संपूर्ण जानकारी : कृष्ण पक्ष क्या है? शुरुआत और अंत की कब होता है? | krishna paksha

Krishna paksha | कृष्ण पक्ष : हेलो दोस्तो नमस्कार स्वागत है आपका हमारे आज के इस नए लेख में आज हम आप लोगों को इस लेख के माध्यम से Krishna pakshaके बारे में बताने वाले हैं सबसे पहले हम आपको बता दें कि पक्ष होता क्या है हमारे हिंदू धर्म के अनुसार ऐसा बताया गया है कि ज्योतिष शास्त्र में एक कैलेंडर होता है जिसके प्रत्येक चंद्र को दो पक्ष में बांटा गया है पक्ष एक चंद्र पखवाड़ा होता है.



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जो कि लगभग 14 दिनों तक चलता है इसी प्रकार कई प्रकार के पक्ष का अर्थ होता है 1 महीने का एक पक्ष यह फिर शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष होता है पक्ष चंद्रमा का चरण कहलाता है हमारे हिंदू धर्म में ऐसा कहा जाता है कि किसी खास अवसर पर तिथियों की विशेष भूमिका होती है हमारे हिंदू धर्म के पंचांग में भी हिंदू कैलेंडर चलता है पंचांग दैनिक अर्थात मासिक होता है उसी प्रकार कृष्ण पक्ष हिंदू काल गणना के अनुसार 14 दिन का होता है.

कृष्ण पक्ष पूर्णिमा या फिर अमावस्या तक होता है पूर्णिमा अथवा अमावस्या के बीच वाले हिस्से को ही कृष्णपक्ष कहते हैं ऐसा कहा गया है कि जिस दिन से पूर्णिमा तिथि शुरू होती है उसके अगले दिन से कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो जाती है और समाप्ति में जब अमावस्या तिथि आने वाली होती है तो उसके 15 दिन तक कृष्ण पक्ष रहता है. इसीलिए आज हम आप लोगों को इस लेख के माध्यम से Krishna paksha के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं.

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कृष्ण पक्ष क्या होता है ? कृष्ण पक्ष की तिथि क्या होती है ? कृष्ण पक्ष की शुरुआत कब हुई थी ? इन सभी विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे अगर आप में से कोई भी व्यक्ति कृष्ण पक्ष के बारे में संपूर्ण जानकारी चाहता है तो वह हमारे इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़े ताकि उसे कृष्ण पक्ष की संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके.

कृष्ण पक्ष का अर्थ | Krishna Paksh ka Arth

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तो चलिए अब हम आप लोगों को कृष्ण पक्ष का अर्थ क्या होता है इसके बारे में जानकारी देंगे कृष्ण पक्ष का अर्थ कहते हैं कृष्ण दोनों स्वयं भगवान विष्णु एवं राम के नाम से जाने जाते हैं इसीलिए कृष्ण को विष्णु और राम के रूप में भी देखा गया है. भगवान विष्णु (कृष्ण / राम) के नाम हैं।

कृष्ण पक्ष | Krishna paksha

हमारे हिंदू धर्म में तिथि और दिनांक का बहुत ही महत्व ना जाता है हमारे हिंदू धर्म के पंचांग कैलेंडर में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों के बारे में बताया गया है अगर कृष्ण पक्ष के बारे में बात की जाए तो हमारे हिंदू धर्म के दैनिक पंचांग में जहां एक विशेष दिन का मासिक पंचांग में पूरे महीने का वितरण दिया जाता है वहीं पर हिंदू पंचांग में 1 महीने को 30 दिन का वितरण दिया जाता है उसी प्रकार 30 दिनों को अलग-अलग दो पक्षों में विभाजित किया जाए.

तो उसी में 15 दिनों का एक पक्ष यानी की शुक्ल पक्ष और 15 दिनों का एक पक्ष यानी कि कृष्ण पक्ष माना जाता है चंद्रमा के आकार के अनुसार ही शुक्ल और कृष्ण पक्ष की गणना की गई है. तो चलिए अब हम आप लोगों को कृष्ण पक्ष के बारे में जानकारी देते हैं हमारे हिंदू पंचांग के अनुसार ऐसा कहा गया है कि पूर्णिमा और अमावस्या के बीच में आने वाला पक्ष ही कृष्ण पक्ष कहलाता है.

अर्थात पूर्णिमा के अगले दिन से ही कृष्ण पक्ष की शुरुआत होती है और अमावस्या के दिन तक कृष्ण पक्ष की तिथि होती है. कृष्ण पक्ष एक ऐसी तिथि और पक्ष है जिसमें सभी शुभ कार्य करना होता है. कृष्ण पक्ष में आप कोई भी शुभ कार्य नहीं कर सकते हैं क्योंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा कहा गया है कि कृष्ण पक्ष में चंद्रमा के घटते चरण को बताया गया है जिसकी वजह से ऐसे में शुभ कार्य मना होता है.

हिंदू पंचांग के अनुसार कहा गया है कि पूर्णिमा के बाद जितने भी दिन आते हैं वह सब बढ़ जाते हैं क्योंकि पूर्णिमा के बाद की चंद्रमा की रोशनी कमजोर होने लगती है जिसके कारण चंद्रमा के आकार और प्रकाश के कम होने के साथ-साथ पूर्णिमा के बाद की सभी रातें काली पड़ने लगती है इसीलिए कृष्ण पक्ष को शुभ पक्ष नहीं माना जाता है कृष्ण पक्ष में पूर्णिमा के 15 दिन की तिथि गणना की गई है जो कि इस प्रकार है ;

कृष्ण पक्ष की 15 तिथि | Krishna Paksh ki 15 Tithi

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  1. पूर्णिमा
  2. प्रतिपदा
  3. प्रतिपदा
  4. तृतीय
  5. चतुर्थी
  6. पंचमी
  7. छठवीं
  8. सप्तमी
  9. अष्टमी
  10. नवमी
  11. दशमी
  12. एकादशी
  13. द्वादशी
  14. त्रयोदशी
  15. चतुर्दशी

एक महीने में कितने पक्ष होते हैं ? | 1 mahine mein kitne Paksh Hote Hain ?

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अगर आप इसे कोई भी व्यक्ति यह जानना चाहता है कि 1 महीने में कितने पक्ष होते हैं तो आज हम आपको एक महीने में कितने पक्ष होते हमें जानकारी देंगे हमारे हिंदू धर्म के पंचांग में कैलेंडर के अनुसार हर महीने के 30 दिन की गणना की गई है उन 30 दिनों को चंद्रमा की गति के अनुसार रखकर ही पक्षों का विभाजन किया गया है चंद्रमा के आकार बदलने के कारण 30 को दो पक्षों में विभाजित कर दिया गया है उन्हें ही कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष कहते हैं.

कृष्ण पक्ष की शुरुआत | Krishna Paksh ki shuruaat

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

कृष्ण पक्ष के बारे में एक कथा बहुत ही प्रचलित है जो शास्त्रों की गणना के अनुसार बताई गई है शास्त्रों के मुताबिक कृष्ण पक्ष में कहा गया है कि दक्ष प्रजापति की 27 बेटियां थी. 27 बेटियों का विवाह राजा दक्ष प्रजापति ने चंद्रमा के साथ किया था राजा दक्ष प्रजापति की 27 बेटियां वह सभी 27 नक्षत्र से जुड़ी थी चंद्रमा देवता की 27 पत्नियां थी और उन 27 पत्नियों में से सबसे ज्यादा चंद्रमा देवता रोहिणी से प्रेम करते थे.

बाकी की 26 पत्नियों से चंद्रमा देवता हमेशा बहुत ही गलत व्यवहार के साथ बात करते थे उनसे हमेशा रुष्ट रहते थे कुछ दिनों तक तो उन्होंने चंद्रमा के दुष्ट व्यवहार को सहा लेकिन कुछ दिन बाद चंद्रमा की 26 पत्नियों ने अपने पिता दक्ष प्रजापति से चंद्रमा की शिकायत की शिकायत करने के पश्चात राजा दक्ष प्रजापति ने चंद्रमा को बहुत जोर की फटकार लगाई और कहा कि सभी पुत्रियों के साथ समान व्यवहार किया करो.

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राजा दक्ष प्रजापति की बात सुनकर चंद्रमा उनकी बात को मान गए लेकिन तभी भी चंद्रमा का प्रेम रोहिणी के प्रति कम नहीं हुआ था राजा दक्ष प्रजापति के इतना कहने के बावजूद भी वह अपनी पत्नियों को नजरअंदाज करते रहे कुछ दिन बाद फिर से इस बात को लेकर राजा दक्ष प्रजापति गुस्से में थे और चंद्रमा को क्षय रोग का श्राप दे दिया था .

जैसे ही राजा दक्ष प्रजापति ने चंद्रमा को क्षय रोग का श्राप दिया उसी शराब के चलते चंद्रमा का तेज धीरे-धीरे मध्यम होने लगा तभी से कृष्ण पक्ष की शुरुआत हुई थी इसीलिए पूर्णिमा और अमावस्या के बीच में चंद्रमा बहुत ही धीरे तेज में रहता है.

कृष्ण पक्ष में जन्म | Krishna Paksh Mein Janme

अगर आप में से कोई भी व्यक्ति या जानना चाहता है कि कृष्ण पक्ष में जन्मे लोग कौन से स्वभाव के होते हैं या फिर कृष्ण पक्ष में जन्मे लोग अच्छे होते हैं या नहीं कृष्ण पक्ष में जन्मे लोग अंधेरी रात वाले होते हैं जिन्हें निष्ठुर, द्वेषी स्वभाव, क्रूरम अर्थात वह ज्यादा सुंदर नहीं होते हैं लेकिन जो भी व्यक्ति कृष्ण पक्ष में जन्मे होते हैं वह बहुत ही परिश्रमी होते हैं उन्हें मेहनत करना अच्छा लगता है और वह बहुत अधिक मेहनत करते हैं.

FAQ : krishna paksha

कृष्ण पक्ष कौन सा होता है?

अगर आप लोग यह जानना चाहते हैं कि कृष्ण पक्ष कौन सा होता है शास्त्रों के मुताबिक ऐसा कहा गया है कि पूर्णिमा और अमावस्या के बीच का समय कृष्ण पक्ष का होता है इस बीच में आप कोई भी शुभ कार्य नहीं कर सकते हैं.

कृष्ण पक्ष कब से शुरू होता है?

कृष्ण पक्ष की शुरुआत पूर्णिमा के अगले दिन से होती हैं पूर्णिमा के दिनों में रातों को अंधेरी रात होती है.

कौन सा पक्ष शुभ होता है ?

शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में से शुक्ल पक्ष श्रेष्ठ माना जाता है कृष्ण पक्ष में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जा सकता जबकि शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं.

निष्कर्ष

दोस्तों जैसा कि आज हमने आप लोगों को इस लेख के माध्यम से krishna paksha के बारे में बताया इसके अलावा कृष्ण पक्ष का अर्थ क्या है कृष्ण पक्ष की 15 तिथि कौन सी है कृष्ण पक्ष में कितने पक्ष होते हैं कृष्ण पक्ष की शुरुआत अर्थात कृष्ण पक्ष में जन्मे लोग कैसे होते हैं आदि विषयों के बारे में जानकारी दी है.

अगर आपने हमारे इस लेख को अच्छे से पढ़ा है तो आपको इन सभी विषयों के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई होगी उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी होगी और आपके लिए उपयोगी भी साबित हुई होगी .

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