शुभ समय और मंत्र : शनिवार को पीपल में जल कब चढ़ाना चाहिए ? | Shaniwar ko pipal me jal kab chadana chahiye

शनिवार को पीपल में जल कब चढ़ाना चाहिए | Shaniwar ko pipal me jal kab chadana chahiye : हेलो मित्रों नमस्कार आज मैं इस आर्टिकल में आप समस्त जातक जातिका को शनिवार को पीपल में जल कब चढ़ाना चाहिए इस टॉपिक से जुड़ी जानकारी प्रदान करूंगी जिसमें मैं आप लोगों को बताऊंगी.



शनिवार को पीपल में जल कब चढ़ाना चाहिए | Shaniwar ko pipal me jal kab chadana chahiye

शनिवार की सुबह से लेकर शाम तक के वक्त में ऐसा कौन सा समय है जिस समय पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाना ज्योतिष के अनुसार शुभ बताया गया है क्योंकि कोई भी शुभ काम करने के लिए हमें शुभ समय को विशेष ध्यान में रखना चाहिए.

ऐसा इसलिए क्योंकि शुभ समय पर किसी भी कार्य को करने से उस कार्य में पूर्ण रूप से सफलता प्राप्त होती है वह कार्य चाहे पूजा पाठ से जुड़ा हो या फिर व्यवसाय या पढ़ाई लिखाई चाहे जिस चीज से जुड़ा हो हर कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए शुभ समय का विशेष योगदान होता है.

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इसीलिए मैं इस आर्टिकल में शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाने का सबसे शुभ समय क्या होता है इसके विषय में बताऊंगी क्योंकि पीपल के पेड़ का हिंदू धर्म में काफी धार्मिक महत्व है, इसीलिए पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाने की परंपरा आज से नहीं बल्कि सदियों से चली आ रही है.

लेकिन अगर हम पीपल के वृक्ष पर शुभ समय पर जल चढ़ाते हैं तो हम समस्त प्रकार के रोग दुख से छुटकारा पा सकते हैं. ऐसे में अगर आप लोग पीपल के वृक्ष पर शनिवार के दिन जल चढ़ाने का शुभ समय से संबंधित जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं तो इस लेख को शुरू से अंत तक अवश्य पढ़ें.


शनिवार को पीपल में जल कब चढ़ाना चाहिए ? | Shaniwar ko pipal me jal kab chadana chahiye ?

शास्त्रों में शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष पर प्रातः काल सूर्य उदय से पहले जल चढ़ाना शुभ बताया गया है, ऐसे में आप लोग शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करते समय नीचे बताए जा रहे बातों को विशेष ध्यान में रखते हुए जल अर्पित करें जैसे :

1. शनिवार के दिन सूर्योदय से पहले स्नान आदि से निवृत हो जाए.

2. स्नानादि से निवृत्त होने के बाद पीतल के लोटे में स्वच्छ जल लेकर उसमें दूध, तिल, चंदन मिश्रित कर ले.

3. फिर इस मंत्र का उच्चारण करते हुए पीपल में जल अर्पित करें.

पीपल को जल अर्पित करते समय उच्चारण मंत्र

मूलतो ब्रह्मरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे। अग्रत: शिवरूपाय वृक्षराजाय ते नम:
आयु: प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यं सर्वसम्पदम्। देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरणं गत:

4. पीपल को जल अर्पित करने के बाद आप पीपल के वृक्ष के समक्ष धूप दीप जलाएं और पीपल के वृक्ष को प्रसाद चढ़ाएं.

5. उसके बाद 7 बार पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें परिक्रमा के दौरान ओम शनि देवाय नमः मंत्र का जाप करें.

6. जब 7 बार पीपल के वृक्ष की परिक्रमा पूरी हो जाए, तो आप पीपल के पेड़ के समक्ष हाथ जोड़कर अपने समस्त कष्टों का निवारण करने के अपने शब्दों में प्रार्थना करें.

7. इस तरह से पीपल के वृक्ष पर शनिवार के दिन चल अर्पित करना विशेष शुभ माना गया है.

शनिवार को पीपल में जल चढ़ाने के फायदे | Shaniwar ko pipal me jal chadane ke fayde

शनिवार के दिन पीपल में जल चढ़ाने के कई सारे फायदे प्राप्त होते हैं. जिनमें से मैं आप लोगों को कुछ प्रमुख फायदे बताएं जैसे :

1. शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है.

Shani Dev

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

ज्योति शास्त्र की मान्यता अनुसार शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं जिससे कुंडली में उनकी स्थिति मजबूत बनती है और जब कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति मजबूत होती है तो जीवन में समस्त कष्टों का निवारण होने लगता हैं.

2. घर की आर्थिक स्थिति मजबूत बनती है.

स्कंद पुराण में बताया गया है पीपल का वृक्ष भगवान विष्णु का स्वरूप है, जिसकी प्रतिदिन पूजा अर्चना करने से विष्णु भगवान की कृपा प्राप्त होती है और जहां विष्णु भगवान होते हैं वहां माता लक्ष्मी अपने आप आ जाती हैं. इसीलिए पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करने से माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है जिससे घर की आर्थिक स्थिति बेहतर रहती हैं.

3. पुण्य की भी प्राप्ति होती है.

पुराणों में बताया गया है पीपल के जड़ में भगवान विष्णु, तने में केशव, शाखओं में नारायण, पत्तों में भगवान हरि और फलों में सभी देवता निवास करते हैं, ऐसे में पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाने से समस्त देवी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

Pipal

जिससे पुण्य की प्राप्ति होती हैं क्योंकि एक साथ सभी देवी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करना संभव नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि हर देवी देवता को सप्ताह का अलग-अलग दिन समर्पित है और हर किसी की पूजा अर्चना प्रत्येक दिन करना इतना समय किसी के पास नहीं है.

ऐसे में पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करने से समस्त देवी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है जिससे हमें पुण्य की प्राप्ति होती है.

4. सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है.

शास्त्रों में पीपल के महत्व को बताते हुए ऐसा कहा गया है पीपल का वृक्ष एक ऐसा वृक्ष है जिसके नीचे महात्मा बुद्ध ने तप किया था, और श्री कृष्ण ने भी पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर समस्त दुनिया को गीता का ज्ञान बताया था.

ऐसा माना जाता है पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करने से सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है. जिससे हम हमेशा अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं और जब हम अच्छे कार्य करेंगे, तो हमारा जीवन उतना ही सरल और सुखमय होता चला जाएगा.

5. रोग दोष दूर होते हैं.

ज्योतिष शास्त्र का मानना है शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष पर प्रातकाल जल अर्पित करने से बड़े से बड़े रोग दोष का निवारण हो जाता है क्योंकि पीपल के पेड़ में समस्त देवी देवताओं का निवास होता है.

Pipal

इसीलिए पीपल पर जल चढ़ाने से बहुत जल्दी ही शुभ फलों की प्राप्ति होने लगती है ऐसे में अगर आप लोग भी किसी भी प्रकार के रोग से ग्रसित हैं तो पीपल के वृक्ष पर अवश्य जल चढ़ाएं.

FAQ : शनिवार को पीपल में जल कब चढ़ाना चाहिए

पीपल की पूजा शाम कितने बजे करनी चाहिए ?

शास्त्रों में बताया गया है सूर्य अस्त होने से पहले पीपल के वृक्ष की पूजा कर लेनी चाहिए सूर्य अस्त होने के बाद पीपल के वृक्ष के नीचे जाना अशुभ माना जाता है.

रोज पीपल के पेड़ में जल चढ़ाने से क्या होता है ?

रोज पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाने से मन को शांति मिलती है साथ में समस्त देवी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है जिससे जीवन में खुशियां बनी रहती है.

पीपल में जल किस दिन नहीं चढ़ाना चाहिए ?

रविवार के दिन पीपल के वृक्ष पर जल नहीं अर्पित करना चाहिए और ना ही इनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए.

निष्कर्ष

मित्रों जैसा कि आज हमने आप लोगों को इस आर्टिकल में शनिवार को पीपल में कब जल चढ़ाना चाहिए इस टॉपिक से जुड़ी जानकारी प्रदान की है जिसमें मैंने आप लोगों को शास्त्रों में और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार के दिन प्रातः काल पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाने के विषय में बताया है .

अगर आप लोगों ने इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़ा होगा तो आप लोगों को पीपल के वृक्ष पर शनिवार के दिन कब जल चढ़ाना चाहिए इसके विषय में सटीक जानकारी प्राप्त हो गई, साथ में आप लोग यह भी जान गए होंगे कि शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करने से कौन-कौन से लाभ प्राप्त होते हैं.

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