नसों की कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक दवा का नाम और सेवन विधि एवं योग | Naso ki kamjori ke liye ayurvedic dawa

नसों की कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक दवा | Naso ki kamjori ke liye ayurvedic dawa : नसों की कमजोरी अर्थात शरीर की कमजोरी होने पर व्यक्ति संपूर्ण शरीर से बिखर जाता है क्योंकि शरीर में हमारी मांस पेशियां कार्य करने में अक्षम हो जाती हैं और हम दिन प्रतिदिन अपनी ऊर्जा को खो देते हैं.

नसों की कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक दवा | Naso ki kamjori ke liye ayurvedic dawa

ऐसे में नसों की कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक दवा से सभी प्रकार की समस्याएं दूर कर सकते हैं। दोस्तों जब भी हमें किसी भी प्रकार की शारीरिक कमजोरी महसूस होने लगे और काम करने में हम आलस्य महसूस करने लगे तो समझ लेना चाहिए कि हमारे अंदर कई प्रकार की समस्याएं नसों की कमजोरी की वजह से हो चुकी हैं।

किसी भी प्रकार से शरीर में नसों की कमजोरी के कारण हम गंभीर बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। हमारे शरीर में नसें जब कमजोर होती हैं तो निश्चित रूप से रक्त संचार बाधित होता है क्योंकि इन्हीं के माध्यम से संपूर्ण खानपान शरीर के सभी हिस्सों में पहुंचता है हमारे शरीर की महत्वपूर्ण प्राणवायु ऑक्सीजन भी नसों के माध्यम से ही हैं.

शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच जाती है। सबसे ज्यादा नसों के माध्यम से खून का बहना रुक जाता है जिससे शरीर पूरी तरह से टूटने लगता है इसलिए नसों की मजबूती जरूरी है।

नसों की कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक दवा | Naso ki kamjori ke liye ayurvedic dawa

दोस्तों शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए विभिन्न प्रकार का खानपान, दिनचर्या व्यायाम दवा आदि बेहद जरूरी होती है कुछ लोग नसों की कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक दवा का प्रयोग करते हैं तो कुछ लोग अन्य कई प्रकार की दवाएं शारीरिक मजबूती के लिए करते हैं।

अगर आप अपनी नसों की कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक दवा की जरूरत चाहते हैं तो हम आपको यहां पर कुछ आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में जानकारी देंगे। दोस्तों हमारे शरीर में जब भी कोई बीमारी होती है तो यह मान लेना जरूरी है कि कहीं ना कहीं हमारी कोई नस कमजोर हो चुकी है.


नसों की कमजोरी

चाहे वह हृदय से संबंधित रोग हो प्रजनन तंत्र हो स्वसन तंत्र हो या पाचन तंत्र हो जब भी हमें किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है तो उस अंग की नसें कमजोर होने की वजह से होता है। इसीलिए हमेशा सबसे महत्वपूर्ण बात खान-पान पर ध्यान देना जरूरी होता है।

शारीरिक कमजोरी का प्रमुख कारण हमारा खान-पान और दिनचर्या होती हैं, हम आज के समय में व्यस्त जिंदगी के चलते हैं ना तो सही से खानपान कर पाते हैं और ना ही समय पर कोई काम कर पाते हैं जिसके चलते शरीर में नसों की कमजोरी प्रारंभ हो जाती है और धीरे-धीरे कोई न कोई विशेष रोग बन जाता है जो हमारे लिए घातक परिणाम देते हैं।

क्या आप की नसें कमजोर हो गई हैं जिनकी वजह से शरीर पूरी तरह से दुबला पतला हो गया है क्या नसों की कमजोरी के कारण आप काम करने में अक्षम हो गए हैं हर वक्त आपको आलस से बना रहता है शारीरिक दर्द बना रहता है इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए नसों की कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक दवा का प्रयोग करें और शारीरिक रूप से हष्ट पुष्ट रहे।

1. अश्वगंधा का सेवन

दोस्तों शरीर को पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त हष्ट पुष्ट ताकतवर और मजबूत बनाए रखने के लिए अश्वगंधा एक महत्वपूर्ण नसों की कमजोरी को दूर करने की दवा है आज के समय में अश्वगंधा का पाउडर और कैप्सूल दोनों बाजार में उपलब्ध है यह एक नसों की कमजोरी दूर करने के लिए आयुर्वेदिक दवा है।

अपनी नसों की कमजोरी दूर करने या शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए अश्वगंधा पाउडर का सेवन प्रतिदिन सुबह-शाम दूध के साथ करें यह स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।

2. शिलाजीत कैप्सूल

नसों की कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक दवा शिलाजीत कैप्सूल अश्वगंधा की भांति बहुत ही शक्तिशाली और रामबाण औषधि है जय पहाड़ों के पत्थरों से निकलने वाला एक राल है जिसको विभिन्न प्रकार की कंपनियों द्वारा शुद्ध करके कैप्सूल के रूप में तैयार किया गया है पतंजलि शिलाजीत कैप्सूल भी बाजार में उपलब्ध है।

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शिलाजीत को सेवन करने से व्यक्ति के शरीर को पूर्ण रूप से ताकत प्राप्त होती है किसी भी प्रकार की शारीरिक बीमारी से छुटकारा देती है शिलाजीत कैप्सूल प्रतिदिन दूध के साथ सेवन करें इसके अलावा अब डॉक्टर की सलाह से शिलाजीत कैप्सूल ले सकते हैं।

3. पुनर्नवा या सफेद मूसली

दोस्तों पुनर्नवा सफेद मूसली अथवा लाल मूसली यह सभी नसों की कमजोरी दूर करने के लिए आयुर्वेदिक दवा के रूप में मिलती है सफेद मूसली का पाउडर या कैप्सूल कोई भी बाजार से ले सकते हैं। जिस प्रकार से अश्वगंधा शिलाजीत हमारे लिए बेहद ताकतवर दवाएं होती हैं उसी तरह से सफेद मूसली भी व्यक्ति के अंदर अभूतपूर्व ताकत पैदा करती है।

सफेद मूसली का पाउडर हमेशा एक एक चम्मच दूध के साथ लिया जाता है अगर आपको दूध नहीं मिल पाता है तो आप गर्म पानी के साथ भी इसका सेवन कर सकते हैं यह हमारे शरीर के सभी प्रकार के रोगों को ठीक करती है प्रमुख रूप से जननांगों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या को दूर करने के लिए एक रामबाण औषधि है।

4. च्यवनप्राश

च्यवनप्राश एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बना नसों की कमजोरी दूर करने के लिए होता है च्यवनप्राश में कई प्रकार की एटी-इंफ्लेमेटरी रोग प्रतिरोधक गुण होते हैं इसका सेवन करने से मनुष्य का हृदय, स्वास्थ्य, पाचन और चयापचय, खांसी और सर्दी आदि की समस्या दूर हो जाती है।

च्यवनप्राश dabur

जब भी हम शारीरिक रूप से अपने को कमजोर महसूस करते हैं तो उसको मजबूती देने के लिए हमेशा च्यवनप्राश का प्रयोग करना जरूरी होता है च्यवनप्राश को हमेशा एक से दो चम्मच सुबह-शाम दूध के साथ ले सकते हैं अथवा सादे पानी के साथ भी खा सकते हैं जिससे आपकी कमजोर नसें मजबूत होंगी और शरीर में उर्जा ताकत आएगी शरीर हष्ट पुष्ट और स्वस्थ रहेगा।

5. कैमोमाईल की पत्तियां

कैमोमाइल में anti-inflammatory और एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं यह शरीर के किसी भी हिस्से में घाव सूजन दर्द जैसी समस्याएं हैं उनको ठीक करने के लिए एक रामबाण औषधि मानी जाती है जिसे सदियों से प्रयोग किया जाता रहा है। कैमोमाइल की पत्तियों को पानी में भरकर उबाल ले और उसके बाद कुछ समय के लिए रख दें।

इसके बाद इसको छान लें और इसमें आधा चम्मच या एक चम्मच शहद मिलाकर गुनगुना पानी पी ले इससे नसों की कमजोरी भी दूर होगी और शरीर की सूजन दर्द आदि समस्याएं भी समाप्त हो जाएंगी।

6. फाइबर युक्त खाद्य सामग्री

दोस्तों हमारे शरीर में नसों की कमजोरी उस वक्त प्रारंभ हो जाती है जब हमारा पाचन तंत्र गड़बड़ हो जाता है इसलिए सबसे ज्यादा हमको अपने पाचन तंत्र पर भी ध्यान देना जरूरी है प्रमुख रूप से हम अपने ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं।

strawberry

फाइबर युक्त भोजन के रूप में हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली ओटमील, ब्राउन राइस, स्ट्रॉबेरी, गोभी, अनानास, संतरा आदि चीजों का सेवन भोजन के साथ अवश्य करें यह सभी चीजें पाचन तंत्र को मजबूत बनाती हैं जिससे शरीर में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होती और नशे कमजोर नहीं होती।

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7. सूखा मेवा का प्रयोग करें

नसों की कमजोरी दूर करने की आयुर्वेदिक दवा के रूप में सूखा मेवा बहुत ही लाभदायक होता है सूखा मेवा के रूप में बादाम अखरोट काजू पिस्ता खजूर किसमिस छुहारा अंजीर जैसी चीजें में बहुत महत्वपूर्ण होती हैं इनका सेवन करने से शरीर मजबूत होता है ऊर्जा मिलती है और कभी भी शरीर के किसी भी हिस्से की नसे कमजोर नहीं होती हैं।

वास्तव में सूखा मेवा में ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन, प्रोटीन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैल्शियम आदि महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं जो शरीर के लिए विशेष अनिवार्य होते हैं इसलिए इन सूखा मेवा को दिन प्रतिदिन लेना जरूरी होता है। यह सभी चीजें नसों की कमजोरी दूर करने के लिए आयुर्वेदिक दवाएं हैं।

8. दूध के साथ मिश्री आदि

दोस्तों जहां एक तरफ दूध को पूर्ण भोजन माना जाता है वहीं दूसरी तरफ अगर इसको हम दिन प्रतिदिन मिश्री के साथ सेवन करते हैं तो शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा और ताकत मिलती है इसके अलावा दूध के साथ केला अंडा तथा अन्य फल फूल लेने से शरीर मजबूत बनता है.

milk dudh

शरीर की नसें या मांसपेशियां कमजोर नहीं होती है। दूध में मिश्री के साथ देसी घी का प्रयोग भी किया जाता है इन सभी चीजों को एक साथ दूध में लेने से व्यक्ति के शरीर की नसें कमजोर नहीं होती हैं तथा किसी अन्य बड़ी समस्या से भी छुटकारा मिलता है

9. हल्दी युक्त दूध पिएं

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

शरीर की नसों की कमजोरी के लिए हल्दी एक रामबाण आयुर्वेदिक औषधि मानी जाती है आयुर्वेद कहता है कि नसों की कमजोरी हो या शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द सूजन जलन या अन्य कोई समस्या है तो हल्दी युक्त दूध पीने से बहुत ही ज्यादा आराम मिलता है और समस्या समाप्त हो जाती है.

क्योंकि हल्दी में विभिन्न प्रकार के एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो विभिन्न प्रकार के संक्रमण से लड़ने के लिए रामबाण औषधि है।

10. सेंधा नमक

वैसे तो हम सभी सब्जी दाल आदि के रूप में नमक का प्रयोग करते हैं लेकिन सेंधा नमक बहुत कम हम लोग खाते पीते हैं सामान्य नमक की अपेक्षा सेंधा नमक नसों की कमजोरी दूर करने के लिए आयुर्वेदिक दवा है। सेंधा नमक में मैग्नीशियम तथा सल्फेट अधिक मात्रा में होता है जो नसों की कमजोरी दूर कर देता है।

black salt

नसों की कमजोरी दूर करने के लिए सेंधा नमक को भोजन के रूप में प्रयोग करें अथवा नहाने के पानी में एक चुटकी सेंधा नमक डाल दें और स्नान करें इससे शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द सूजन जैसी समस्या दूर होती है जिस हिस्से में सूजन या दर्द हो उस हिस्से को सेंधा नमक के पानी में 15 से 20 मिनट तक रखें आपको पूरा आराम मिल जाएगा।

11. शंखपुष्पी

अगर शरीर की नसें कमजोर होती है तो व्यक्ति को सिर दर्द, बदन दर्द, चिंता, तनाव, पैनिक अटैक, अनिद्रा, रक्तचाप, मिर्गी जैसे अनेक रोग उत्पन्न हो जाते हैं ऐसी समस्या होने पर शंखपुष्पी का भी प्रयोग किया जा सकता है.

यह एक कमजोरी दूर करने की प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है यह न्यूरोटाक्सीसिटी को रोकती है तथा अल्कलॉइड होने की वजह से मस्तिष्क में सेरोटोनिन हार्मोन को बढ़ाती है जिससे व्यक्ति को याददाश्त भी बढ़ती है और उपरोक्त समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।

12. सरसों के तेल की मालिश करें

दोस्तों हम सभी जानते हैं कि बचपन में हमारी मां हमारे शरीर पर सरसों का तेल, तिल का तेल या फिर जैतून का तेल जरूर मालिश करती हैं क्योंकि इन तेलों में शरीर की नसें मजबूत करने की असीम ताकत पाई जाती हैं परंतु जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं तेल की मालिश नहीं करते हैं जिसकी वजह से शरीर कमजोर हो जाता है।

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हमें अपनी नसों की कमजोरी को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक दवा के साथ-साथ सरसों के तेल की मालिश अवश्य करना चाहिए मालिश करने से रक्त संचार संतुलित रहता है और शरीर के सभी हिस्सों में हमारे विभिन्न प्रकार के खनिज तत्व और पोषक तत्व रक्त के माध्यम से पहुंच जाते हैं जिससे नशे कमजोर नहीं होती हैं और शरीर भी हष्ट पुष्ट बनता है।

13. ब्राह्मी

दोस्तों नसों की कमजोरी होने पर अगर मस्तिष्क में दर्द रहता है याददाश्त की कमी है मन बेचैन रहता है तनाव और चिंता से युक्त रहता है तो ऐसी समस्याओं से निजात पाने के लिए ग्राम भी एक प्रभावी औषधि है।

आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार नसों की कमजोरी को दूर करने के लिए कई प्रकार के उपाय किए जा सकते हैं हमारे आयुर्वेद में शारीरिक समस्याओं से छुटकारा पाने के तथा लंबे समय तक शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए तमाम तरह के फल फूलों पेड़ पौधों जड़ी बूटियों के बारे में वर्णन किया गया है इन्हीं में से ब्राह्मी भी एक आयुर्वेदिक औषधि हैं।

ब्राह्मी में सक्रिय प्रोटीन होती है यह प्रमुख रूप से तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाती है और डोपामाइन हार्मोन को संतुलित करते हैं मन की शांति को प्रोत्साहित करती है मस्तिष्क का सुधार करती है जिससे व्यक्ति को याददाश्त बढ़ाने में मदद मिलती है।

नसों की कमजोरी दूर करने के व्यायाम | Naso ki kamjori dur karne ke vyayam

दोस्तों दवाओं के साथ-साथ एक थी अगर योग और व्यायाम करता है तो इनसे भी हम नसों की कमजोरी दूर कर सकते हैं हजारों तरह के व्यायाम शरीर को हजारों तरह से स्वस्थ चुस्त-दुरुस्त रखते हैं नसों को मांसपेशियों को शरीर को मजबूती मिलती है. हालांकि नसों की कमजोरी दूर करने के लिए कुछ विशिष्ट व्यायाम कर सकते हैं जो इस प्रकार से हैं :

लकवा किस विटामिन की कमी से होता है

  1. बद्धकोणासन
  2. वज्रासन
  3. सुप्त मत्स्येन्द्रासन
  4. हलासन

यह आसन शरीर की नसों को कमजोरी दूर करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं जिन्हें कम-से-कम प्रतिदिन 10 से 15 मिनट तक अवश्य करें।

FAQ : नसों की कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक दवा

दिमाग की नसें ब्लॉक होने पर क्या होता है ?

दिमाग की नसें ब्लॉक होने से ब्रेन हेमरेज, हार्ट अटैक और स्ट्रोक कभी भी हो सकता है जिससे व्यक्ति की मृत्यु हो सकती हैं।

नसों की कमजोरी के क्या लक्षण है ?

नसों की कमजोरी होने पर शरीर में दर्द, सूजन, सिर दर्द, चक्कर आना, हृदय गति अवरोधक होना, हृदय स्पंदन कम या ज्यादा होना तथा संपूर्ण शरीर का कमजोर होना पाया जाता है।

दिमाग की नसों की कमजोरी के लिए क्या करें ?

दिमाग की नसों की कमजोरी को दूर करने के लिए विटामिन b12 का सेवन करें फाइबर युक्त भोजन करें तथा नियमित व्यायाम करें। दिमाग की नसें कमजोर होने पर ब्लड सरकुलेशन सही नहीं हो पाता जिसकी वजह से सिर दर्द बना रहता है।

निष्कर्ष

आधुनिक जीवन शैली में व्यक्ति तनावपूर्ण जिंदगी जीता है जिससे शरीर में नसों की कमजोरी आने लगती है और जीवन बर्बाद हो सकता है चिंता पैनिक अटैक हृदयाघात जैसी विषम समस्याएं व्यक्ति के लिए घातक होती हैं हमारे शरीर की नसे कमजोर होने की वजह से शरीर पूरी तरह से तहस-नहस हो जाता है जीवन की अनेक गतिविधियां रुक जाती हैं तब हम दवाओं की तलाश करते हैं।

आज चिकित्सा के क्षेत्र में हम दिन प्रतिदिन उन्नति कर रहे हैं और विभिन्न प्रकार की कृत्रिम दवाएं शरीर के लिए नुकसान भी कर रहे हैं ऐसे में नसों की कमजोरी दूर करने के लिए आयुर्वेदिक दवा करना ज्यादा जरूरी होता है.

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क्योंकि आयुर्वेदिक औषधियां हमारे शरीर की विभिन्न रोगों को दूर करने और जड़ से समाप्त करने की ताकत रखती हैं। जो लोग लंबे समय तक विभिन्न प्रकार की दवाइयां लेते रहते हैं लेकिन ठीक नहीं होते हैं तो उनके लिए आयुर्वेदिक औषधियां है एक रामबाण दवा हो सकती हैं।

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