P1 (फुल गाइड) कोई भी दुकान / शॉप कैसे खोले / स्टार्ट करे ? How to start a Shop in hindi ?

दोस्तों आज के समय में हम सभी बिजनेस करना चाहते हैं पर यदि हमारे पास यदि पूंजी की कमी होती है तो दुकान खोलना एक अच्छा विकल्प हैं वैसे तो दुकान सही भी है क्योंकि यह कम पूंजी में भी शुरुआत की जा सकती है और इसे बहुत ज्यादा बढ़ाया जा सकता है जैसा कि आज मैं आपको शुरू से लेकर अंत तक इस बिजनेस के बारे में बताऊंगा कि आप इसकी शुरुआत कहां से करेंगे और इसमें कहां तक ले जा सकते हैं यदि आपने खुद की दुकान स्टार्ट कर ली है तब भी यह आपके लिए काफी काम की जानकारी है इसलिये इस पोस्ट को अंत तक पढ़े.

     आप मे से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि अरे दुकान खोलने में क्या है “सामान सस्ते दामों पर लाओ और महगे दामो पर बेच दो” बस हो गई दुकान तो आप सही भी हैं परंतु हर चीज को करने का एक तरीका होता है यदि उसे उस तरीके से ना किया जाए तो वह कार्य ना तो ज्यादा फायदेमंद होता है और ना ही ज्यादा समय तक टिकता है तो इसीलिए आज मैं आपको वह तरीका बताऊंगा जिसके माध्यम से आप एक लंबे समय तक बिजनेस में बने रह सकते हैं .

प्लानिग ( सुरुआत )

दोस्तों आप कोई भी शॉप दुकान खोलने जा रहे हो उससे पहले प्लानिंग बहुत ही जरूरी है क्योंकि प्लानिंग इमारत की उस नींव की तरह है जो उसे बुरे समय पर भी गिरने नहीं देती तो आइए हम जान लेते हैं कि हम दुकान की प्लानिंग करते समय कौन सी बातों का ध्यान देंगे और एक अच्छा प्लान कैसे तैयार किया जाता है .

सेल्फ टेस्ट ( खुद से पूछो ) :-

जब आप अपनी दुकान खोलने जा रहे हैं तो उससे पहले खुद को जान लेना बहुत जरुरी है कहीं ऐसा तो नहीं कि आपने किसी को दुकान करते देख लिया हो और आपको लग रहा होगा उसकी लाइफ बहुत मजे में है इसलिए आप भी दुकान खोलकर लाइफ मजे में आ जाएगी तो ऐसी गलती ना करें जब तक आपको इस चीज में आनंद ना आये और जब तक सही प्लानिंग ना हो तब तक आप दुकान न ही खोले तो अच्छा है, यदि आप अभी जॉब (नौकरी) रहे हैं तो पहले यह निश्चित कर लें की दुकान खोलने के पश्चात जब आप की जॉब छूट जाएगी तब आप बिना सैलरी के 6 से 12 महीने रह सकते हैं या नहीं इसमें आपके द्वारा इकट्ठा किया गया धन काम आ सकता है.

यदि आप जॉब करने के साथ-साथ दुकान खोलना चाह रहे हैं तो यह आप इस तरह कर सकते हैं कि उस पर आप किसी भरोसे के इंसान को बैठाएं याद रखें वह बहुत ज्यादा भरोसे का होना चाहिए क्योंकि शुरुआत में आपके बिजनेस को थोड़ा भी नुक्सान जहर के समान होगा उचित यही रहेगा कि आप खुद ही दुकान को संभाले साथ में हर तरह के आने वाले खतरो के लिए हरदम तैयार रहना होगा थोड़े बहुत नुकसान पर व्यर्थ की चिंता से बचना होगा अगर आप इन सब बातों को समझते हैं तब ही आप दुकान खोलने की सोचे क्योंकि दुकान खोलने का पहला महीना तो बहुत अच्छा जाता है फिर उसके बाद के 6 से 12 महीने मुश्किल से ही निकलते हैं (यह पोस्ट आप OSir.in पर पढ़ रहे है) इसलिए प्लानिंग अच्छे से कर ले और आगे बढ़े .

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प्रोडक्ट आइडिया और मार्केट रिसर्च  :- 

सबसे पहले तो आपको यह तय करना होगा कि आप किस चीज की दुकान खोलना चाहते हैं वह कुछ भी हो सकता है किराना की दुकान ,कपड़ा, क्रॉकरी ,प्लास्टिक प्रोडक्ट ,खिलौने ,मिठाई ,जनरल स्टोर, मोबाइल शॉप या जो भी आपके दिमाग में आ रहा हो पर इनमें से कोई भी फाइनल करने से पहले अपने एरिया में जहां पर आप या दुकान खोलना चाह रहे हैं वहां पर पता कर लें कि जो आप दुकान खोलने जा रहे हैं उस तरह की दुकानें वहां पर कितनी है और उनकी बिक्री वगैरह क्या है अच्छा यही रहेगा कि आप कोई ऐसी दुकान खोलें जो वहां पर ना हो उस से कंपटीशन का खतरा खत्म हो जाता है.

साथ में यह भी पता कर ले की आप जिस चीज की दुकान खोलने जा रहे है उस में प्रॉफिट कितना बचेगा हालाकी यदि आप की दुकान आप के एरिया में अकेली है तो प्रॉफिट अपने आप मिलने लगता है . यदि आपका किसी विशेष प्रोडक्ट में रूचि है तब आप उसे भी प्राथमिकता दे सकते हैं अब आप सबसे पहले इसे लिख ले कि आपको किस चीज की दुकान खोलनी है .

जगह :-

ध्यान दें इस बिज़नेस में जगह का विशेष महत्व होता है तो इसलिए आप अपनी दुकान खोलने के लिए किसी ऐसी जगह का चुनाव करें जहां पर भीड़ भाड़ बहुत ज्यादा रहती हो इसके लिए मार्केट या सड़क का किनारा या किसी शॉपिंग मॉल के बाहर ऐसे ही किसी भी जगह का चुनाव करें जहां पर लोगों का आना जाना लगा रहता हो इससे आपकी सेलिंग काफी ज्यादा बढ़ जाएगी, यदि आप को सही जगह नहीं मिल पा रही है तो चिंता की कोई विशेष बात नहीं है आपको जहां जगह मिले वहां पर काम स्टार्ट करें लेकिन एक नई जगह की तलाश में हरदम रहे . यदि आप कोई जगह किराए पर लेने वाले हैं तो उस जगह के मालिक से यह सुनिश्चित कर लें कि वह आगे चलकर किराया बढ़ाएगा तो नहीं और यदि किराया बढ़ाएगा तो कितना बढ़ाएगा और साथ में यह भी सुनिश्चित कर लें कि वह आपको बीच में दुकान खाली करने को ना कहें क्योंकि किसी जगह पर दुकान की रेपुटेशन बनने के बाद वहां से हटाने पर कस्टमर कम पड़ जाते हैं (यह पोस्ट आप OSir.in पर पढ़ रहे है) इसलिए आवश्यकता पड़े तो लीज के पेपर मतलब कॉन्ट्रैक्ट भी साइन करवा लें वकील की मदद से.

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पूंजी और बैकअप प्लान :-

 प्रोडक्ट और जगह फाइनल करने के बाद अब आपको उस बिजनेस को स्टार्ट करने मतलब की Shop ko kholne के लिए रुपए की आवश्यकता पड़ेगी वैसे तो आप खुद के ही रुपए से बिजनेस स्टार्ट करें तो अच्छा है और शुरुआत पर जितने कम रुपया हो सके उतने ही कम में दुकान स्टार्ट करें क्योंकि शुरुआत में कम जानकारी के कारण आपको नुकसान भी हो सकता है इसलिए यदि आप कम रुपए से शुरुआत करते हैं तो आपको नुकसान भी कम ही होगा फिर धीरे धीरे जब आप इसके खिलाड़ी हो जाए तब आप इसमें और रुपया लगा सकते हैं और बैंक से लोन वगैरा भी ले सकते हैं ..दोस्तों वैसे तो बैकअप प्लान बहुत ही जरूरी हिस्सा है परंतु बहुत से व्यापारी इस हिस्से को छोड़ देते हैं जिसकी वजह से जब उन्हें किसी भी तरह का नुकसान आता है तब उन्हें कुछ समझ में नहीं आता और वह जल्दबाजी में गलत कदम उठा लेते हैं जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुंचता है इसलिए आप अपना एक बैकअप प्लान जरूर तैयार करके रखे बैकअप प्लान का अर्थ क्या होता है यदि आपको उस बिजनेस में लॉस आता है मतलब कि नुकसान होता है कब आप उसकी भरपाई के लिए क्या करेंगे साथ में उसमें यह भी इंक्लूड होता है कि जब शुरुआती महीनों में आपकी दुकान कम चल रही होगी तब आप इतने दिन कैसे सरवाइव करेंगे बैकअप प्लान में यह सभी चीजें बहुत विस्तार से लिखें और एक छोटी मात्रा का धन (लगभग 5 या 10%)  बैकअप मनी के रूप में अलग रख ले इसका प्रयोग तब ही करें जब इसकी बहुत ज्यादा जरूरत हो अन्यथा इसे अलग ही रहने दे !

माल किस से लेंगे (वेंडर) :-

 दुकान में भरने के लिए आप को सामान की जरुरत पड़ेगी इसलिए सबसे पहले आप यह पता कर ले की आपके एरिया का या आप जहां से माल लेंगे या जो माल लेंगे उस का थोक व्यापारी कौन है या फिर होलसेलर कौन है उससे जाकर बात करें और उन से उनका फोन नंबर जरुर ले ले और यह भी जान ले की वह आपको कम से कम कितने रुपए का माल देगा और आपका उसमें कितना प्रॉफिट बचेगा ?? शुरुआत में लोकल व्यापारियों से ही संपर्क करें क्योंकि वह आपके बिजनेस को बढ़ाने में काफी मदद कर सकते हैं फिर धीरे धीरे आप बड़े व्यापारियों से भी संपर्क में आने लग जाएंगे और वह आपको खुद ही माल दे जाएंगे पर शुरुआत में आपको ही उनके पास जाना पड़ेगा और माल लाना पड़ेगा यह ध्यान रखें की शुरुआत में लेन-देन बहुत ही ज्यादा साफ रहे कोई भी उधार ना हो और यदि उधार करो तो दी गई डेट (तारिख) से पहले या उसी डेट पर पेमेंट करो पर देर न होने पाए और यदि बहुत जरुरी वजह से लेट हो रहा हो तो वेंडर को इस बात की जानकारी तुरंत दो.

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इससे आपकी क्रेडिट वैल्यू बढ़ती है जिससे भविष्य में यदि आपके पास बैलेंस की कमी होती है तब भी वह व्यापारी आपको माल दे देता है शुरुआत में हर टाइप का माल ज्यादा मात्रा में लेने से बचे हालाकी वेंडर आप को ज्यादा मात्रा में माल बेचने का प्रयाश करेगा पर उसे समझाये और पहली बार में कम से कम और ज्यादा बिकने वाले प्रोडक्ट ही लाये फिर बाद में जिन प्रोडक्ट की सेलिंग(बिक्री) अच्छी हो उन्हें बड़ी मात्रा में भी ले सकते  ज्यादा मात्रा में व्यापारी से ले सकते हैं यह ध्यान रखें आप जितना ज्यादा मात्रा में माल लेंगे माल उतना ही ज्यादा सस्ता पड़ेगा और  इससे आपके आने जाने का खर्चा और समय की भी बचत होती है परंतु जिस सामान के बारे में ज्यादा जानकारी ना हो उसे शुरुआत में ज्यादा ना खरीदें अन्यथा नुकसान हो सकता है ,

यदि वाही माल अन्य व्यापारी भी बेचते है तो उन से भी बीच बीच में रेट लेते रहे जिस से यह कन्फर्म रहे की आप का वेंडर आप को सही रेट दे रहा है रेट के अन्तर होने पर वेंडर से बात करे , माल लेते समय एक्सपायरी डेट वगैरा जरूर देख लें क्योंकि यह कुछ दिन तक आपकी दुकान में भी रहेगा और उससे बात कर ले कि यदि माल खराब होता है तो वह वापस करेगा या नहीं यह सब पहले ही कंफर्म कर लेना अच्छा रहता है (यह पोस्ट आप OSir.in पर पढ़ रहे है) जब भी सामान खरीदे वेंडर से रसीद जरुर ले यह जरुरी नहीं है कि वह रसीद पक्की हो या कच्ची पर रसीद होना जरूरी है इससे जब भी आप माल लेकर आएं उस रसीद से अपना माल मिलाएं और रसीद के जोड़ को भी एक बार चेक कर लें कि कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं है यदि गड़बड़ी मिले तो तुरंत इसकी जानकारी उस वेंडर को दें और आवश्यकता पड़े तो उसे रसीद भी दिखाएं .

“दोस्तों उम्मीद करता हूं यह जानकारी आपको बहुत ही ज्यादा पसंद आई होगी इसका अगला पार्ट  आप इस लिंक से जा कर पढ़ सकते है .

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