वृश्चिक राशि का भाग्योदय कब होगा : भाग्योदय के आसान उपाय | Vrishchik rashi ka bhagyoday

वृश्चिक राशि का भाग्योदय Vrishchik rashi ka bhagyoday : हेलो मित्रों नमस्कार आज हम आप लोगों को इस लेख में वृश्चिक राशि का भाग्य उदय के विषय में बताने वाले हैं क्योंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूरी 12 राशियां बताई गई हैं और उन 12 राशियों में नौ ग्रह उपस्थित रहते हैं और इन 12 राशियों के चक्र में मिथुन राशि आठवें नंबर पर विद्यमान राशि है.

vrischik rashi वृश्चिक राशि का भाग्योदय

जिसके स्वामी मंगल देव हैं और इस राशि का वास्तविक चिन्ह बिच्छू है जिसकी सहायता से इस राशि की पहचान की जाती है इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन व्यक्तियों के नाम का पहला अक्षर तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू से प्रारंभ होता है उनकी राशि वृश्चिक राशि कहलाती है.

और इस राशि को लेकर ज्योतिष का कहना है कि इस राशि के जातक और जातिका बहुत ही ज्यादा बहादुर और भावुक होते हैं और इनके अंदर सही गलत कार्य की पहचान करने की क्षमता होती है इसीलिए यह लोग अपने भविष्य में हमेशा खुश रहते हैं.

लेकिन जब इनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो जाती है तो इस राशि के जातक जातिका के जीवन में कुछ कष्ट आ जाते हैं. लेकिन इसी के विपरीत जब इनकी कुंडली में कोई योग बनता है तो यह लोग चौमुखी विकास को प्राप्त करते हैं यानी कि चारों दिशाओं से इन्हें प्रगति हासिल होती है.

ऐसे में अगर आपकी राशि वृश्चिक है तो यह लेख आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि हम आज इस लेख में वृश्चिक राशि के जातक जातिका को बताने वाले हैं कि उनके कुंडली में किस योग के बनने से इनका भाग्य उदय होता है.

या फिर भाग्य उदय करने के लिए कौन से उपाय करना चाहिए. ऐसे में वृश्चिक राशि के जातक जातिका अपने भाग्य उदय से संबंधित जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं तो इसलिए को शुरू से अंत तक अवश्य पढ़ें.


वृश्चिक राशि का भाग्योदय | Vrishchik rashi ka bhagyoday

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुल 32 योग बताए गए हैं जिनमें से कुछ योग व्यक्ति के जीवन पर शुभ प्रभाव डालते हैं तो कुछ अशुभ प्रभाव डालते हैं इसीलिए आइए जानते हैं उन कुछ ऐसे योग के विषय में जो वृश्चिक राशि की कुंडली में बनने पर ज्योतिष शास्त्र की नजरों में वृश्चिक राशि के जातक जातिका के भाग्य उदय की ओर इशारा करते हैं जैसे,

1. मंगल का रूचक योग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा बताया गया है कि जब वृश्चिक राशि के जातकों की कुंडली में मंगल रूचक योग बनता है तो इन लोगों का भाग्यउदय होता है और तब यह लोग हर दिशा में सफलता हासिल करते हैं और इन्हें अपने व्यापार कारोबार में पूर्ण रूप से सफलता हाथ लगती है और किसी भी व्यक्ति की कुंडली में मंगल रूचक योग तभी बनता है.

mnangal

जब मंगल कुंडली में लग्न या चंद्रमा से 1, 4, 7 या 10वें घर में मेष, वृश्चिक या मकर राशि में बैठा हो तो फिर ऐसे में मंगल का रुचक योग बनता है और इससे वृश्चिक राशि के जातक जातिका के जीवन पर शुभ प्रभाव पड़ता है.

2. मालव्य योग

ज्योतिष शास्त्र की नजरों में मालव्य योग वृश्चिक राशि के जातक जातिका के भाग्य उदय का बहुत ही अच्छा और शुभ योग माना गया है क्योंकि जब वृश्चिक राशि के जातक जातिका कुंडली में यह योग बनता है तो इन लोगों की मेहनत के हिसाब से इन लोगों को शुभ फल मिलता है और जिसकी वजह से यह लोग और भी ज्यादा मेहनत करते रहते हैं और ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं और यह योग तब बनता है.

जब शुक्र यदि कुंडली में लग्न या चंद्रमा से 1, 4, 7 या 10  वें घर में वृष, तुला या मीन राशि में स्थित हो तो कुंडली में मालव्य योग बनता है.

3. राजयोग

yantra sadhana

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुंडली में राजयोग बनना राजा के समान धनवान और महान बनने की ओर संकेत करता है और जब यही योग वृश्चिक राशि की कुंडली में बनता है तो ऐसे जातक जातिका के जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं रह जाती है और वह लोग पूरी तरह से धनवान राजा के समान महान बन जाते हैं.

लेकिन यह योग तभी बनता है जब कुंडली में चंद्रमा ग्यारहवें घर में और गुरु तीसरे घर में स्थित होने पर राजयोग बनता है।

वृश्चिक राशि भाग्योदय करने के उपाय | Vrishchik rashi bhagyoday karne ke upay

कई बार तमाम मेहनत करने के बाद भी सफलता हाथ नहीं आती है तो इसका कारण कि आपकी कुंडली में आपकी राशि का स्वामी कमजोर हो गया है या फिर आप से रुष्ट हो गया है ऐसे में ज्योतिष का कहना है कि अपनी राशि के स्वामी को मजबूत बनाने के लिए ज्योतिष उपाय का सहारा लेना चाहिए.

इसीलिए हम यहां पर वृश्चिक राशि भाग्य उदय के लिए कुछ प्रभावशाली उपाय बताएंगे अगर हमारे द्वारा बताए गए उपाय को अपनाते हैं तो आपके जीवन में अवश्य ही हर कार्य शुभ होंगे. शास्त्र के अनुसार वृश्चिक राशि के जातक जातिका को अपने भाग्य उदय के लिए इन उपायो को अपनाना चाहिए जैसे :

1. शिव देवता की पूजा अर्चना करें

अगर वृश्चिक राशि के जातक जातिका के जीवन में तरह-तरह की समस्याएं आ रही हैं और उनका भाग्य किसी भी तरह से उनका साथ नहीं दे रहा है तो उन लोगों को अपने भाग्य उदय के लिए हर सोमवार को भोलेनाथ का व्रत रखना चाहिए और शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए तथा पूरी श्रद्धा और विधि विधान के साथ उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए.

इस जानकारी को सही से समझने
और नई जानकारी को अपने ई-मेल पर प्राप्त करने के लिये OSir.in की अभी मुफ्त सदस्यता ले !

हम नये लेख आप को सीधा ई-मेल कर देंगे !
(हम आप का मेल किसी के साथ भी शेयर नहीं करते है यह गोपनीय रहता है )

▼▼ यंहा अपना ई-मेल डाले ▼▼

Join 806 other subscribers

★ सम्बंधित लेख ★
☘ पढ़े थोड़ा हटके ☘

गुलाब जल से वशीकरण कैसे करें और मंत्र जाने / 5 उपाय gulabjal vashikaran kaese kare ?
5 चीजो की दीवानी है लड़कियां : लड़कियों को लड़कों में कौन सी चीजें सबसे ज्यादा पसंद आती है? | Ladki ko ladko me kya pasand aata hai

शिवजी का चाँद

क्योंकि ज्योतिष शास्त्र का कहना है जो व्यक्ति किसी भी देवता की पूजा पूरे विधि विधान और श्रद्धा के साथ करने से जातक की हर मनोकामना पूर्ण होती है ऐसे में वृश्चिक राशि के जातक जातिका के भाग्य उदय के लिए शिव देवता की पूजा करना बहुत ही शुभ दायक बताया गया है.

2. अपने कनिष्ठ उंगली में मोती रत्न धारण करें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा कहा जाता है अगर वृश्चिक राशि के जातक जातिका के जीवन में बार-बार शारीरिक कष्ट मिल रहे हैं तो इसके लिए उन लोगों को किसी अच्छे ज्योतिष के पास जाकर अपनी राशि के हिसाब से अपने कनिष्ठ उंगली में मोती रत्न की अंगूठी धारण कर लेनी चाहिए ऐसा करने से उन लोगों का भाग्य उदय होगा और वह शारीरिक मानसिक पीड़ा से मुक्त हो जाएंगे.

3. पीपल के वृक्ष की पूजा करें

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

वृश्चिक राशि के जातक जातिका को अपने भाग्य उदय के लिए पीपल के वृक्ष की पूजा हर सोमवार को करनी चाहिए जिसके लिए सुबह स्नान करने के पश्चात जल चढ़ाना चाहिए और 7 बार पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करनी चाहिए और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करनी चाहिए.

bodhi-leaves pipal

ऐसा 6, 7 सोमवार तक करने से आपको शुभ फल अवश्य मिलेगा और जब आपको अपने जीवन में कुछ बदलाव नजर आए तो आप पीपल के वृक्ष के पास में घी में कपूर मिलाकर घी का दीपक अवश्य जलाएं तो फिर आपका भाग्य उदय निश्चिंत हो जाएगा.

4. मंगलवार हनुमान बाबा का व्रत रखें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल देव हैं ऐसे में उन्हें मंगल देव को अपनी कुंडली के उच्च भाव में लाने के लिए मंगलवार के दिन मंगल देव यानि की हनुमान जी का व्रत रखना चाहिए और उन्हें सिंदूर तथा लाल चोला दान करना चाहिए और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए.

ऐसा करने से मंगल देवता प्रसन्न होते हैं और फिर आपकी कुंडली के उच्च भाव में प्रवेश करके भाग्य उदय का रास्ता खोल देते हैं जिससे आपके जीवन में चारों तरफ से खुशियां आ जाती हैं.

5. मीठी चीजों का दान करें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बताया गया है कि मंगल देव को मीठी चीजें बहुत ही प्रिय है ऐसे में वृश्चिक राशि के जातक जातिका को अपनी कुंडली में मंगल देव को उच्च भाव में लाने के लिए गरीब लोगों को मीठी खाद्य वस्तुओं का दान करना चाहिए जैसे लड्डू, पेड़ा, रेवड़ी और रोज सुबह गाय को गुड के पानी से आटे को गुधकर रोटी बनाकर गाय को खिलाएं तो बहुत जल्दी मंगल देव प्रसन्न होंगे और फिर आपके आगमन के बहुत से रास्ते खोल देंगे.

Barfi

जिनमें से आप किसी भी एक रास्ते को अपनाकर अपने भाग्य का उदय कर सकते हैं.

तो मित्रों यह ज्योतिष शास्त्र के द्वारा बताए गए उपाय हैं जो मंगल देव को प्रसन्न करके वृश्चिक राशि के जातक जातिका के जीवन में भाग्य उदय का रास्ता दिखाते हैं ऐसे में अगर आपकी भी राशि वृश्चिक है तो आप इन उपाय को अपनाकर अपना भाग्य उदय कर सकते हैं.

वृश्चिक राशि के भाग्य उदय का मंत्र | Vrishchik rashi ke bhgya uday mantra

तंत्र मंत्र शास्त्र के अनुसार वृश्चिक राशि के जातक जातिका को अपने भाग्य उदय के लिए इस मंत्र का जाप करना फलदायक बताया गया है जैसे :

वृश्चिक

ऊँ श्रां: श्रीं: श्रौं: सः चंद्रमसे नमः” व “ॐ सों सोमाय नम: ”

मंत्र का जप करने से वृश्चिक राशि के जातक जातिका के भाग्य उदय में वृद्धि होती है.

मंत्र जाप करने का तरीका और विधि

  1. मिथुन राशि के जातक जातिका को अपने भाग्य उदय के लिए इस मंत्र का जाप सोमवार के दिन शुरू करना चाहिए.
  2. इसीलिए सोमवार को सूर्य उदय से पहले उठकर घर की अच्छे से साफ सफाई करनी चाहिए और खुद भी स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ कपड़े धारण कर लेना चाहिए.
  3. उसके बाद घर के ऐसे स्थान पर आसन लगाकर बैठे जहां पर ज्यादा कोई आता-जाता ना हो और शोरगुल ना हो.
  4. उसके पश्चात अपने मन को केंद्रित करके उसी स्थान पर बैठ जाएं और रुद्राक्ष की माला लेकर ऊपर बताए मंत्र का जाप माला को घुमाते हुए 180 बार करना है.
  5. अगर आपके पास इतना समय नहीं है तो आप 1 दिन में रुद्राक्ष की एक माला घुमा कर प्रक्रिया को पूरा करें और उस प्रक्रिया में जितने मंत्र हो सके उतनी बार उस मंत्र का जाप अवश्य करें.
  6. मंत्र जाप की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात आप सूर्य देव की ओर मुख करके उनसे हाथ जोड़कर प्रार्थना करें कि हे ईश्वर आप समस्त जगत में उजाला करने वाले हैं, तो फिर हमारे जीवन में अंधेरा क्यों है ,आप अपनी एक दृष्टि हमारे जीवन पर भी डालें और हमारे जीवन में अपनी रोशनी की एक किरण बिखेरे ऐसी प्रार्थना करने से कुछ दिन में आपको अपने भाग्य में बदलाव नजर आएगा.
  7. इसके अलावा आप शाम को अपने घर की चौखट पर हल्दी से वास्तविक चिन्ह बनाए और सरसों के तेल से या फिर घी से घर के प्रथम चौखट पर दीपक जलाएं ऐसा करने से भी भाग्य उदय होता है.

FAQ : वृश्चिक राशि का भाग्योदय

वृश्चिक राशि की दुश्मन राशियां कौन सी हैं ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मिथुन कन्या तुला में यह सभी राशियां वृश्चिक राशि के लिए शत्रु के समान है.

वृश्चिक राशि के जातक कब खुश होते हैं ?

वृश्चिक राशि के जातक उस समय सबसे ज्यादा खुश होते हैं जब कोई इनके साथ इनके बुरे वक्त में भी साथ देता है और इनकी बातों का पक्ष लेता है.

वृश्चिक राशि के जातक जातिका को अपने भाग्य उदय के लिए किस देव की पूजा करनी चाहिए ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल देव है इसीलिए इन लोगों को अपने भाग्य उदय के लिए मंगलवार को हनुमान देव का व्रत रखना चाहिए और पूरे विधि विधान से इनकी पूजा करनी चाहिए.

निष्कर्ष

मित्रों जैसा कि आज हमने आप लोगों को इस लेख के माध्यम से वृश्चिक राशि भाग्य उदय के विषय में जानकारी प्रदान करने की पूरी कोशिश की है जिसमें हमने यह बताया है कि वृश्चिक राशि की कुंडली में किस योग के बनने से इन लोगों के जीवन में भाग्य उदय होता है.

osir news

इसके अलावा भाग्य उदय करने के कुछ उपाय भी बताए हैं जो ज्योतिष शास्त्र के आधार पर मान्यता प्राप्त हैं ऐसे में अगर आप लोगों के जीवन में कई तरह की समस्याए है तो आप लोग इस लेख में बताए गए उपाय को अपनाकर अपना भाग्य उदय कर सकते हैं तो मित्रो हम उम्मीद करते हैं आप लोगों को हमारे द्वारा बताई गई जानकारी पसंद आई होगी और यह जानकारी आप लोगों के लिए उपयोगी साबित हुई होगी.

यदि आपको हमारे द्वारा दी गयी यह जानकारी पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों और परिचितों एवं Whats App और फेसबुक मित्रो के साथ नीचे दी गई बटन के माध्यम से अवश्य शेयर करे जिससे वह भी इसके बारे में जान सके और इसका लाभ पाये .

क्योकि आप का एक शेयर किसी की पूरी जिंदगी को बदल सकता हैंऔर इसे अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाने में हमारी मदद करे.

अधिक जानकरी के लिए मुख्य पेज पर जाये : कुछ नया सीखने की जादुई दुनिया

♦ हम से जुड़े ♦
फेसबुक पेज ★ लाइक करे ★
TeleGram चैनल से जुड़े ➤
 कुछ पूछना है?  टेलीग्राम ग्रुप पर पूछे
YouTube चैनल अभी विडियो देखे
यदि आप हमारी कोई नई पोस्ट छोड़ना नही चाहते है तो हमारा फेसबुक पेज को अवश्य लाइक कर ले , यदि आप हमारी वीडियो देखना चाहते है तो हमारा youtube चैनल अवश्य सब्सक्राइब कर ले . यदि आप के मन में हमारे लिये कोई सुझाव या जानकारी है या फिर आप इस वेबसाइट पर अपना प्रचार करना चाहते है तो हमारे संपर्क बाक्स में डाल दे हम जल्द से जल्द उस पर प्रतिक्रिया करेंगे . हमारे ब्लॉग OSir.in को पढ़ने और दोस्तों में शेयर करने के लिए आप का सह्रदय धन्यवाद !
 जादू सीखे   काला जादू सीखे 
पैसे कमाना सीखे  प्यार और रिलेशन 
☘ पढ़े थोडा हटके ☘

पुत्र प्राप्ति के लिए कृष्ण मंत्र, गोपाल मंत्र और 6 उपाय : पुत्र प्राप्ति हेतु कृष्ण मंत्र | Putra prapti krishna mantra
टोना टोटका काला-जादू और वशीकरण दूर करने के सफल उपाय How to Successfully remove black magic in hindi
अपने नाम से राशि जाने : नाम की राशी निकलना सीखे नाम राशी चार्ट | Naam se rashi kaise nikale
जज और मजिस्ट्रेट में क्या अंतर है? | Difference between judge and magistrate in hindi
चांदी की अंगूठी पहनने से क्या फायदे होते हैं ? जाने 8 फायदे ! What are the benefits of wearing a silver ring in hindi?
★ सम्बंधित लेख ★