जाने सोमवार व्रत के नियम एवं संपूर्ण पूजा विधि-विधान एवं 10 फायदे | Somvar vrat ke niyam

सोमवार व्रत के नियम |Somvar vrat ke niyam : हेलो मित्रों नमस्कार आज मैं इस में सोमवार व्रत के नियम टॉपिक पर जानकारी प्रदान करूंगी जिसमें मैं सोमवार व्रत के नियम जानकारी के साथ-साथ सोमवार का व्रत रखने की संपूर्ण विधि भी बताऊंगी ताकि जो लोग इस व्रत को विधि-विधान से करना चाहते हैं तो इस लेख में दी गई जानकारी से अपने व्रत को विधिवत रूप से संपन्न करके भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें.



सोमवार व्रत के नियम

हिंदू धर्म में सोमवार का व्रत भगवान भोलेनाथ को समर्पित है जिसको लेकर लोगों द्वारा ऐसी मान्यता बताई जाती है कि जो भी जातक जातिका सोमवार का व्रत सच्ची भक्ति और श्रद्धा के साथ पूरे विधि विधान के साथ करता है तो उस व्यक्ति को उसकी इच्छा अनुसार मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है .

क्योंकि सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव के साथ माता पार्वती भी प्रसन्न होती हैं जिससे दोनों का आशीर्वाद व्रत करने वाले जातक या जातिका को प्राप्त होता है और जब किसी को भगवान भोले और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है तो निश्चित ही उस व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि मान सम्मान यश वैभव आदि में वृद्धि होगी.

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सोमवार व्रत की महिमा को देखते हुए आज मैं इस व्रत को करने के नियम और संपूर्ण विधि बताने जा रही हूं जो लोग इस जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं तो उन लोगों से हमारा अनुरोध है कि कृपया करके इस लेख को शुरू से अंत तक अवश्य पढ़ें.

सोमवार व्रत के नियम | Somvar vrat ke niyam

सोमवार व्रत करने के सभी नियम नीचे एक विस्तार से बताए जा रहे हैं.


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  1.  सोमवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर अपने घर की अच्छे से साफ सफाई करके स्नान आदि से निवृत हो जाए.
  2. सोमवार का व्रत करने के लिए मन में ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति श्रद्धा होने के साथ-साथ पृथ्वी लोक पर रह रहे सभी प्रकार के जीव और मनुष्य के प्रति दया और प्रेम भावना होनी चाहिए.
  3.  व्रत करने से पहले व्रत की सारी सामग्री इकट्ठा कर ले ताकि पूजा करते समय कोई भी भूल चूक ना हो.
  4. सोमवार के व्रत में तांबे के पात्र से शिवलिंग पर जल अभिषेक ना करें क्योंकि तांबे के पात्र मैं जल संक्रमित होने लगता है जो शिवलिंग पर चढ़ाने योग्य नहीं रह जाता है.
  5. सोमवार का व्रत करने के लिए मांस मछली तंबाकू गुटका सभी प्रकार के नशे से परहेज करें.
  6.  सोमवार व्रत करने के लिए उस दिन स्त्री के साथ संभोग करने से दूर है.
  7. सोमवार का व्रत करने में भोजन की जगह फलहार का सेवन करें.
  8. सोमवार व्रत में शिवलिंग पर या फिर भोलेनाथ की प्रतिमा पर तुलसी हल्दी सिंदूर और केतकी के फूल भूलकर भी ना चढ़ाएं .
  9. सोमवार का व्रत करने के लिए भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी विधिवत पूजा अर्चना करें.
  10. अगर महिलाओं को मानसिक चक्र की समस्या है तो वह ऐसी स्थिति में इस व्रत को ना करें क्योंकि मासिक चक्र के समय महिलाएं आपवित्र मानी जाती हैं इसीलिए पूजा घर में जाना उनके लिए उचित नहीं होता है.
  11. सोमवार व्रत में सभी प्रकार की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें.

यहां पर हमने सोमवार व्रत को करने के सभी नियम बता दिए हैं अब हम आप लोगों को सोमवार व्रत करने की संपूर्ण विधि बताएंगे ताकि जो लोग पहली बार इस व्रत को कर रहे हैं तो उन लोगों को व्रत करने में किसी प्रकार का कठिनाई ना महसूस हो और वह अपने व्रत को पूरी तरह से सफल कर सकें.

सोमवार व्रत करने की संपूर्ण विधि | Somvar vrat karne ki sampurna vidhi

जैसा कि हमने बताया सोमवार का व्रत भगवान शिव का व्रत है इसीलिए इस व्रत को करने से पहले इसकी संपूर्ण विधि से अवगत होना बेहद अनिवार्य होता है, ताकि हम अपनी भक्ति के माध्यम से भगवान शिव की आंखें खोल सके और उनसे अपने सभी मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना कर सकें सोमवार व्रत करने की संपूर्ण विधि नीचे एक विस्तार से बताई जा रही है जैसे,

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1.सोमवार को आप सूर्य उदय से पहले उठकर अपने घर की अच्छे से साफ सफाई करें उसके पश्चात स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें.

2. स्नान आदि से निवृत होने के पश्चात आप सोमवार व्रत को करने के लिए सबसे पहले इस व्रत की सभी सामग्री को इकट्ठा करें सोलह सोमवार व्रत की सामग्री में आप दूध,दही,गंगाजल,घी,शहद ,शक्कर ,बेलपत्र ,धूप,दीप ,धतूरा, पुष्प ,सफेद चंदन, रोली, अष्टगंध, सफेद वस्त्र ,गन्ने का रस ,मां पार्वती की श्रृंगार सामग्री भोग के लिए फल, मिठाई आदि सामग्री को इकट्ठा कर ले.

3. व्रत को करने की सभी सामग्री को इकट्ठा करने के पश्चात आप अपने घर की पूर्व दिशा में भगवान शिव की फोटो या प्रतिमा स्थापित करें.

4. अगर आप शिवलिंग के माध्यम से इस व्रत को कर रहे हैं तो सबसे पहले आप शिवलिंग को पवित्र गंगाजल और गाय के दूध के मिश्रण से अभिषेक करें उसके पश्चात ही इसे पूजा स्थल पर स्थापित करें.

5. भगवान शिव की फोटो प्रतिमा या शिवलिंग जिस किसी के माध्यम से आप लोग सोमवार व्रत को पूर्ण करना चाहते हैं उसको पूजा स्थान पर स्थापित करने के पश्चात भगवान शिव को नमन करें, और उनके सामने धूपबत्ती अगरबत्ती जलाएं.

6. भगवान शिव के समक्ष अगरबत्ती धूप बत्ती जलाने के पश्चात आप लोगों को सोलह सोमवार व्रत को पूरे विधि विधान के साथ पूर्ण करने का संकल्प लेना होगा, व्रत को पूर्ण करने का संकल्प लेने के लिए आप आपने दाहिने हाथ में पान का पत्ता, सुपारी, जल, अक्षत और कुछ सिक्के लेकर शिव जी का इस मंत्र से आह्वान करें- ॐ शिवशंकरमीशानं द्वादशार्द्धं त्रिलोचनम्। उमासहितं देवं शिवं आवाहयाम्यहम्॥

7. सोलह सोमवार व्रत पूर्ण करने का संकल्प लेने के बाद आप ओम नमः शिवाय मंत्र जाप के साथ भगवान शिव को पंचामृत अर्पित करें.

8. भगवान शिव के समक्ष पंचामृत अर्पित करने के पश्चात पूजा की सारी सामग्री भगवान शिव के समक्ष ही अर्पित कर दें.

9. भगवान शिव के समक्ष पूजा की सभी सामग्री अर्पित करने के पश्चात आप इन्हें अलग से कच्चे दूध का भोग लगाएं.

10. भगवान शिव को भोग लगाने के बाद अब आपको भगवान शिव की आरती करनी है, आरती करने के लिए आप आरती थाली में देसी घी का दीपक या फिर सरसों के तेल का दीपक जलाएं साथ में कपूर की जला लें, साथ में थोड़े अक्षत रोली पुष्प भी रख लेने हैं.

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

11. आरती करने के लिए सबसे पहले आपको भगवान शिव के मस्तिष्क पर सफेद चंदन का का तिलक लगाए ,और इनके ऊपर कुछ अक्षत अर्पित करते हुए आरती प्रारंभ कर देना है .

12. भगवान शिव की संपूर्ण आरती करने के पश्चात आरती लेकर आरती का धुआं घर के चारों दिशाओं में फैला दें ताकि घर से नकारात्मक शक्तियां निकल जाए.

13. अब आप उस आरती की थाल को पूजा घर में रख दें और वही पर बैठकर सोमवार व्रत की कथा सुने या खुद पढ़े.

14. सोमवार व्रत की कथा सुनने के बाद आप भगवान शिव के समक्ष हाथ जोड़कर आप अपनी समस्त मनोकामना पूर्ति हेतु प्रार्थना करें.

15. इतनी प्रक्रिया करने के बाद सोमवार व्रत के सुबह टाईम की पूजा पूर्ण हो जाती है अब आप दोपहर में कोई भी फल खा सकते हैं लेकिन आपको भोजन नहीं करना सिर्फ फल खाना है, फलों में आप सेब केला अनार जैसे फल खा सकते हैं.

16. सुबह से लेकर शाम तक आपको सोमवार व्रत को पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ रखना है जैसे ही शाम हो जाए यानि कि जब सूर्य अस्त होने लगें उसके थोड़ा पहले आप हाथ पैर धोकर भगवान शिव के समक्ष धूप बत्ती अगरबत्ती जलाकर घी का दीपक प्रव्जलित करें.

17. उसके बाद शाम को आप लकड़ी के तखत पर या फिर जमीन पर रजाई कतरी बिछाकर सो जाना है .

18. अगली सुबह यानि की मागलवार के दिन स्नान करके पूजा घर में धूप दीप जलाकर भोजन ग्रहण करें,

19. इस तरह से आप 16 सोमवार व्रत को पूर्ण करें.

सोमवार व्रत करने के लाभ | Somvar vrat karne ke labh

मान्यताओं के अनुसार सोमवार व्रत के सभी नियमों का पालन करते हुए इस व्रत को पूर्ण करने से कई सारे लाभ प्राप्त होते हैं जिनमें से मैं कुछ प्रमुख लाभ के विषय में बता रही हूं जैसे

  1. शिव पुराण के अनुसार अगर कुमारी कन्याए सोमवार व्रत को करती हैं तो उन्हें योग वर की प्राप्ति होती हैं.
  2. अगर कोई व्यक्ति सोमवार व्रत को पूरे विधि विधान से करता है तो उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
  3. सोमवार व्रत करने से भगवान शिव के साथ साथ माता पार्वती का भी आशीर्वाद प्राप्त होता हैं.
  4. सोमवार व्रत करने से मन को शांति मिलती है जिससे मानसिक तनाव समस्या खत्म हो जाती है और धार्मिक ज्ञान में वृद्धि होती है.
  5. सोमवार व्रत करने से आध्यात्मिक ज्ञान में बढ़ोतरी होती है.
  6. पुत्र इच्छा कामना करते हुए सोमवार व्रत को नियम बाध्य तरीके से पूर्ण करने पर बहुत जल्दी पुत्र प्राप्ति होती है.
  7. सोमवार का व्रत करने से मन घर सभी में सकारात्मकता आती है जिससे जीवन में सुख – शांति समृद्धि का अनुभव होता है.
  8. सोमवार का व्रत करने से करने से वैवाहिक जीवन में सुख शांति आती है.
  9. सोमवार का व्रत करने से ऊपरी बाधा , जादू टोना तंत्र-मंत्र और सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्राप्त होती है.
  10. सोमवार का व्रत करने से हर कार्यक्षेत्र में प्रगति हासिल होती है.

FAQ : सोमवार व्रत के नियम

कितने सोमवार व्रत करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है ?

मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है सावन महीने में सोलह सोमवार भगवान शिव का व्रत करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है.

भगवान शिव को त्रिकालदर्शी क्यों कहा जाता है ?

भगवान शिव तीनों कालों के विषय में जानने वाले होते हैं इसीलिए इन्हें त्रिकालदर्शी नाम से भी जाना जाता है.

सोमवार के अलावा और किस दिन भगवान शिव की पूजा की जा सकती है ?

वेद पुराणों और शास्त्रों में सभी देवी देवताओं की पूजा के लिए अलग-अलग दिन समर्पित है लेकिन अगर कोई व्यक्ति किसी एक भगवान के प्रति अपने मन में सच्ची भक्ति और आस्था रखता है तो वह प्रतिदिन अपने भगवान की पूजा कर सकता है.

निष्कर्ष

तो दोस्तों जैसा कि आज हमने इस लेख में सोमवार व्रत टॉपिक पर जानकारी प्रदान की है जिसमें हमने सोमवार व्रत के नियम जानकारी के साथ-साथ , इस व्रत को करने की संपूर्ण विधि लाभ जैसी महत्वपूर्ण जानकारी बताइ है.

अगर आप लोगों ने इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़ा होगा तो आप लोगों को सोमवार व्रत टॉपिक से जुड़ी विशेष जानकारी अच्छे से प्राप्त हो गई होगीऔर आप लोग जान गए होंगे सोमवार व्रत को किस विधि के द्वारा रखा जाता है और इस व्रत को करने के क्या लाभ प्राप्त होते हैं तो मित्रों हम उम्मीद करते हैं आप लोगों को हमारे तरफ बताइए जानकारी पसंद आई होगी साथ में उपयोगी भी साबित हुई होगी.

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