साईं बाबा पूजा मंत्र : साईं बाबा का व्रत कब से शुरू करें ? | Sai baba puja mantra : sai baba vrat vidhi

साईं बाबा का व्रत कैसे करें ? | sai baba vrat vidhi : हमारा हिंदू धर्म दुनिया का सबसे पुराना धर्म है.हमारे हिंदू धर्म में 33 कोटि देवी देवता के बारे में बताया गया है.इसके अलावा हमारे हिंदू धर्म में विभिन्न प्रकार के बाबा और संतों की पूजा भी की जाती है उन्हीं में से एक संत है साईं बाबा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, साईं बाबा एक ऐसे संत हैं जो किसी भी विशेष धर्म में विश्वास रखने का संदेश नहीं देते थे,बल्कि साईं बाबा की विचारधारा सबसे अलग थी.

उनका आदर्श नारा था सबका मालिक एक यानी कि इस धरती पर जितने भी प्राणी है उनका एक ही मालिक है और साईं बाबा की इसी विचारधारा के कारण वर्तमान के समय में सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी साईं बाबा के लाखों करोड़ों लोग भक्त हैं.

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और हमारे भारत देश के अलावा विदेशों में भी साईं बाबा के कई मंदिर उनके भक्तों के द्वारा स्थापित किए गए हैं. अगर आप भी साईं बाबा को मानते हैं या आप साईं बाबा की पूजा करते हैं, तो यह बात तो जाहिर सी होगी कि आप रोजाना इनकी भक्ति करते होंगे.

हालांकि आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, साईं बाबा की पूजा करना तो वैसे बहुत ही आसान है परंतु अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखते हुए साईं बाबा को प्रसन्न करना चाहते हैं तो आज का यह हमारा आर्टिकल आपके लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो सकता है.

साईं बाबा की दिनचर्या बहुत ही सरल थी, इसलिए इनकी पूजा करना ज्यादा कठिन नहीं है, चलिए आगे जानते हैं कि साईं बाबा की पूजा कैसे की जाए, ताकि वह आप पर प्रसन्न हो और आपकी इच्छा पूरी करें.


साईं बाबा के व्रत का संकल्प कैसे करें ? | Sai baba ke vrat ka sankalp kaise karen ?

सामान्य तौर पर आप दैनिक तौर पर साईं बाबा की पूजा कर सकते हैं, परंतु अगर आप साईं बाबा का व्रत करना चाहते हैं तो पंडित जी के अनुसार साईं बाबा का व्रत चालू करने के लिए गुरु पूर्णिमा का दिन सबसे उत्तम और अच्छा माना जाता है.

इसलिए आप साईं बाबा का व्रत गुरु पूर्णिमा के दिन चालू कर सकते हैं. इसके अलावा भी साईं बाबा के दिन के तौर पर गुरुवार को जाना जाता है.इसीलिए आप किसी भी गुरुवार को साईं बाबा का व्रत चालू कर सकते हैं.

परंतु इससे पहले आपको साईं बाबा के व्रत का संकल्प लेना होगा. शास्त्रों के अनुसार अगर आप किसी भी देवी या देवता का व्रत रखना चाहते हैं, तो उससे पहले शुभ मुहूर्त में आपको यह संकल्प लेना होता है कि, आप यह व्रत कितने दिन तक और किस विधि से करेंगे.

साईं बाबा का व्रत करना बहुत ही सरल है, इसीलिए इसका संकल्प लेना भी ज्यादा मुश्किल काम नहीं है.जो भी भक्त साईं बाबा का व्रत करना चाहते हैं वह गुरु पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर साईं बाबा की तस्वीर के आगे जाएं.

वहां पर अपने हाथों में थोड़ा से पानी लेकर यह संकल्प करें कि वह साईं बाबा के कितने व्रत रखना चाहते हैं और वह साईं बाबा का व्रत किस विधि से करना चाहते हैं. इसके बाद हाथ में लिए गए पानी को आपको जमीन की तरफ छोड़ देना है.

साईं बाबा पूजा मंत्र | Sai Baba puja Mantra

आज हम आप लोगों को साईं बाबा के पूजा मंत्र के बारे में बताएंगे जिनका प्रयोग करके आप साईं बाबा की पूजा और व्रत कर सकते हैं :

  1. सबका मालिक एक है
  2. ॐ सांईं राम
  3. ॐ सांईं गुरुदेवाय नम:
  4. ॐ अजर अमराय नम:
  5. ॐ मालिकाय नम:
  6. जय-जय सांईं राम
  7. ॐ सर्वज्ञा सर्व देवता स्वरूप अवतारा
  8. ॐ सांईं देवाय नम:
  9. ॐ शिर्डी देवाय नम:
  10. ॐ समाधिदेवाय नम:
  11. ॐ सर्वदेवाय रूपाय नम:
  12. ॐ शिर्डी वासाय विद्महे सच्चिदानंदाय धीमहि तन्नो सांईं प्रचोदयात

साईं बाबा मंत्र | sai baba mantra

ॐ साईं नमो नम:
श्री साईं नमो नम:
जय जय साईं नमो नम:
सद्गुरु साईं नमो नम:

साईं बाबा का दिन कौन सा होता है ? | sai baba ka din konsa hai

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार साईं बाबा के दिन के तौर पर गुरुवार को मान्यता दी गई है और आपने भी यह देखा होगा कि गुरुवार के दिन साईं बाबा के मंदिरों में ज्यादा भीड़ लगती है. आप अपनी श्रद्धा के अनुसार साईं बाबा के नाम 9,21 या 51 व्रत रख सकते हैं.

साईं बाबा का व्रत कैसे करें ? | sai baba vrat vidhi

अगर आप लोग साईं बाबा का व्रत करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए महीने के किसी भी गुरुवार के दिन इस व्रत को कर सकते हैं हमारे पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कामना पूर्ति के लिए साईं बाबा का 9 गुरुवार तक लगातार व्रत रखना शुभ माना जाता है.

अगर आप इस व्रत की शुरुआत करना चाहते हैं तो आपको 5,7,9,11 या फिर 21 दिन तक इस व्रत का संकल्प लेना चाहिए अन्यथा गुरुवार पूर्ण होने पर इस व्रत का उद्यापन कर देना चाहिए.

विधि-विधान पूर्वक गुरुवार व्रत का उद्यापन करने के बाद 1 दिन किसी गरीब को भोजन कराना चाहिए साथ में अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान देना चाहिए. अगर आप लोग गरीबों की सेवा करते हैं तो साईं बाबा आप से जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं.

साईं बाबा को स्‍नान कैसे कराएं ?

सामान्य तौर पर देखा जाए तो लोगों के घरों में साईं बाबा की मूर्ति संगमरमर के पत्थरों वाली होती है.इसलिए साईं बाबा को नहलाने के लिए सबसे पहले पानी में गंगा जल मिलाकर आप साईं बाबा को नहलाए.

milk glass

इसके बाद आप इस पानी को नाली में फेंकने की जगह पर या तो खुद पी जाए या फिर अपने घर के आस-पास स्थित किसी पौधे में विसर्जित कर दें.

इसके बाद आपको थोड़ा सा दूध लेकर साईं बाबा को नहलाना है और नहलाने के बाद आपको इस दूध को एक पात्र में इकट्ठा करना है और इसकी खीर बनाकर प्रसाद के तौर पर भक्तों में बांटना है एक बार फिर से साफ जल से साईं बाबा को स्‍नान कराएं और साफ कपड़े से पोछ लें.

साईं बाबा का वस्‍त्र कैसे पहनाएं ?

अब बारी आती है साईं बाबा को कपड़े पहनाने की.आप साईं बाबा को एक सौल पहना सकते हैं और यह जरूरी नहीं है कि वह शॉल रेशम के कपड़ों का ही हो, आप कोई साधारण सूती कपड़े का साल भी साईं बाबा को पहना सकते हैं.

इसके अलावा आप चाहे तो भगवा कलर का गमछा भी साईं बाबा को पहना सकते हैं, हालांकि आपको इस बात का ध्यान रखना है कि, साईं बाबा के सर को आपको खुला नहीं रखना है, बल्कि उनके सर पर आपको साफा अवश्य बांध देना है.

साईं बाबा का श्रृंगार कैसे करें ?

आपने पिक्चरों और टीवी सीरियल में यह अवश्य देखा होगा कि साईं बाबा हमेशा से ही साधारण जीवन जीते हैं.इसलिए आप साईं बाबा को सोने या फिर चांदी के जेवर अर्पित करके खुश नहीं कर सकती, बल्कि आप चाहे तो एक सामान्य सा गुलाब का फूल भी उनके चरणों में अर्पित करके उन्हें खुश कर सकते हैं.

क्योंकि साईं बाबा ने हमेशा सभी को यही संदेश दिया है कि, सबका मालिक एक होता है और लोगों को एक दूसरे की मदद बिना किसी भेदभाव के करनी चाहिए. इसीलिए जो धन आप साईं बाबा के श्रृंगार में खर्च करना चाहते हैं, उससे आप किसी गरीब का भला कर सकते हैं. ऐसा करने से निश्चित ही साईं बाबा आप पर प्रसन्न होंगे.

साईं बाबा की पूजा विधि | Sai Baba Puja vidhi

साईं बाबा की पूजा करने के लिए सबसे पहले आप इनकी कथा पढ़ना प्रारंभ करें. इनकी कथा से संबंधित किताबें आपको आसानी से आपके लोकल मार्केट में मिल जाएंगी.

कथा पढ़ने के बाद आपको साईं बाबा की आरती दीपक जलाकर करनी है.आरती करने के दरमियान आपको उनके चरणों की आरती करनी है. इसके बाद आपको उनके मध्य शरीर की आरती करनी है और आरती खत्म होते-होते आपको साईं बाबा के मुंह की आरती करनी है.

साईं बाबा का व्रत कब से शुरू करें ? | Sai Baba ka vrat kab shuru karen ?

  • ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति गुरुवार का व्रत सच्ची श्रद्धा के साथ करता है तो गुरुवार व्रत का फल उसे ही प्राप्त होता है.
  • अगर आप साईं बाबा का व्रत रखते हैं तो आपको अपने मन की शांति अवश्य रखनी है दूसरों के प्रति आपको भेदभाव नहीं रखना है अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको इस पूजा के सकारात्मक परिणाम नहीं मिलेंगे.
  • साईं बाबा का व्रत आपको अपनी क्षमता अनुसार रखना चाहिए इस व्रत को आप निर्जला नहीं रख सकते हैं साईं बाबा की आराधना के बाद आप फल हार या एक समय भोजन भी कर सकते हैं.
  • अगर किसी कारणवश आपका एक गुरुवार व्रत छूट जाता है तो आपको उस दिन को गिनती में नहीं लेना चाहिए अगले गुरुवार को व्रत अवश्य रखना चाहिए.
  • व्रत में साईं बाबा को जो भोग लगाया जाता है उसे दूसरों में अवश्य बाटे अगर आप का प्रसाद बच जाता है तो आपको उस प्रसाद को गाय कुत्ते या किसी अन्य जानवर को खिला देना है.

साईं बाबा का व्रत कैसे खोलें ? | Sai Baba vrat kaise khole

जब आपको अपना व्रत खोलना हो तो व्रत खोलने से पहले आप साईं बाबा के नाम पर प्रसाद बांटे.प्रसाद में आप चाहे तो बूंदी या फिर लड्डू बांट सकते हैं. इसके बाद आप साईं बाबा के प्रसाद को खा कर ही अपना व्रत खोलें, साथ ही बचे हुए प्रसाद को आप पशु पक्षियों और गरीबों को दान कर दें.

साईं चालीसा | Sai baba chalisa | साईं भगवान् चालीसा

पहले साईं के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं।

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कैसे शिरडी साईं आए, सारा हाल सुनाऊं मैं॥

कौन है माता, पिता कौन है, ये न किसी ने भी जाना।

कहां जन्म साईं ने धारा, प्रश्न पहेली रहा बना॥

कोई कहे अयोध्या के, ये रामचंद्र भगवान हैं।

कोई कहता साईं बाबा, पवन पुत्र हनुमान हैं॥

कोई कहता मंगल मूर्ति, श्री गजानंद हैं साईं।

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

कोई कहता गोकुल मोहन, देवकी नंदन हैं साईं॥

शंकर समझे भक्त कई तो, बाबा को भजते रहते।

कोई कह अवतार दत्त का, पूजा साईं की करते॥

कुछ भी मानो उनको तुम, पर साईं हैं सच्चे भगवान।

बड़े दयालु दीनबंधु, कितनों को दिया जीवन दान॥

कई वर्ष पहले की घटना, तुम्हें सुनाऊंगा मैं बात।

किसी भाग्यशाली की, शिरडी में आई थी बारात॥

आया साथ उसी के था, बालक एक बहुत सुंदर।

आया, आकर वहीं बस गया, पावन शिरडी किया नगर॥

कई दिनों तक भटकता, भिक्षा मांग उसने दर-दर।

और दिखाई ऐसी लीला, जग में जो हो गई अमर॥

जैसे-जैसे उमर बढ़ी, बढ़ती ही वैसे गई शान।

घर-घर होने लगा नगर में, साईं बाबा का गुणगान॥

दिग दिगंत में लगा गूंजने, फिर तो साईं जी का नाम।

दीन-दुखी की रक्षा करना, यही रहा बाबा का काम॥

बाबा के चरणों में जाकर, जो कहता मैं हूं निर्धन।

दया उसी पर होती उनकी, खुल जाते दुख के बंधन॥

कभी किसी ने मांगी भिक्षा, दो बाबा मुझको संतान।

एवमस्तु तब कहकर साईं, देते थे उसको वरदान॥

स्वयं दुखी बाबा हो जाते, दीन-दुखीजन का लख हाल।

अंत:करण श्री साईं का, सागर जैसा रहा विशाल॥

FAQ : Sai baba vrat vidhi

साईं बाबा के लिए क्या प्रसाद बनाएं?

साईं बाबा की पूजा के लिए आपको भोग में उनकी सबसे प्रिय चीज खिचड़ी नारियल का भोग, हलवे का भोग, दूध की मिठाई, हरी पालक की घड़ियां.

साईं बाबा की पूजा कौन कर सकता है ?

भगवान की पूजा हर एक धर्म में की जाती है वह हर किसी की मनोकामना पूर्ण कर देते हैं शिर्डी के साईं बाबा की जो भी मन से पूजा करता है और उन्हें मन से याद करता है वह उनकी झोली खुशियों से भर देते हैं इसीलिए आपको साईं भगवान की पूजा पूरे मन से करनी चाहिए.

साईं बाबा को खुश कैसे करें?

अगर आप लोग साईं बाबा को खुश करना चाहते हैं तो आपको गुरुवार के दिन किसी भी गरीब व जरूरतमंद की मदद करनी चाहिए ओम साईं राम का जाप करते हुए पीले फूलों का दान करना चाहिए गुरुवार के दिन आपको साईं मंदिर में जाकर घर पर या फिर साईं भगवान की मूर्ति के सामने 11 मुख वाला दीपक जलाना चाहिए और साईं चालीसा का पाठ भी करना चाहिए.

निष्कर्ष

जैसा कि हमने आप लोगों को इस लेख के माध्यम से साईं बाबा का व्रत कैसे करें इसके बारे में बताएं इसके अलावा इससे जुड़े अन्य टॉपिक के बारे में भी विस्तार से चर्चा की है साईं बाबा का व्रत कब करना चाहिए, साईं बाबा का व्रत करने की विधि क्या है साईं बाबा की पूजा विधि साईं बाबा का दिन कौन सा है.

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