प्रेगनेंसी में कैसे बैठना चाहिए ? जाने किस माह में कैसे बैठे | प्रेगनेंसी में कैसे बैठना चाहिए : Pregnancy me kaise baithna chahiye

प्रेगनेंसी में कैसे बैठना चाहिए | Pregnancy me kaise baithna chahiye : दोस्तों गर्भावस्था एक ऐसी अवस्था होती है जब महिला को कई प्रकार की समस्याओं से खेलना पड़ सकता है इसलिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रेगनेंसी में कैसे बैठना चाहिए ? क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को उसने और बैठने के तौर तरीके यदि गलत हैं तो गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर पड़ सकता है कोई विशेष विकृति उत्पन्न हो सकती है कई बार गर्भपात की भी समस्याएं आ जाती हैं।

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विभिन्न प्रकार के मेडिकल रिसर्च और डॉक्टर का कहना है कि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को बहुत ही सावधानी पूर्वक उठना बैठना चाहिए क्योंकि यह बच्चे के विकास से संबंधित होता है गर्भ में पल रहा शिशु धीरे-धीरे विकास करता है जिसकी वजह से विकास में बाधाएं आ सकती हैं अगर उचित तरीकों से गर्भवती महिला नहीं बैठती है तो कई दिक्कतें महसूस कर सकती हैं।

प्रेगनेंसी में कैसे बैठना चाहिए ? | Pregnancy me kaise baithna chahiye ?

महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान उठने बैठने को लेकर काफी ध्यान देना जरूरी होता है. क्योंकि उठने बैठने जैसी गतिविधियां गर्भ में पल रहे शिशु को प्रभावित करते हैं ऐसे में आगे हम आपको प्रेगनेंसी के दौरान कैसे बैठना चाहिए इस विषय पर बताना चाहेंगे। जिससे गर्भवती मां को और बच्चे को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो।

1. किसी चीज का सहारा लेकर बैठना

गर्भावस्था में किसी भी महिला को बैठने के लिए विशेष ध्यान देना जरूरी है अगर आप बैठती है तो किसी चीज का सहारा लेकर बैठे जैसे हाथ में छड़ी लेकर बैठना यानी बैठते समय छड़ी के ऊपर दांत डालते हुए आराम से बैठना चाहिए इस दौरान आपको किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

Pregnant

यदि आप अचानक तेजी के साथ बैठ जाती हैं तो गर्भ में पलते हुए शिशु को किसी भी प्रकार का झटका लग सकता है जिससे ब्लीडिंग हो सकती हैं गर्भपात हो सकता है और अन्य कई समस्याएं जैसे पेट दर्द भी हो सकता है। इसीलिए जब भी आप प्रेगनेंसी के दौरान बैठने का मन करती है तो आपको कमर का सहारा देने के लिए कुछ ना कुछ जरूर होने की जरूरत है और अगर उठने लगी तब भी आपको किसी चीज की सहारे की जरूरत होनी चाहिए अर्थात उसी चीज के सहारे उठने का प्रयास करें।


2. सही सपोर्ट वाली कुर्सी पर बैठना चाहिए

प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी महिला को बैठने के लिए एक ऐसी कुर्सी का सहारा लेना चाहिए जो उसके लिए पूरी तरह से आरामदायक हो. क्योंकि इस दौरान फ्लूट बिल्डअप नहीं होता है, जिसकी वजह से दिक्कत होती रहती हैं. ऐसे में अगर आप सही सपोर्ट वाली कुर्सी पर बैठते हैं, तो बैठने और उठने में आपको काफी राहत मिलती हैं। किसी फुट रेस्ट पर पैर रखने से आराम मिलता है क्योंकि जब आप आरामदायक कुर्सी के साथ फुट्रेस्ट का प्रयोग करती हैं तो आपको बैठने और उठने तथा पैर सीधे करने में आराम मिलता है

3. पीठ और कमर सीधा करके बैठे

प्रेगनेंसी के दौरान अक्सर महिलाओं को पीठ में दर्द तथा पैरों में सूजन की शिकायत रहती हैं जिससे उन्हें बैठने उठने में तकलीफ होती हैं क्योंकि ज्यो ज्यों गर्भ में बच्चा बड़ा होता है शरीर का वजन बढ़ने लगता है तो उठने बैठने में परेशानी होती है।

Pregnant

डॉक्टर गरिमा का कहना है कि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को पीठ और कमर सीधा करके बैठना चाहिए जिससे किसी भी प्रकार के दर्द से बचा जा सकता है और महिलाओं का डाइजेशन भी अच्छा रहता है साथ ही सांस लेने में आसानी रहती हैं

4. पैर सटाकर ना बैठे

कई बार महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान पैरों को हटाकर बैठती हैं. जबकि पैरों को जोड़कर ना बैठे जिससे आपके हिप्स को अच्छी प्रकार से जगह मिलती है और हिप्स पर बराबर दाब रहता है। हिप्स और घुटनों को सही दिशा में रखना जरूरी होता है इस दौरान आप फुट्रेस्ट का इस्तेमाल कर सकती हैं अगर आपके पैर आपस में सटे नहीं होते हैं तो बैठने और खड़े होने में गर्भस्थ शिशु को आराम मिलता है।

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5. समतल जमीन होना जरूरी है

महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान ऊंचे नीचे पैर नहीं रखनी चाहिए. बल्कि समतल जमीन पर चलना चाहिए, जिसकी वजह से पूरे शरीर का दबाव बराबर रहता है और उठने-बैठने, चलने-फिरने में आसानी रहती हैं तथा गर्भ में पल रहे शिशु को कोई समस्या नहीं होती है क्योंकि जैसे-जैसे गर्भ बड़ा होता है, वैसे वैसे चलने फिरने में दिक्कत होने लगती है।

6. पीछे झुक कर ना चले

baby girl pregnant

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

कई बार महिलाएं बढ़ते हुए गर्भ के कारण अपने शरीर को पीछे झुका कर चलते हैं. ऐसे में पेट पर दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से अंदर मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है और दर्द की समस्या बन जाती हैं, धीरे-धीरे पीठ दर्द भी होने लगता है ऐसे समय में किसी भी महिला को पीछे झुक कर नहीं चलना चाहिए।

7. आधे घंटे से ज्यादा ना बैठे हैं.

प्रेगनेंसी या गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी एक स्थान पर आधा घंटे से ज्यादा नहीं बैठना चाहिए. बल्कि अधिकतम आधे घंटे के बाद उठ जाना चाहिए और थोड़ी देर फिर टहलना चाहिए या दूसरी जगह पर किसी आरामदायक कुर्सी पर बैठना चाहिए. परंतु किसी भी जगह पर अधिक समय तक ना बैठे क्योंकि इससे शिशु और पेट पर दबाव अधिक आ जाता है जिससे पेट दर्द की समस्या हो सकती हैं।

अगर आप किसी ऑफिस में नौकरी करती हैं और कुर्सी पर बैठते हैं, तो कुर्सी को सही पोजीशन में एडजस्ट करके रखना चाहिए. जिससे आपके हाथ रखने से कंधों को रिलैक्स मिलेगा और आप आराम महसूस करेंगे। अगर आप ऑफिस में काम करते हैं, तो अपनी कमर को ना मोड़े. बल्कि पूरे शरीर को मोड़े और अगर आप उठ रही हैं, तो इस दौरान पैरों को सीधा करके खड़ी होना चाहिए।

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही

Pregnant

अगर प्रेगनेंसी की पहली तिमाही है, तो इस दौरान गर्भ में पल रहा शिशु बहुत छोटी अवस्था में होता है. इसलिए इस दौरान किसी भी प्रकार की समस्या होना बहुत कम संभव है. लेकिन जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी का समय बढ़ता जाता है. वैसे वैसे गर्भ में पल रहा शिशु भी बड़ा होता है. प्रमुख रूप से पहली तिमाही के बाद महिलाओं को उठने बैठने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही पहली तिमाही से थोड़ा कठिन हो जाती है. इसलिए दूसरी तिमाही में उठने बैठने को लेकर पहली तिमाही से ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि दूसरी तिमाही में बच्चा काफी बड़ा हो चुका होता है. जिससे बच्चे पर दबाव पड़ सकता है, यदि दूसरी तिमाही में जोकर कर काम करते हैं, तो आपको कई समस्याएं हो सकती हैं जैसे पेट दर्द, कमर दर्द, पाचन की समस्या आदि।

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही

गर्भ

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में सबसे ज्यादा उठने बैठने को लेकर ध्यान रखना चाहिए. क्योंकि यह अंतिम तिमाही होती है और इस दौरान लगभग गर्भ में पल रहा शिशु पूरी तरह से परिपक्व हो चुका होता है. जिसकी वजह से बच्चे में कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं, साथ ही गर्भस्थ मां को भी झुकने, उठने-बैठने में अधिक दिक्कत होने लगती हैं. इसलिए अंतिम तिमाही में अपने बैठने और उठने को लेकर विशेष सावधान रहने की जरूरत है।

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FAQ : प्रेगनेंसी में कैसे बैठना चाहिए

गर्भवती महिला को क्या नहीं करना चाहिए ?

दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान महिलाओं को गर्भ से लेकर काफी समस्याएं हो सकती हैं इस दौरान अधिक से अधिक झुकने का प्रयास न करें तथा उठने बैठने व अन्य गतिविधि पर विशेष ध्यान दें।

गर्भावस्था या प्रेगनेंसी के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए ?

गर्भावस्था में प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी प्रकार की चाय कॉफी यातायत हीन अथवा निकोटीन युक्त पदार्थों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए. यदि इच्छा भी करती है तो बहुत कम मात्रा में लें। मांस मछली का सेवन ना करें, कच्चा पपीता ना खाएं, दारु शराब ना पिए।

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को कैसे सोना चाहिए ?

प्रेगनेंसी के दौरान खास तौर पर दूसरी और तीसरी तिमाही में एक करवट सोना चाहिए प्रमुख रूप से बाई करवट सोने से महिला को आराम ज्यादा मिलता है।

निष्कर्ष

प्रेगनेंसी के दौरान कैसे बैठना चाहिए इस संबंध में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपने उठने बैठने को लेकर विशेष सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि अधिकतर महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान सही से नहीं उठती बैठती है तो उनको पेट दर्द पाचन संबंधी समस्याएं कमर दर्द और घुटनों के दर्द हो सकते हैं। इसलिए प्रेगनेंसी के बढ़ते समय पर उठने बैठने का विशेष ध्यान देना चाहिए।

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