सम्पूर्ण गणेश जी की आरती Pdf डाउनलोड , विधि और आरती के 6 लाभ | Ganesh ji ki aarti pdf

गणेश जी की आरती Pdf | Ganesh ji ki aarti pdf : हेलो दोस्तों नमस्कार स्वागत है आपका हमारे आज के इस नए लेख में आज हम आपको गणेश जी की आरती pdf के बारे में बताने वाले हैं भगवान श्री गणेश को प्रथम पूजनीय देवता माना जाता है किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले हमारे हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना अवश्य करनी चाहिए.



मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न – बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं इसीलिए गणपति बप्पा को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है जिस प्रकार सप्ताह के सभी दिन किसी ना किसी देवता को समर्पित किए गए हैं उसी प्रकार भगवान श्री गणेश की पूजा के लिए बुधवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है.

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कहते हैं बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना करने से और उनकी आरती करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है. ऐसे में आप में से कोई भी व्यक्ति गणेश भगवान की संपूर्ण आरती हिंदी में पढ़ना चाहता है तो हमने उसे भगवान श्री गणेश की लिखित आरती के साथ-साथ pdf डाउनलोड लिंक भी दे दिया है.

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उसके पहले हम आपको बता दें कि गणेश भगवान की आरती को शांत मन के साथ पढ़ने से अर्थात अपने आपको प्रभु के चरणों में समर्पित करने हेतु आपको निश्चित ही धन-धान्य और कीर्ति में बढ़ोतरी होती है इसीलिए आप प्रतिदिन गणेश भगवान की पूजा और उनकी आरती अवश्य पढ़ें.

अगर आप हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ते हैं तो आपको भगवान श्री गणेश की आरती के साथ उनकी पूजा विधि और पूजा करने के लाभ क्या है इनके बारे में भी जानकारी प्राप्त होगी इसीलिए आप हमारे इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें.


श्री गणेश जी का परिचय | Shri Ganesh kaon hai ?

गणेश भगवान माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र हैं हमारे हिंदू धर्म के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्री गणेश सबसे लोकप्रिय देवता में से एक है गणेश भगवान को कई नामों से जाना जाता है जैसे कि गणपति और विनायक इनके प्रसिद्ध नाम है माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र भगवान कार्तिकेय के भाई भगवान श्री गणेश है.

भगवान श्री गणेश का नाम शुभ और लाभ भी है इसके पश्चात शुभ की देवी सिद्धि के पुत्र थे और लाभ देवी सिद्धि के पुत्र थे अगर आप में से कोई भी व्यक्ति भगवान श्री गणेश की पूजा करता है तो उस व्यक्ति को बुद्धि – समृद्धि और शुभता प्राप्त होती है क्योंकि भगवान श्री गणेश हर एक काम को निर्विघ्न तरीके से पूर्ण कर देते हैं.

Ganesha

भगवान श्री गणेश यानी कि गणपति बप्पा की पूजा या फिर यूं कहें कि इनका त्यौहार गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है गणेश चतुर्थी का त्योहार हर साल अगस्त या फिर सितंबर के महीने में आता है. गणेश भगवान के भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार हर महीने गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाते हैं गणेश भगवान को इस तिथि के स्वामी कहा जाता है.

गणेश भगवान की विधि विधान पूर्वक पूजा करने से या फिर गणेश चतुर्थी के दिन की पूजा करने से दंपति जीवन में सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है घर में समृद्धि का आगमन होता है गणेश भगवान की पूजा बुधवार के दिन भी की जाती है पूजा के पश्चात गणेश भगवान की आरती करना विशेष आवश्यक माना जाता है गणेश भगवान की आरती करने से भगवान श्री गणेश जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं.

गणेश जी की आरती Pdf | Ganesh ji ki aarti pdf

इस लिंक पर जाकर आप आसानी से गणेश जी की आरती Pdf | Ganesh ji ki aarti pdf  डाउनलोड कर सकते हैं.

गणेश जी की आरती Pdf | Ganesh ji ki aarti pdf  Download pdf 

गणेश जी की आरती | Ganesh ji ki aarti

Ganesha

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

॥ इति॥

गणेश जी की आरती शुरू करने से पहले ये मंत्र बोलें

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।

निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ।।

अर्थ – हे महाकाल आप तो सूंड वक्र है हे गणेश भगवान आपके शरीर से करोड़ों सूर्य का तेज निकलता है इसीलिए हमारी आपसे प्रार्थना है कि आप हमारे सारे कार्य निर्विघ्न पूर्ण करें .

गणेश जी की आरती करने की विधि | Ganesh ji ki aarti karne ki vidhi

Ganesh Ji

  1. गणेश भगवान की आरती करने के लिए आरती प्रारंभ करने से पहले तीन बार शंख अवश्य जाना चाहिए.
  2. हमारे हिंदू धर्म में ऐसा कहा जाता है कि शंख को हमेशा भीमेश्वर से उच्च स्वर की ओर ले जाया जाता है.
  3. भगवान की आरती प्रारंभ करने से पहले विधि-विधान पूर्वक उनकी पूजा करनी चाहिए.
  4. गणेश भगवान को स्नान आदि से निश्चिंत कराने के बाद फूल आदि चढ़ाकर भोग लगाकर उनकी पूजा करें.
  5. उसके पश्चात तदोपरान्त आरती आरम्भ करें।
  6. आरती करने के दौरान आपको शब्दों का विशेष ध्यान रखना है.
  7. भगवान श्री गणेश की आरती करते समय उनके लिए शुद्ध कपास अर्थात रुई से बनी हुई कि की बत्ती का प्रयोग करना चाहिए.
  8. यद्यपि आपके पास घी की बत्ती उपलब्ध नहीं है तो आप गणेश भगवान की पूजा में आरती के समय कपूर का उपयोग भी कर सकते हैं.
  9. गणेश भगवान की आरती करते समय धी की बत्ती की संख्या 1,5, 9,11 या फिर 21 की संख्या में होनी चाहिए.
  10. गणेश भगवान की आरती करते समय एक लय में ही घंटी बजाना चाहिए अगर आप में से कोई भी व्यक्ति गणेश भगवान की आरती को ले में ध्यान रखते हुए करता है तो आपके स्वर बहुत ही अच्छे निकलते हैं.
  11. किसी भी पूजा में आरती करने के बाद जय कार्य अवश्य लगाने चाहिए उसी प्रकार गणेश भगवान की आरती को पढ़ने के बाद भी गणेश भगवान के नाम के जयकारे लगाने चाहिए.
  12. उसके पश्चात भगवान श्री गणेश मंगल कामना अवश्य करनी चाहिए.

गणेश जी को कैसे प्रसन्न किया जा सकता है ? | Ganesh Ji ko kaise prasann kiya Ja sakta hai ?

अगर आप में से कोई भी व्यक्ति गणेश भगवान को प्रसन्न करना चाहता है या फिर विधि विधान पूर्वक उनकी पूजा करना चाहता है तो उसके लिए आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताएंगे जिसके द्वारा आप बहुत ही आसानी से भगवान गणेश को प्रसन्न कर सकते हैं.

भगवान श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए गणेश चतुर्थी के दिन गणेश भगवान के सभी का स्मरण करना चाहिए उसके पश्चात गणेश भगवान के मंदिर में जाकर विधि-विधान पूर्वक उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए गणेश भगवान की पूजा में निम्न प्रकार की सामग्री की आवश्यकता होती है जैसे कि ;

  1. घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए और घर में खुशहाली लाने के लिए गणेश भगवान की पूजा में गुड़ तथा मोदक का भोग लगाना चाहिए.
  2. अगर आप में से कोई भी व्यक्ति गणेश भगवान की पूजा में सिंदूर का तिलक लगाता है उसके पश्चात अपने माथे पर सिंदूर का तिलक लगाता है तो बहुत ज्यादा लाभकारी होता है.
  3. गणेश चतुर्थी वाले दिन गणेश भगवान की पूजा करने के लिए गणेश भगवान को दूर्वा चढ़ानी चाहिए.
  4. अगर हो सके तो भगवान श्री गणेश की दूर्वा से मूर्ति बनाकर उनकी पूजा अवश्य करें.

गणेश भगवान की आरती पढ़ने के लाभ | Ganesh Bhagwan ki aarti padhne ke Labh

Ganesha

  1. अगर आप में से कोई भी व्यक्ति गणेश भगवान की पूजा प्रतिदिन करता है और उसके साथ पूजा के लास्ट में उनकी आरती भी पड़ता है तो उनकी आरती पढ़ने से व्यक्ति के सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं.
  2. भगवान श्रीगणेश को विघ्नहर्ता कहा गया है इसीलिए अगर आप में से कोई भी व्यक्ति गणेश भगवान की आरती को पड़ता है तो उससे व्यक्ति के जीवन में सुख – समृद्धि आती है.
  3. गणेश भगवान की आरती करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है.
  4. गणेश भगवान को विघ्नहर्ता कहा जाता है इसीलिए गणेश भगवान की आरती करने से व्यक्ति का भाग्य जाग जाता है.
  5. गणेश भगवान तो माता पार्वती के पुत्र हैं लेकिन लक्ष्मी जी के कई रूप हैं उसी प्रकार अगर आप में से कोई भी व्यक्ति गणेश भगवान की आरती करता है तो उस व्यक्ति को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और उसके साथ घर में धन की वृद्धि होना शुरू हो जाती है.
  6. गणेश भगवान की आरती करने से प्रत्येक व्यक्ति को हरे क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है.

FAQ : गणेश जी की आरती Pdf

गणेश जी का मंत्र

ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ॥

कौन सा गणेश मंत्र शक्तिशाली है?

निर्विघ्नं कुरुमे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।। यह मंत्र गणेश जी का शक्तिशाली मंत्र है इस मंत्र के द्वारा आप सभी प्रकार के विघ्न को दूर कर सकते हैं

बुधवार को कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए?

'ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।। '
अगर आप में से कोई भी व्यक्ति गणेश भगवान को प्रसन्न करना चाहता है तो उसके लिए उस व्यक्ति को बुधवार के दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति की सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं इस मंत्र का जाप 108 बार किया जाता है.

निष्कर्ष

दोस्तों जैसा कि आज हमने आप लोगों को इस लेख के माध्यम गणेश जी की आरती Pdf के बारे में बताया इसके अलावा गणेश जी की आरती का pdf डाउनलोड लिंक भी दे दिया है इसके अलावा गणेश जी की आरती करने की संपूर्ण विधि और उसके लाभ क्या है उसके बारे में भी जानकारी दी है.

अगर आपने हमारे इस लेख को अच्छे से पढ़ा है तो आपको इन सारे विषयों के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई होगी उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी होगी और आपके लिए उपयोगी भी साबित हुई होगी.

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