पूरी जानकारी मिलेगी।

1: उल्टी कम आना : Less vomiting

यह बात तो सभी लोग जानते हैं कि, जब कोई महिला गर्भवती हो जाती है, तो उसे प्रेग्नेंट होने के कुछ महीनों के बाद बार बार उल्टी आने की समस्या होने लगती है। यहां पर हम आपको बता दें, कि अगर कोई महिला गर्भवती है और उसे काफी ज्यादा मात्रा में उल्टी आती है, तो उसके पेट में लड़की होने की संभावना बहुत ही ज्यादा होती है।

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क्योंकि जब पेट में लड़की होती है, तो उल्टी आने की रफ्तार काफी ज्यादा होती है, वहीं अगर किसी महिला को उल्टी ज्यादा नहीं आती है या फिर बहुत ही कम आती है,तो यह इस बात की ओर संकेत करता है कि उसके पेट में पल रहा बच्चा लड़का हो सकता है।हालांकि यह सौ पर्सेंट सही नहीं हो सकता,परंतु फिर भी ऐसा माना जाता है कि अगर किसी महिला को उल्टी कम आती है तो उसके पेट में जो बच्चा है वह लड़का हो सकता है।

2: हृदय की गति : heart rate

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चौथे महीने में गर्भ में लड़का होने के लक्षण : अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है तो उसके पेट में पल रहे बच्चे की जानकारी अल्ट्रासाउंड के द्वारा प्राप्त की जा सकती है। अगर महिला के पेट में पल रहे बच्चे की हृदय की गति की दर 140 बीट प्रति मिनट की है तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि जो बच्चा महिला के पेट में पल रहा है वह लड़का है।

3: मुहांसे निकलना : getting acne

जब कोई महिला गर्भवती होती है, तो उसकी बॉडी में बहुत सारे बदलाव होते हैं और इसी बदलाव में से एक बदलाव होता है चेहरे पर मुंहासे निकलना।

अगर किसी महिला को गर्भवती होने के बाद कुछ महीनों के बाद चेहरे पर लगातार बड़े-बड़े मुंहासे निकलते हैं तो यह भी इस बात का संकेत माना जा सकता है कि गर्भवती महिला के पेट में जो बच्चा पल रहा है,वह पुरुष यानी कि लड़का हो सकता है।

4: गर्भवती महिला के पेट का आकार : pregnant woman belly size

ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है तो उसके पेट के आकार को देखकर भी इस बात की जानकारी प्राप्त की जा सकती है कि उसके पेट में जो बच्चा है वह लड़का है अथवा लड़की है।

अगर किसी महिला के पेट का जो हिस्सा है वह थोड़ा सा उभरा हुआ है या फिर महिला के पेट के नीचे का हिस्सा फुला हुआ है, तो ऐसा माना जा सकता है कि उसके पेट में लड़का पल रहा है‌।

5: महिला के चेहरे पर निखार आना glow on woman’s face

ऐसा भी कहा जाता है कि, अगर गर्भवती महिला की सुंदरता अचानक बढ़ने लगती है यानी कि उसके चेहरे पर ब्राइटनेस बढ़ने लगती है और उसका चेहरा हमेशा खिला खिला रहता है तो ऐसी अवस्था में भी यह माना जा सकता है कि उसके पेट में पल रहा बच्चा लड़का हो सकता है।

girl ladki beautiful

आपको बता दें कि, इसके अलावा अगर किसी महिला के पेट में लड़का होता है तो उसके हाथ-पैर ठंडे रहने लगते हैं और उसके सर के बाल भी धीरे-धीरे झड़ने लगते हैं। हालांकि बच्चा पैदा हो जाने के बाद यह चीजे सामान्य हो जाती है।

प्रेगनेंसी में क्या करें ? What to do during pregnancy?

हमने आपको ऊपर इस बात की जानकारी दी की गर्भ में चौथे महीने में लड़का होने के लक्षण क्या है। एक बार हम आपको फिर से इस बात को बता दे कि हम लड़का और लड़की में कोई भी भेदभाव नहीं करते हैं। यह आर्टिकल हमने सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा है। नीचे हम आपको यह बता रहे हैं कि, अगर कोई महिला गर्भवती है, तो उसे गर्भवती होने के दरमियान क्या करना चाहिए।

जब कोई महिला गर्भवती हो जाती है, तो उसकी बॉडी में विटामिन, मिनरल और खून की काफी कमी हो जाती है। ऐसी अवस्था में उसकी बॉडी कमजोर होने लगती है और उस महिला को कमजोरी महसूस होने लगती है। इसीलिए गर्भवती होने पर महिला को खून बढ़ाने वाली चीजों का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए।

  • इसके लिए वह चाहे तो अनार के रस का सेवन कर सकती हैं या फिर चुकंदर का सेवन कर सकती हैं।
  • इसके अलावा महिलाएं चाहें तो मल्टी विटामिन की गोली का भी सेवन कर सकती हैं। हालांकि मल्टी विटामिन की गोली खाने की इच्छा रखने वाली महिलाएं आयुर्वेदिक मल्टीविटामिन की गोली ही खाएं, ताकि उनकी बॉडी के ऊपर इसका कोई दुष्प्रभाव ना पड़े।
  • जब कोई महिला गर्भवती हो जाती है,तो वह कमजोरी महसूस करने लगती है और ऐसी अवस्था में वह घरेलू काम करना बंद कर देती है। यहां पर हम आपको बता दें कि, ऐसा आपको बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
  • आपको हल्का-फुल्का घरेलू काम अवश्य करना चाहिए क्योंकि जो महिलाएं ऐसा नहीं करती हैं उन्हें प्रेगनेंसी के दरमियान बहुत ही तकलीफ होती है और ऐसी महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी होने में भी काफी समस्या आती है।हल्का-फुल्का काम करने से आपकी बॉडी एक्टिव रहती है जिसके कारण आपको ज्यादा सुस्ती या फिर आलस नहीं आता है।
  • गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर डॉक्टर से अपना मेडिकल चेकअप अथवा अल्ट्रासाउंड भी अवश्य करवाते रहना चाहिए,क्योंकि मेडिकल चेकअप या अल्ट्रासाउंड करवाने से उन्हें इस बात की जानकारी प्राप्त हो जाएगी कि उनका स्वास्थ्य कैसा है साथ ही उनके पेट में जो बच्चा पल रहा है, उसका स्वास्थ्य कैसा है और उसकी प्रोग्रेस कैसी है।
  • जो भी महिलाएं गर्भवती हैं,उन्हें प्रेगनेंसी से लेकर के पूरे 9 महीने तक कच्चा मांस, अंडा या फिर एक पपीता अथवा करेले का सेवन नहीं करना चाहिए, ना ही उन्हें बाहर की किसी भी प्रकार की चीज का सेवन करना चाहिए, बल्कि उन्हें ताजे फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए,वह भी धो करके।
  • गर्भवती महिलाओं को शराब और सिगरेट का भी सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से उनकी बॉडी में गर्मी पैदा होती है जो बच्चे की हेल्थ के लिए सही नहीं मानी जाती है।

गर्भावस्था के चौथे महीने में कौन सी समस्याएं होती है ? symptoms in the fourth month of pregnancy

गर्भावस्था के चौथे महीने में स्त्री को प्रारंभ में होने वाली कई सारी समस्याएं स्वयं समाप्त हो जाती हैं हालांकि तीसरे महीने में इस तरह की समस्याएं समाप्त हो जाती है चौथे महीने में गर्भ के दौरान कुछ लक्षण देखने को मिलते हैं जो इस प्रकार हैं।

pregnant garbh me bachcha

 

सीने में जलन (हर्टबर्न) होती क्यों होती है ? Why does heartburn happen ?

गर्भावस्था के चौथे महीने में कभी-कभी बहुत सी महिलाओं को सीने में जलन की समस्या उत्पन्न होती है क्योंकि इस दौरान हारमोंस में काफी तेजी से बदलाव होता है जिसकी वजह से सीने में जलन की समस्या होती है।

भूख क्यों बढ़ जाती है ? Why does hunger increase ?

गर्भावस्था के चौथे महीने में बच्चे का वजन बढ़ जाता है और स्त्री को भूख अधिक लगने लगते हैं क्योंकि बच्चा इस दौरान मां के गर्भ से भोजन प्राप्त करता है जिसकी वजह से मां को जल्दी भूख लगने लगती है।

hunger girl with food

अपच की समस्या क्यों होती है ? Why does indigestion occur ?

गर्भावस्था के चौथे महीने में अपच की समस्या उत्पन्न होती है और कभी कभी किसी किसी स्त्री में डिलीवरी के समय तक भी बनी रहती है बहुत सारी स्त्रियों को गर्व के चौथे महीने में कब्ज की समस्या उत्पन्न हो जाने के कारण कई प्रकार की परेशानियों से जूझना पड़ता है अपाचे जैसी समस्या चौथे महीने से ज्यादा प्रारंभ होती है।

एलर्जी की समस्या क्यों होती है ? Why do allergies happen ?

गर्भावस्था के दौरान अक्सर महिलाओं को किसी न किसी चीज से एलर्जी हो जाती है यह एक आम समस्या है और लगभग सभी स्त्रियों के साथ होता है अक्सर देखा जाता है कि गर्भधारण करने के बाद स्त्रियों को प्याज लहसुन व अन्य प्रकार की आदि से एलर्जी होती है। उनके पास यदि कोई भी एलर्जी के सामान रख दे तो वे उससे दूर भागने लगती है उनको अजीब सी गंध महसूस होती है जिसके कारण हम को उल्टी चक्कर आना जैसी समस्या होती है

प्रेगनेंसी के चौथे महीने में शरीर में होने वाले बदलाव क्या हैं ? changes in the body during the fourth month of pregnancy

गर्भावस्था के चौथे महीने में आपकी प्रेगनेंसी आपके बेबी बंप से चलकने लगती है इस दौरान बेबी बंप नजर आने लगता है तथा कई सारे शारीरिक बदलाव दिखाई देते हैं |

girl lough

त्वचा पर बदलाव कैसा होता है ?  changes

चौथे महीने में एक गर्भवती स्त्री के शरीर पर त्वचा में कई प्रकार के बदलाव दिखाई देते हैं क्योंकि इस दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है जिससे कभी-कभी शरीर पर झाइयां भर आती हैं तथा स्तनों पर निपल्स ने कालापन अधिक हो जाता है।

नाक पर सूजन :

गर्भावस्था के चौथे महीने में एस्ट्रोजन हार्मोन ने काफी बदलाव हो जाने के कारण नाक पर सूजन नाक से खून आना या फिर नाक का बंद हो जाना जैसे बदलाव दिखाई देते हैं हालांकि यह समस्या कुछ महिलाओं के साथ होती है सभी महिलाओं के साथ ऐसा कुछ नहीं होता है

बवासीर जैसी समस्या : Problems like hemorrhoids :

back pain

गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के चौथे महीने में बवासीर की समस्या अधिक होती है यदि किसी भी महिला को पहले से ही बवासीर हेतु उसके बवासीर में वृद्धि हो जाते हैं।

गर्भावस्था के चौथा महीने में बच्चे का विकास और आकार कैसा होता है ? baby growth and size 

गर्भावस्था के चौथे महीने में बच्चे का भार बढ़ जाता है विकास अधिक होता है जिसकी वजह से बच्चा गर्भ में हलचल महसूस कराता है चौथे महीने में बच्चे की हलचल प्रारंभ हो जाती है हालांकि इस दौरान गर्भ में शिशु का विकास कितना होता है आइए इस विषय में जानते हैं |

baby girl pregnant

गर्भावस्था के चौथे महीने में गर्भ में पल रहे बच्चे की लंबाई लगभग 6 इंच और आकार एक बड़े संतरा या नींबू के करीब हो जाता है इस दौरान बच्चे का वजन लगभग 113 ग्राम के ऊपर हो सकता है |

चौथे महीने में बच्चे की त्वचा अभी हल्की और पतली होती है परंतु हड्डियों में मजबूती प्रारंभ हो जाती है सिर बाल भौहें पलकें आने शुरू हो जाते हैं कानों का विकास प्रारंभ हो जाता है और बच्चा आवाज सुनना भी प्रारंभ कर देता है।

गर्भावस्था के चौथे महीने में देखभाल कैसे करें ? care in 4th month of pregnancy

चौथे महीने गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास बहुत तेजी से होता है इसलिए इस दौरान एक गर्भवती मां को सबसे ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है क्योंकि निरंतर बच्चे का विकास प्रारंभ हो जाता है इस दौरान एक गर्भवती महिला को क्या खाना और क्या नहीं खाना चाहिए आइए इस विषय में जानते हैं।

फाइबरयुक्त भोजन :

santulit ahar khana anda

गर्भावस्था के चौथे महीने में कब्ज की समस्या लगभग सभी महिलाओं को हो जाती है इससे राहत पाने के लिए फाइबर युक्त भोजन है ज्यादा से ज्यादा सेवन करें तथा साबुत अनाज हरी पत्तेदार सब्जी आदि का सेवन अधिक मात्रा न करें।

फैटी एसिड :

गर्भावस्था के चौथे महीने में फाइबर युक्त भोजन के साथ साथ उचित मात्रा में फैटी एसिड का भी सेवन करना चाहिए जिससे किसी प्रकार का मानसिक प्रभाव ना पड़े और डिलीवरी के समय किसी प्रकार का बच्चे को खतरा ना हो क्योंकि यदि उचित मात्रा में फैटी एसिड नहीं है तो डिलीवरी के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों को खतरा अधिक होता है इसलिए इस दौरान गाय का दूध मूंगफली अंडे मछली स्ट्रॉबेरी आज का सेवन अधिक करें

डेयरी उत्पादों का सेवन क्यों करना चाहिए ? consume dairy products

गर्भावस्था के दौरान सभी महिलाओं को दूध पनीर दही या अन्य प्रकार के कैल्शियम युक्त पदार्थों का सेवन अधिक करना चाहिए जिससे बच्चे और मां का विकास अच्छा हो सके |

anda paneer doodh

प्रोटीन युक्त आहार : Protein rich diet :

किसी भी महिला को गर्भ धारण करने के उपाय उसे प्रोटीन युक्त आहार अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए क्योंकि खानपान से बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा रहता और माह सुरक्षित रहते हैं इसके लिए दाल चना राजमा सोयाबीन जैसी चीजों को अधिक मात्रा में खाएं।

ताजे फलों का सेवन करें : eat fresh fruits

गर्भावस्था एक ऐसी अवस्था होती है जिस दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही जच्चा और बच्चा दोनों के लिए खतरा बन जाती है ऐसे में संतुलित आहार जरूर ले ताजे फल जो विटामिन और खनिज से युक्त हो उनका सेवन अधिक करें |

आयरन युक्त भोजन : Iron rich food

गर्भ में पल रहा बच्चा जैसे-जैसे बड़ा होता है वैसे ही बच्चे की भूख भी बढ़ जाती है इस दौरान बच्चे के विकास के लिए आयरन युक्त भोजन दाल पालक जैसी चीजें अवश्य सेवन करें

गर्भावस्था के चौथे महीने के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए ? fourth month of pregnancy not be eaten ?

जहां एक और गर्भावस्था के दौरान खानपान की व्यवस्था उचित होनी चाहिए वहीं दूसरी ओर गर्भावस्था के दौरान कुछ चीजें नहीं खानी चाहिए क्योंकि इससे गर्भ में पल रहे बच्चे को खतरा हो सकता है साथ ही मां को भी खतरा उत्पन्न हो सकता है .

मैदा से बनी कोई चीज ना खाएं :

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कब्ज और अपच की समस्या बढ़ जाती है ऐसे में मैदा से बनी कोई भी चीज खाने से परहेज करें क्योंकि यह पाचन तंत्र को खराब करता है और कब जी तथा अपच उत्पन्न करता है।

मरकरी युक्त मांस मछली :

यदि आप मछली का सेवन करती हैं तो अधिक मरकरी युक्त मछली के मांस का सेवन ना करें इससे बच्चे को भारी नुकसान हो जाता है कभी-कभी बच्चा गर्भ में ही मर जाता है |

fish-osir.in

बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए : Outside food should not be eaten :

कोई भी गर्भवती महिला चाहे जितना उसकी इच्छा होगी वह बाहर से खाना मंगा कर खा ले परंतु गर्भावस्था के दौरान फास्ट फूड जंक फूड जैसी कोई चीज ना खाएं क्योंकि हो सकता है कभी-कभी भोजन भी साफ तो हो और महिला फूड प्वाइजन का शिकार हो जाए

गर्भावस्था के चौथे महीने के लिए व्यायाम क्यों आवश्यक है ? Exercise important

हालांकि व्यायाम करना एक अच्छी आदत है परंतु गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक व्यायाम करना नुकसान होगा इसलिए चौथे महीने के बाद गर्भवती महिलाएं व्यायाम करने से परहेज करें यदि करना भी है तो बहुत ही हल्के व्यायाम करें।

अधिक देर तक सैर ना करें : Do not walk for long

गर्भावस्था के दौरान सैर करना लाभकारी तो है परंतु अधिक देर तक सैर नहीं करना चाहिए। यदि आपके साथ करना ही है तो आप 10 मिनट से आधे घंटे तक कहीं करें।

योग कम करें :

चौथे महीने गर्भावस्था के बाद किसी भी स्त्री के लिए योग करना लाभकारी नहीं हो सकता यदि करना ही है तो कम समय में ध्यान मुद्रा में रहकर योग करते थे।

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