कॉपी-किताब / स्टेशनरी की दुकान कैसे खोले ? How to open Stationery shop in hindi

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आज के दौर में  लेखन सामग्री जैसे कॉपी,  रजिस्टर, पेन, व पठन पाठन की किताबें आदि की दुकान स्टेशनरी कहलाती है ,जहां पर हमें कॉपी,किताब, रजिस्टर व अन्य लेखन सामग्री प्राप्त होती। दूसरे शब्दों में यूं कहा जाए कि कंप्यूटर प्रिंटर व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में प्रयुक्त होने वाली सामग्री स्टेशनरी कहलाती है।

जैसे कोई लेखक यदि कुछ लिखना चाहता है तो उसे एक रजिस्टर और पेंन की आवश्यकता होती है। यदि कोई व्यक्ति प्रिंट के माध्यम से कुछ प्राप्त करना चाहता है तो उसमें प्रयुक्त होने वाली स्याही स्टेशनरी के अवयव हैं ।स्टेशनरी और बुक्स दुकान का तात्पर्य है कि लेखन से लेकर पठन-पाठन तक की सामग्री हमें प्राप्त हो जाती है। stationery ki shop में kaon se licence le aur stationery shop me kitna fayda hota hai ? कॉपी किताब की दुकान को कैसे चलाये ? स्टेशनरी दुकान का पूरा आइडिया जानने के लिये पढ़े पूरा लेख !

लेखन सामग्री की दुकान खोलना बहुत ही फायदेमंद है क्योंकि इसकी मांग संपूर्ण विश्व में हर जगह बराबर होती रहती है यह सा बिजनेस है जो कभी बंद होने वाला नहीं है आप हमेशा इस बिजनेस में अच्छा लाभ कमाते रहेंगे|

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क्या-क्या जानकारी है इस लेख में :-

स्टेशनरी के व्यापार का बाजार  | business market of stationary

आज युवाओं की उज्जवल भविष्य के लिए शिक्षा एक अनिवार्य अंग है भारत जैसे देश में शिक्षा का अत्यधिक ध्यान दिया जाता है जिससे प्रत्येक युवा अपने उज्जवल भविष्य को अच्छी तरह से निर्माण करें आज की शिक्षा पहले की तुलना में अत्यधिक महंगी हो गई है फिर भी संपूर्ण विश्व में शिक्षा के प्रति युवाओं में एक एक जबरदस्त आकर्षण पाया जाता है |

आज का युवा बढ़ती बेरोजगारी के दौर में नौकरी के लिए कठिन संघर्ष कर रहा है जिससे उनके अंदर अध्ययन के लिए एक ललक देखी जाती है इन्हीं बढ़ती जरूरतों ने आज स्टेशनरी जैसे बिजनेस को एक बेहतर मुकाम पर खड़ा कर दिया है स्टेशनरी का बाजार कभी ना खत्म होने वाला है यह प्रतिदिन की आवश्यकता को देखते हुए साल भर चलता रहता है |

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बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी न किसी रूप में स्टेशनरी का प्रयोग कररहें  हैं लोगों का साहित्य पढ़ने का जबरदस्त रुझान बढ़ रहा है इसलिए आज स्टेशनरी का बिजनेस विस्तार ले रहा है। शिक्षा का क्षेत्र काफी विस्तृत हो गया है दिन प्रतिदिन इस शिक्षा का विकास हो रहा है जिससे स्टेशनरी हर घर की जरूरत हो गई है|

किसी दिन बच्चों को रबड़ कटर पेंसिल की जरूरत है तो किसी युवा को अच्छी किताबें पसंद है तो किसी बूढ़े बुजुर्गों को अच्छे साहित्य पढ़ना पसंद है इसलिए स्टेशनरी का बाजार बहुत विस्तार रूप ले रहा है और लोग अच्छा पैसा कमा रहे हैं|

स्टेशनरी स्टोर के लिए एक योजना बनाएं |Plan

फिलहाल धन तो कितना भी हो पर न्यूनतम धन विशेष मायने रखता है इसलिए सबसे पहले हमें दुकान खोलने के लिए एक विधिवत योजना तैयार करनी होती है। योजना बनाते समय आपको दुकान का साइज ध्यान देना होता है कम से कम दुकान का साइज 400 वर्ग फीट हो या इससे अधिक।! यह पोस्ट आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है !

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दूसरी बात हमें पूजी कम से कम 100,000 तक लगानी होती है तथा अगले पांच-छह महीनों तक की पूंजी भी अपने पास अतिरिक्त होनी चाहिए जिससे सामान के आयात निर्यात में दिक्कत ना हो। हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर और लागत व्यापार के लिए बहुत प्रभावी होता है ।

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स्टेशनरी शॉप के प्रकार | kinds of stationary

स्टेशनरी सामानों को उपयोग के आधार पर तीन भागों में रखा जाता है|

1- सामान्य स्टेशनरी general stationary

सामान्य स्टेशनरी का तात्पर्य है कि हम दुकान में ऐसी सामान रखते हैं जो मात्र लिखने पढ़ने के रूप में होती हैं ।जैसे पेन,पेन्सिल,कॉपी, किताब आदि।

2- प्रिंटिंग स्टेशनरी  printing stationary

प्रिंटिंग स्टेशनरी से तात्पर्य है कि ऐसी सामग्री जिन्हें प्रिंटिंग हेतु प्रयोग में लाया जाता है जैसे प्रिंटर  कार्ट्रिज,प्रिंटर इंक, पेपर रिंग बॉन्ड पेपर आदि आदि|

3- कंप्यूटर स्टेशनरी computer stationary

कंप्यूटर स्टेशनरी के अंतर्गत कंप्यूटर में उपयोग होने वाली समस्त सामग्री से है जैसे सीडी, डीवीडी,पेन ड्राइव,माउस, कीपैड,माउस पैड तथा अन्य कंप्यूटर के सामान।

स्टेशनरी शॉप की जगह का चयन करें | Location

स्टेशनरी की दुकान खोलने के लिए हमें ऐसी जगह का चयन करना चाहिए जहां पर स्कूल कोई बैंक कॉलेज यूनिवर्सिटी कोई सरकारी ऑफिस व अन्य स्टेशनरी संबंधी कार्यालय खुले हुए ऐसी जगहों पर स्टेशनरी की मांग बहुत ज्यादा होती है इसलिए दुकान खोलते समय हमें ध्यान देना है कि वहां पर लोगों का आवागमन हो और स्टेशनरी वाले लोग आसानी से आ जा सके।

हालांकि स्टेशनरी की दुकान हम घर पर भी चला सकते हैं क्योंकि गांव में भी लोगों को लेखन सामग्री की आवश्यकता दिन प्रतिदिन होती रहती हैं गांव के पढ़ने वाले बच्चे,गाँव के लोग व अध्यापक आदि लोग प्रतिदिन पेन पेंसिल कॉपी,किताब व अन्य लेखन संबंधी कागजों का उपयोग करते रहते।

स्टेशनरी की दुकान खोलने के लिए आपको यदि कोई उचित जगह ना मिले तो आप लकड़ी या लोहे की दुकान बनवा, रोड की किनारे सही जगह पर रख कर उसमें भी बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

यदि आप स्टेशनरी की दुकान बोलना चाह रहे हैं और आपके पास जगह की समस्या है तो आप किराए की भी दुकान ले सकते हैं धन्य देना है कि किराए की दुकान लेते समय किराया कम या ज्यादा है तो उस हिसाब से दुकान किराए पर ले। अगर आप चाहे तो अपनी लागत के हिसाब से दुकान छोटी या बड़ी ले सकते हैं।

 stationery shop के लिये फर्नीचर की व्यवस्था करें | Furniture

स्टेशनरी की दुकान खोलने के लिए फर्नीचर का होना अति आवश्यक है क्योंकि हमारी विभिन्न प्रकार की सामान को व्यवस्थित करना पड़ता है इसलिए फर्नीचर या तो बाजार से खरीदे या फिर स्वयं बनवाएं फर्नीचर इस हिसाब से बनवाएं की दुकान में आग लगने वाली सामान व्यवस्थित की जा सके।

स्टेशनरी का सामान कहां से खरीदें स्टेशनरी का सामान खरीदने के लिए आपको बड़े-बड़े थोक विक्रेताओं से संपर्क करना पड़ता है या फिर आप किसी कंपनी से भी संपर्क कर सकते हैं कंपनी से संपर्क करने पर आपको माल सस्ता मिल जाएगा और बचत भी अच्छी होगी।

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यदि आपको किसी स्टेशनरी सप्लायर का से संपर्क नहीं है तो आप पहले दूसरों की स्टेशनरी दुकान पर जाकर उनसे सप्लायर का फोन नंबर ले और उससे संपर्क करें ध्यान रहे कि किसी अच्छे सप्लायर्स से ही खरीददारी करें जिसकी सप्लाई मैं लागत अच्छी हो और स्टेशनरी का सामान भी उच्च कोटि का हो ,इससे आपको सामान अच्छा मिलेगा और सस्ता भी मिलेगा।

स्टेशनरी दुकान खोलने के लिये किराये की दुकान का हलफनामा | Agreement

स्टेशनरी की दुकान खोलने से पहले यदि आपने दुकान किराए पर ली है तो दुकान के मालिक से एक हलफनामा यानी कि एग्रीमेंट अवश्य लें। इससे आपको कोई लीगल काम करने के लिए दिक्कत ना हो,जैसे जीएसटी रजिस्ट्रेशन,बैंक खाता खोलने आदि। अधिकतर लोग मकान मालिक से मौखिक बात कर लेते हैं बाद में उनको समस्या होती हैं।

स्टेशनरी दुकान का पंजीकरण अवश्य कराये | registration

स्टेशनरी की दुकान शुरुआत में यह छोटे पैमाने पर कर रहे हैं तू दुकान का पंजीकरण विशेष मायने नहीं रखता लेकिन यदि हम बड़े पैमाने पर दुकान कर रहे हैं तो उसका पंजीकरण होना महत्वपूर्ण हो जाता है। बिजनेस करने के लिए पंजीकरण कराने के लिए नगर निगम, ग्राम पंचायत आदि से संपर्क करते हैं। क्योंकि बड़े पैमाने पर क्लाइंट से डील करते समय जीएसटी रजिस्ट्रेशन,बैंक खाता आदि की आवश्यकता पड़ती है।

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स्टेशनरी दुकान के लिये लाइसेंस बनवाये | Licence

का लाइसेंस Licence लेना अनिवार्य है वर्तमान में किसी भी दुकान को चलाने के लिए वैधानिक गाइडलाइंस की पूर्ति अनिवार्य रूप से करनी चाहिए क्योंकि वैधानिक का ता लाइसेंस होने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ जाता है साथ ही खरीददारी के लिए विश्वसनीयता भी बढ़ जाता है अपनी दुकान का पंजीकरण कराने के लिए MSME या उद्योग आधार के अधीन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं इससे आपके स्टोर में अच्छा और बेहतरीन परफॉर्मेंस हो सकता है।

Impotent links :

शॉप एंड स्टेबिलिटीमेन्ट एक्ट के अंतर्गत  किसी भी प्रकार की दुकान खोलने के लिए हमें एक विधिमान्य लाइसेंस की आवश्यकता है जिसमें सरकारी नियमानुसार समस्त नियम निर्देश पालन करने होते हैं ।जैसे सप्ताह में 1 दिन की बंदी,कर्मचारियों का वेतन,कर्मचारियों के काम करने के दिन की छुट्टियां, धार्मिक व सरकारी छुट्टियों के अनुसार दुकान बंद करना आज शामिल होते हैं।

आपने अपनी दुकान में जो भी खर्चा फायदे आय-व्यय, रख रखाव का खर्च का लेखा-जोखा रखना अनिवार्य हो जाता है जिससे भविष्य में किसी प्रकार की समस्या ना हो।

इस नियम के अंतर्गत कर्मचारियों के वेतन व वेतन में कटौती से संबंधित नियम निर्देश होते हैं |

 stationery ki shop के अन्य आवश्यक दस्तावेज | Other documents 

stationary की दुकान यदि आप अपनी निजी  जगह पर खोलते हैं तो आपके पास दुकान से संबंधित सभी दस्तावेज होने चाहिए जैसे दुकान की रजिस्ट्री, आधार कार्ड, पैन कार्ड , बैंक पासबुक आदि होनी चाहिए।! यह पोस्ट आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है !

यदि आपने दुकान किराए पर ले रखे हैं तो तो आपके और मकान मालिक के बीच एक सहमत पत्र/एग्रीमेंट व अन्य दस्तावेज जैसे मकान मालिक का आधार कार्ड पैन कार्ड व अन्य चीजें होनी अनिवार्य है।

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 Stationery ki dukan का प्रबंधन कैसे करे ? stationery shop Management

दुकान किसी भी प्रकार की खोली जा रही हो तो  सबसे अति आवश्यक कार्य उसका प्रबंधन है। प्रबंधन के अंतर्गत आपको यह ध्यान देना होता है कि प्रतिदिन कितने समय तक दुकान खोलना है तथा प्रतिदिन कौन-कौन सी वस्तुएं बिक्री हुई हैं और कौन-कौन सी शेष है ।जिन वस्तुओं की बिक्री अधिक हुई है उनको अगले दिन पूर्ति करना है जिससे ग्राहकों के लिए सुविधा बनी रहे। इसलिए आवश्यक हो जाता है कि प्रतिदिन इन चीजों पर ध्यान देना पड़ेगा।

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बात यह है कि दुकान में कुछ ब्रांडेड और कुछ नान ब्रांडेड सामग्री होती ब्रांडेड पर अंकित मूल्य से ज्यादा नहीं ले सकते हैं परंतु नान ब्रांडेड वस्तुओं पर दो या तीन गुना इनकम कर सकते हैं। इसलिए बिकने वाली वस्तु पर ग्राहकों की सुविधा अनुसार मूल्य अंकित करना होगा ।
ग्राहकों के लेनदेन पर ही उचित ध्यान देना होता है क्योंकि आज के समय में डिजिटल पेमेंट होता है इसलिए दुकान पर पेटीएम नेट बैंकिंग आदि की व्यवस्था होनी चाहिए।

यदि आप एक बड़े पैमाने पर दुकान खोलते हैं तो उसके लिए एक गोदाम का होना जरूरी हो जाता है जिससे हम विभिन्न प्रकार की सामग्री ग्राहकों को समय पर दे सकते हैं। कर्मचारियों को भी सुविधा होती है।

यह दुकान में कर्मचारियों की व्यवस्था तो आप दुकान में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवा दें जिससे कर्मचारी या अन्य के द्वारा होने वाली छोरी से बचा जा सकता है इसके अलावा यदि आप लेखा-जोखा आदि करने में सक्षम नहीं है तो किसी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से अपने बिजनेस के लिए सॉफ्टवेयर बनवा लें जिससे लेखा-जोखा करने में आसानी हो जाती है।

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मार्केटिंग करना जरूरी स्टेशनरी शॉप खोलने के बाद सबसे महत्वपूर्ण हमारे लिए ग्राहकों को अपनी ओर कैसे लाया जाए इसका सही तरीका यह है कि आप अपनी दुकान का अधिक से अधिक मार्केटिंग करें मार्केटिंग करने के लिए आप विभिन्न माध्यमों जैसे बैनर, पोस्टर, माइक द्वारा प्रचार, अखबारों ,टीवी के द्वारा प्रचार कर सकते हैं।

स्टेशनरी स्टेशनरी की सबसे ज्यादा जरूरत किसी ऑफिस, कॉलेज ,स्कूल, आदि को होती है ।अतः आवश्यक हो जाता है कि आप स्वयं वहां जाकर संस्था प्रमुख से मुलाकात करें और अपनी सर्विस के बारे में बताएं। ऐसा करने से आपका व्यापार बढ़ेगा साथ ही अच्छा मुनाफा कमा पाएंगे ।

अपनी दुकान की मार्केटिंग करने के लिए छापेमारी से कुछ कैरी बैग छपवा ले जिसमें अपनी दुकान का नाम व कुछ प्रोडक्ट के नाम छपवाएं और लोगों को उन कैरी बैग में सामान रखकर ही दें जिससे ग्राहक बढ़ेंगे।

व्यवहार एवं बातचीत का प्रभावहम दुकान कोई भी खोलें उसने हमारा व्यवहार हमारे बात करने का तरीका लोगों को प्रभावित करता है यह ध्यान देना चाहिए कि हमारी दुकान के सामने आने वाले किसी भी ग्राहक को हम अपने व्यवहार और बात करने के तरीकों से प्रभावित कर सकते हैं जिससे हमारा ग्राहक एक परमानेंट ग्राहक बन जाता है और उसके साथ अन्य कई भी ग्राहकों को जुड़ने की संभावनाएं हो जाती है|

अतः हमें चाहिए कि अपनी दुकान के सामने बैठने की व्यवस्था करें तथा लोगों से प्रेम पूर्वक सम्मान करते हुए उनकी आवश्यकताओं को पूरा करें।

स्टेशनरी की दुकान में कितना मुनाफा/फायदा/प्रोफिट होता है ? income & profit  

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स्टेशनरी की दुकान से होने वाले फायदे स्टेशनरी की दुकान से होने वाला फायदा हमारे प्रोडक्ट पर निर्भर करता है क्योंकि हमारी दुकान पर ब्रांडेड और अन्य ब्रांडेड प्रोडक्ट रखने होते हैं जितने ब्रांडेड प्रोडक्ट होते हैं उन्हें 10 से 40% तक मुनाफा कमा सकते हैं |

वही अन ब्रांडेड प्रोडक्ट में दो से 4 गुना तक लाभ कमा सकते हैं लगभग सभी प्रकार के सामान में 35% तक का मुनाफा होता है अर्थात यदि आपने ₹50000 की दुकान खोल रखी है तो साल के अंत में हमें लगभग 20000 तक का फायदा मिल सकता है। ! यह पोस्ट आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है !

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