गर्भ में बच्चा किस तरफ रहता है दांये या बांये ? Which side is the boy in the womb right or left ?

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Garbh me bachha kis side me rahta hai ? वैवाहिक जीवन में एक लड़की के लिए मां बनना काफी सुखद होता है |जब कोई भी लड़की पहली बार मां बनती है तब उसके लिए उसके मन में यह सवाल अक्सर उत्पन्न होता है कि गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की | Garbh me bachha daye rahta hai ya fir baye ? Bachha kis side hai kaise jane ?  चलिए अब जानते है कि गर्भ में बच्चा किस तरफ रहता है दांये या बांये ?

पहली बार मां बनने वाली लड़कियां अक्सर यह सोचती रहती हैं की गर्भ में पल रहा बच्चा कैसा होगा लड़की होगी या लड़का| हालांकि यह सबको पता होना चाहिए कि बच्चे को गर्भ में धारण होने के बाद कम से कम 3 माह तक बच्चे के लिंग का पता नहीं लगाया जा सकता है| क्योंकि 3 माह तक केवल बच्चा भ्रूण अवस्था में रहता है|

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3 महीने बाद बच्चे के लिंग व अन्य अंग बनने लगते हैं पूर्ण रूप से जानकारी 5 महीने के बाद ही प्राप्त हो सकती है अर्थात 5 महीने बाद हम यदि  जांच करवाते हैं तो उसमें लिंग का पता चल जाता है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़की है या लड़का|

अब आइए जानते हैं कि गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है तो किस साइड में होगा और लड़की है तो किस साइड में होगी तथा गर्भ में पल रहा बच्चा किस प्रकार की एक्टिविटी करता है|

गर्भ में लड़का किस साइड होता है ? Which side is the boy in the womb?

एक गर्भवती महिला के लिए लड़के की पहचान करने के लिए प्रेगनेंसी के 5 महीने बाद कुछ ऐसी क्रिया होने लगती है जिससे हम यह पता कर सकते हैं किगर्भ  में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की| यदि 5 महीने बाद गर्भ में बच्चा अपने पांव सीधे या सीधे हाथ पैर की ओर पेट में अधिक भार और खिंचाव महसूस करता है तो निश्चित है कि गर्भ में जो बच्चा पल रहा है वह लड़का ही है|

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Pregnant

इसके अलावा यदि गर्भ में लड़का है तो अल्ट्रासाउंड जांच से पता चलेगा कि शिशु का जन्म सिर हाथ की तरफ सीधा होता है इससे पता चल जाता है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का ही है|

यदि आपको यह पता चल गया है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है तो आप इस बच्चे के लिए क्या करेंगे अर्थात गर्भ में पल रहे बच्चे को अब विशेष ध्यान देने की जरूरत है|

कुछ आवश्यक ध्यान देने योग्य बातें आपको जानना भी जरूरी है जैसे बच्चा स्वस्थ कैसे रहे ? गर्भ के दौरान कौन-कौन सी सावधानी करनी चाहिए ? प्रेगनेंसी के बाद बच्चे के लिए क्या क्या भोजन में प्रयोग करें तथा डिलीवरी के समय क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए इन बातों को भी जानना आवश्यक हो जाता है|

आइए जानते हैं गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए मन में उठने वाले सवालों के जवाब

गर्भावस्था के दौरान घरेलु कार्यों पर ध्यान दें  : focus on household tasks

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि इस दौरान महिला के साथ कई बदलाव होते हैं जैसे शिशु का वजन बढ़ने के कारण महिला के पेट का वजन भी बढ़ जाता है |

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इसलिए गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को घरेलू कार्यों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है|गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान अपना शारीरिक संतुलन अवश्य बनाएं|

इस दौरान किसी भी प्रकार की चिंता ,तनाव आदि ना करें तथा भारी भरकम वजन ना उठाएं जिससे किसी भी प्रकार की थकान नहीं महसूस होगी और बच्चे के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा|

हल्के एवं छोटे-छोटे कार्य करें गर्भावस्था के दौरान महिलाएं घरेलू कार्य जो छोटे हो और हल्की हो उन्हें ही करें जैसे सब्जी काटे झाड़ू लगाएं पहुंचा करें परंतु ध्यान रहे झाड़ू पोछा लगाते समय शरीर झुकाव ज्यादा ना रहे क्योंकि बच्चे पर बुरा असर पड़ता है

गर्भावस्था के दौरान खान-पान पर ध्यान दें :focus on diet 

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गर्भवती महिलाएं अक्सर अपने खानपान पर ध्यान नहीं देती हैं जिसकी वजह से गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा असर पड़ने के कारण जन्म के बाद कुपोषण जैसी शिकायत हो जाती है |

इस दौरान तले भुने केमिकल युक्त भोजन ना करें इसके बजाएं फाइबर युक्त हरी सब्जियां जैसे भोजन ज्यादा से ज्यादा करें|

गर्भावस्था के दौरान शारीरिक सक्रियता पर ध्यान दें  :focus on physical activity 

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गर्भ के दौरान प्रत्येक महिला को चाहिए कि अपने शारीरिक परिश्रम पर जरूर ध्यान दें तात्पर्य यह है कि भारी भरकम वजन ना उठाएं तथा व्यायाम यदि करती है  |

तो व्यायाम कम समय के लिए करें परंतु शारीरिक सक्रियता जरूरी है जिससे कई तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है|

गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड तथा आयरन अवश्य लें :Be sure to take folic acid and iron 

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जो महिलाएं पहली बार गर्भवती हुई हैं उनके लिए विशेष बातें यह है कि गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड तथा आयरन जैसी चीजों को अवश्य लें क्योंकि महिलाओं में अक्सर आयरन की कमी हो जाती है}

जिसकी वजह से डिलीवरी के समय अधिक कष्ट होता है ऐसे में इस कष्ट से बचने के लिए निरंतर चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ फोलिक एसिड और आयरन की गोलियां खाती रहे|

गर्भावस्था के दौरान यौन क्रिया न करें  do not have sex

महिलाएं अक्सर गर्भावस्था के दौरान भी यौन क्रिया करती  हैं हालांकि महिलाएं भले ही इच्छा ना करें परंतु पुरुष की जिद पर कभी कभार यह काम  अवश्य कर लेती हैं} ऐसे में पति और पत्नी दोनों को गंभीर होकर रहना चाहिए और ध्यान दें कि कम से कम गर्भावस्था के दौरान यौन क्रिया बिल्कुल ना करें|

क्योंकि यदि आप यौन किया करते हैं तो गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर पड़ेगा | कभी कभार यह भी होता है कि प्रेगनेंसी के छह-सात माह बाद गर्भपात हो जाता है अर्थात गर्भपात की संभावना होती  है |

गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार का तनाव ना करें : don’t stress

पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को बच्चे को लेकर काफी तनाव होता है इसलिए यह बात विशेष ध्यान देने योग्य है कि गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की चिंता या तनाव ना करें इससे शरीर पर बुरा असर पड़ता है upset tanav tensionऔर बच्चे के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है चिंता और तनाव के कारण भी कभी-कभी गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है|

गर्भ में यदि लड़की है तो आप क्या करें ? What will you do if there is a girl in the womb

यदि किसी भी महिला को गर्भ में पल रहे शिशु के बारे में यह पता चल जाता है कि जन्म लेने वाला बच्चा लड़का है तो वह खुशी से नाचते हैं परंतु उन्हें लड़की होने का पता चलता है तो चेहरे पर चिंता के भाव उभर आते हैं |

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यदि आपको यह पता चलता है कि गर्भ में लड़की है तो आप चिंता बिल्कुल ना करें क्योंकि लड़का और लड़की होना यह आप पर निर्भर करता है इस प्रश्न के उत्तर के लिए आप मेरे अगले आर्टिकल में प्रश्न पूछ कर समाधान कर सकते हैं|

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गर्भ में पल रही यदि लड़की है तो आप इससे परेशान न हो क्योंकि जन्म देने वाली मां एक लड़की ही है |जरा सोचिये  कि लड़की होना आज के  दौरान बुरा नहीं है क्योंकि जब तक एक लड़की नहीं होगी तो एक नई पीढ़ी जन्म कैसे ले सकती है|

इस तथ्य को स्पष्ट करने के लिए मैं आपको हिटलर के द्वारा कही गई एक बात को याद दिलाता हूं| हिटलर ने कहा था कि यदि मां चाहते हो तो एक लड़की की सुरक्षा करना जरूरी है अर्थात यदि लड़की नहीं होगी तो हम मां कैसे प्राप्त करेंगे|

बच्चा गर्भ में हलचल क्यों करता है ? Why does the baby move in the womb?

वास्तव में गर्भावस्था के दौरान बच्चा पेट में हिलता डुलता  रहता है इसका कारण यह नहीं है कि बच्चे का हिलना डुलना आवश्यक है बल्कि बच्चा इसलिए हिलता डुलता रहता है क्योंकि जब जब गर्भ बड़ा होता है बच्चे का आकार बड़ा होता रहता है|

celebrate girlfriend

 

  • जिसकी वजह से बच्चे के अंग हिलते डुलते रहते हैं जब कोई भी महिला पहली बार गर्भवती होती है तो वह अपने बच्चे को कैसे जाने कि की गर्भ में बच्चा हिलडुल रहा |है
  • इसके अलावा बच्चा गर्भ में इसलिए हिलता डुलता रहता है कि जब आप कोई काम कर रहे हैं तो काम में व्यस्त रहते हैं तो उस समय आपको कुछ भी महसूस नहीं होता है |
  • परंतु जब आप शांत और आरामदायक स्थिति में होती हैं तब आप महसूस करेंगे कि बच्चा पेट में इधर-उधर हिलडुल रहा है |
  • गर्भ में बच्चा लगभग 3 महीने के बाद अधिक वृद्धि करता है और 5 महीने के बाद बच्चा वजन में वृद्धि करते हुए बड़ा होता है जिसके उसके अंग पेट में इधर-उधर मिलते जुलते रहते हैं|

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