शिव पूजा विधि मंत्र PDF फ्री डाउनलोड : भगवान शिव की सम्पूर्ण पूजा आराधना कैसे करे

Bhagvan Shiv ki puja aradhana vidhi aur abhishek evam unse labh हमारे हिंदू धर्म में सभी प्रकार के देवी देवता की पूजा अर्चना कई तरीकों से की जाती है चाहे भगवान विष्णु कृष्ण हो राम हो ब्रह्मा विष्णु  हो  सभी प्रकार के देवताओं की पूजा अर्चना करने की विधियां एवं उन पर चढ़ाए जाने वाली  सामग्रियों के बारे में अलग-अलग वर्णन किया गया है |

उसी प्रकार से हमारे धार्मिक ग्रंथों में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना एवं पर अर्पण किए जाने वाली सामग्री के विषय में विधिपूर्वक बतलाया गया है |

आइए हम अपने इस लेख के माध्यम से भगवान भोलेनाथ के पूजा एवं पूजा विधि कथा ऊपर अभिषेक रूप में चढ़ाया जाने वाली सामग्री के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दे रहे हैं|

भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने से पहले हम उनके महानतम स्वरूप के बारे में भी जाने कि आखिर उनका इस संसार में क्या रूप है और इस धरती पर किस रूप में उनकी पूजा करना  फलदाई होता है|

भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा को इस धरती पर शिवलिंग के नाम से जान आ गया है और उसकी शिवलिंग के नाम से भगवान शंकर की पूजा अर्चना की जाती है वे दुनिया के कण-कण में समाए हुए हैं इस धरती पर भगवान शंकर को शिवलिंग का साक्षात रूप माना गया है|

शिवलिंग के ही दर्शन से भगवान शंकर की संपूर्ण दर्शन होते हैं और इसे मंदिरों या घरों में स्थापित कर उसकी पूजा-अर्चना की जाती है
शिवलिंग की ही पूजा करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और पूजा अर्चना करने से जीवन में सभी दुखों को हर जीवन को सफल बनाते हैं|


भगवान शंकर का सबसे बड़ा पूजा विधि रुद्राभिषेक माना गया है इस पूजा में भगवान शंकर को जल की धारा से नहलाया जाता है
इसके अलावा भगवान शंकर को सामान्य रूप से जल या किसी गंगाजल से नहला कर  पूजा अर्चना करके प्रसन्न कर लिया जाता है |

भगवान शंकर को अपनी मनोकामना ओं की पूर्ति करने के लिए दूध’ दही घी शहद चने की दाल सरसों तेल काले तिल आदि  सामग्रियों को अभिषेक के रूप में चढ़ाया जाता है इस तरह से भगवान शंकर को शिवलिंग के रूप में पूजा अर्चना करके अपने जीवन को हम सफल बनाते हैं|

शिव पूजा विधि मंत्र और सामग्री लिस्ट PDF Download link 

दोस्तों यदि आप को शिव पूजा विधि मंत्र PDF चाहिये तो नीचे दिए गये लिंक से जाकर आसानी से डाउनलोड कर सकते है बाकि हमने सारी जानकारी इस लेख में बता रखी है आप लेख को अंत तक पढ़ के भी शिव पूजा विधि मंत्र जान सकते है और उसका प्रयोग कर सकते है .

 

शिव पूजा विधि मंत्र PDF  डाउनलोड लिंक 
शिव पूजा विधि मंत्र और सामग्री लिस्ट PDF  डाउनलोड लिंक 

भगवान शिव की पूजा आराधना कैसे करे ?

भगवन शिव की पूजा आराधना करने की अलग अलग विधियाँ हैं | सभी लोग अपने अपने तरीकों से शिव जी की पूजा आराधना करते है |अब हम आइए यहां पर भगवान शंकर को अर्पित किए जाने वाली सामग्रियों को अलग-अलग रूप से चढ़ाकर उनसे प्राप्त होने वाले फलों के बारे में अलग-अलग जानकारी दे रहे हैं|

1. जल अभिषेक की पूजा बिधि एवं लाभ : Method and benefits of worship of water abhishek

जब शिवलिंग के सामने बैठकर पूजा करने जा रहे हो तो सबसे पहले तांबे के पात्र में शुद्ध जल भरकर उस पात्र पर कुम कुम का तिलक लगाकर ॐ इंद्राय नमः मन्त्र का जाप करते हुए मौली बांधकर उस पात्र को रख दें।

उसके बाद ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए कुछ टूटे फूलों की पंखुडियां अर्पण करें उसके बाद उस पात्र को उठाकर शिवलिंग पर जल की धार का रुद्राभिषेक करें।

फिर रुद्राभिषेक करते हुए भी ॐ तं त्रिलोकी नाथाय स्वाहा मन्त्र का जाप करते हुए जलाभिषेक की क्रिया पूर्ण कर शिवलिंग को साफ कपड़े से पोंछ दे।इस तरह से इस अभिषेक को करने से सभी प्रकार के दुखों से छुटकारा मिल जाता है।

2. दूध अभिषेक करने की बिधि एवं लाभ : Method and benefits of doing milk anointing

दूध के अभिषेक करते समय शिवलिंग के सामने तांबे के पात्र में दूध भरकर उस पर भी कुमकुम का तिलक पात्र के चारो ओर लगाकर मौली बांधते समय ॐ श्री कामधेनवे नम: मन्त्र का जाप करते हुए यह क्रिया पूर्ण करें।

उसके बाद ॐ नम: शिवाय मन्त्र का जाप करते हुए फूलों की पंखुडियां चढाये और दूध की धार बनाकर शिवलिंग पर दूध का अभिषेक करके उसे साफ कपड़े से पोंछ दे।
इस रुद्राभिषेक को करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद देते हैं।

3. फलों के रस का अभिषेक करने की बिधि एवं लाभ : Method and benefits of anointing fruit juice:

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शिवलिंग पर फलों का रस अभिषेक करने के लिए पहले फलों के रस को तांबे के पात्र में भरकर उस पात्र में कुमकुम का तिलक लगाकर ‘ॐकुबेराय नम:‘ मंत्र का जाप करते हुए मौली को बांधकर फूलों की पंखुडियों को अर्पण करते समय ‘ॐ नम: शिवाय’का जाप करें।

 

इस अभिषेक में शिव के नील कण्ठ स्वरूप का दर्शन होता है इसलिए फ्लो के रस का रुद्राभिषेक करते समय ॐ ह्रुं नीलकंठाय स्वाहा‘ मंत्र का जाप करके क्रिया को पूर्ण आहुति प्रदान करके उस पात्र को साफ जल से साफ कर दे।इस अभिषेक के करने से भगवान शिव धन का लाभ व कर्ज से छुटकारा देते हैं।

4. सरसों के तेल का अभिषेक करने की बिधि एवं लाभ : Method and benefits of anointing with oil

ग्रह बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव के शिवलिंग पर सरसों के तेल का रुद्राभिषेक करना लाभकारी होता है। इस रुद्राभिषेक करने के लिए तांबे के पात्र में सरसों के तेल को भरकर उसके चारों ओर कुंकुम का तिलक लगाकर ‘ॐ भं भैरवाय नम:’ का जाप करके मौली को

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बांधकर फूलों की कुछ पंखुड़ियों को अर्पित करते हुए ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करके शिवलिंग पर उस तेल को अर्पित करते हुएॐ नाथ नाथाय नाथाय स्वाहा का जाप करते हुए पूर्णाहुति करने के बाद पात्र को साफ कपड़े से पोंछ दें।

5. चने की दाल अभिषेक बिधि एवं लाभ प्राप्ति :  Abhishek method and benefits

चने की दाल का अभिषेक करने से भगवान शिव के समाधि स्थित स्वरूप का दर्शन होता है इसीलिए चने की दाल का अभिषेक करने के लिए चने की दाल को तांबे के पात्र में भरकर ॐ यक्षनाथाय नम: का जाप करते हुए पात्र के चारों ओर मौली को बांधकर कुमकुम का तिलक लगाएं |

यह कार्य करने के बाद शिवलिंग पर चने की दाल की धार देते हुए’ॐ शं शम्भवाय नम:’ मंत्र का जाप कर पूर्ण आहूति प्रदान करने के बाद पात्र को साफ कपड़े से साफ कर दे।यह रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव किसी शुभ कार्य एवं उन्नति के लिए आशीर्वाद प्रदान करते है।

6. काले तिल से अभिषेक की बिधि और लाभ की प्राप्ति  : – Method of Abhishek with black sesame and getting benefits:

भगवान शंकर के नीलवर्ण स्वरूप का दर्शन करने के लिए काले तिल से अभिषेक किया जाता है किया जाता है यह अभिषेक तंत्र बाधा और बुरी नजर से बचाने के लिए हितकर होता है।

इस अभिषेक को करने के लिए तांबे के पात्र में काले तिल को भरकर ‘ॐ हुं कालेश्वराय नम:’ मंत्र का जाप करते हुए कुमकुम का तिलक पात्र के चारों ओर लगाकर मौली बांध दे और उसके बाद फूलों की पंखुड़ियों कोअर्पित करते

समय ॐ नम: शिवाय का जाप करके काले तिल की धार से शिवलिंग का अभिषेक करें और रूद्राभिषेक करते समयॐ क्षौं ह्रौं हुं शिवाय नम: का जाप करके पूर्ण आहुति प्रदान करने के बाद पात्र को साफ कपड़े से साफ कर दे।

7. शहद मिश्रित गंगा जल का अभिषेक और लाभ प्राप्ति :  Honey mixed Ganga water consecration and benefits: 

भगवान शंकर के चंद्रमौलेश्वर स्वरूप के दर्शन हेतु और संतान प्राप्ति व पारिवारिक सुख शांति हेतु सहज मिश्रित गंगाजल का चेक किया जाता है इस अभिषेक करने से पहले शहद को व गंगाजल को तांबे के पात्र में भरकर पात्र के चारों ओर कुमकुम का तिलक लगाकर

‘ॐ चंद्रेश्वराय नम:’मंत्र का जाप करते हुए मौली को बांध ले उसके बाद फूलों की पंखुड़ियों को अर्पित करते समय ओम नमः शिवाय का जाप करते उस पात्र से शिवलिंग पर धार प्रवाहित करके ॐ वं चन्द्रमौलेश्वराय स्वाहा’ का जाप करके आहूति दे।आहुति के बाद उस पात्र को साफ कपड़े से साफ कर दे।

8. घी व शहद का अभिषेक और लाभ प्राप्ति : Ghee and honey consecration and benefit

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए व रोगों को नाश करने तथा लम्बी आयु के लिए आराधना करने के लिए घी व शहद का अभिषेक करना लाभकारी होता है।

Lemon and Honey

 

इसलिए लम्बी आयु व रोगों से छुटकारा पाने के लिए शिवलिंग पर तांबे के पात्र में घी व शहद भरकर उसकी पतली धार से रूद्राभिषेक करके ‘ॐ ह्रौं जूं स: त्रयम्बकाय स्वाहा” मन्त्र का जाप करते हुए स्वच्छ जल से शिवलिंग का अभिषेक करें

9. कुमकुम केसर और हल्दी का अभिषेक करने के विधि और ला;भ : Method and benefits of doing Kumkum Kesar and Turmeric Abhishek

कुमकुम केसर और हल्दी ये तीनो बस्तुएं शिवलिंग पर अभिषेक करने से भगवान शिव के नीलकंठ रूप का दर्शन प्राप्त होता है।
इसके लिए कुमकुम केसर और हल्दी को एक तांबे के पात्र में पंचामृत के साथ भरकर पात्र के चारो ओर कुमकुम का तिलक लगाकर

haldi tarmaric

ॐ उमायै नम:‘मन्त्र का जप करते हुए मौली बांधकर फूलों की पंखुड़ियों को अर्पित करके शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करते हुए ‘ॐ ह्रौं ह्रौं ह्रौं नीलकंठाय स्वाहा’मानता का जाप करते हुए पूर्ण आहुति देकर यह बिधि पूर्ण करें।इससे जीवन मे एक आकर्षक व्यक्तित्व की प्राप्ति होती है।

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