पीपल पूजा के नियम – शुभ समय, सही विधि और समय एवं लाभ | Pipal Puja Ke Niyam

पीपल की पूजा के नियम | Pipal Ped Ki Puja Ke Niyam : हेलो दोस्तों नमस्कार स्वागत है आपका हमारे आज के इस नए लेख में आज हम आप लोगों को इस लेख के माध्यम से पीपल पूजा के नियम बताने वाले हैं क्या आप जानते हैं कि पीपल के पेड़ में विष्णु जी एवं मां लक्ष्मी का वास होता है कार्तिक में पीपल की पूजा की बहुत लाभकारी मानी जाती है लेकिन इसकी उपासना में कुछ ऐसे नियम बताएं हैं.

जिनका पालन करना लाभदायक माना जाता है। हमारे हिंदू धर्म के अनुसार ऐसा कहा गया है कि पीपल के वृक्ष का बहुत बड़ा महत्व है इसे सभी वृक्षों से शुद्ध और पूजनीय माना जाता है इसे विश्व वृक्ष और वासुदेव भी कहा जाता है पीपल के हर एक पत्ते में देवताओं खासकर विष्णु भगवान का वास होता है.

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शनिवार के दिन शनिदेव के साथ इसकी भी पूजा की जाती है कहते हैं इससे काम में सफलता मिलती है इसीलिए इसकी पूजा में कुछ नियम भी बताए गए हैं। जो आपको कष्टों से मुक्ति बुलाते हैं इसीलिए आज हम आप लोगों को इस लेख के माध्यम से पीपल पूजा के नियम पीपल की पूजा कैसे की जाती है.

पीपल पर जल देते समय कौन से मंत्र का प्रयोग करना चाहिए पीपल की पूजा करने के फायदे क्या है इन सारे विषयों के बारे में विस्तार से बताएंगे अगर आप इन सारे विषयों की विस्तार से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़े ताकि आप लोगों को इसकी संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके।

पीपल के पेड़ की पूजा कैसे करें ? | Pipal Ke ped ki Puja kaise karen ?

Pipal

  1. अगर आप लोग पीपल के पेड़ की पूजा करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए।
  2. इसके लिए आपको शनिवार के दिन प्रात काल उठकर स्नान आदि से निश्चिंत होने के बाद साफ वस्त्र धारण कर लेने हैं।
  3. उसके बाद आपको पीपल के पेड़ के नीचे सरसों का दीपक जला देना है।
  4. अब आपको पीपल के पेड़ के कुछ पत्तों को तोड़कर गंगाजल से धो लेना है।
  5. उसके बाद पानी में थोड़ी सी हल्दी डालकर थोड़ा सा गाढ़ा घोल तैयार कर लेना है उसके बाद आपको पीपल के पत्तों के ऊपर हल्दी के घोल से “ह्रीं” लिखे.
  6. उसके बाद आपको पीपल के इस पत्तों को श्रद्धा पूर्वक उनकी पूजा-अर्चना करनी है।
  7. अगर कोई भी व्यक्ति इसी प्रकार पीपल के वृक्ष की पूजा करता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।
  8. ऐसा कहा जाता है कि पीपल के वृक्ष की पूजा करने से हमारे इष्ट देवता भी प्रसन्न हो जाते हैं और उनका आशीर्वाद हमें प्राप्त हो जाता है।

पीपल पर जल चढ़ाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए ? | Pipal par Jal chadate Samay kaun se Mantra ka Jaap karna chahiye ?

अगर आप लोग पीपल के वृक्ष में जल देते हैं तो आपको यह पता होना चाहिए कि पीपल के वृक्ष को भगवान नारायण का स्वरूप माना जाता है इस वृक्ष में मां लक्ष्मी का वास भी होता है तो इसे शुद्ध और पवित्र होकर ही छुए इस वृक्ष को गुरुवार के दिन या फिर अमावस्या पूर्णिमा के दिन जल अर्पित कर सकते हैं इन दिनों जल अर्पित करने से मां लक्ष्मी एवं नारायण की असीम कृपा प्राप्त होती है।
पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाते समय माता लक्ष्मी और भगवान नारायण के मंत्रों का जाप करना चाहिए या विशेष लाभकारी माना जाता है यह मंत्र निम्न प्रकार के हैं।

ॐ श्री- अश्वत्थवृक्षाय नमः
मूलतो ब्रह्मरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे।
अग्रत: शिवरूपाय वृक्षराजाय ते नम:।।

आयु: प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यं सर्वसम्पदम्।
देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरणं गत:।।

 

पीपल पूजा के नियम | Pipal Ped Ki Puja Ke Niyam

पीपल के पेड़ की पूजा कैसे करें

 

अगर कोई भी व्यक्ति पीपल के वृक्ष की पूजा करता है तो उसे पीपल की पूजा के नियम पता होने बेहद आवश्यक है क्योंकि इस पूजा को प्रातः काल शुद्ध स्नान आदि से निश्चिंत होने के बाद पीपल के वृक्ष के पास ही जाना चाहिए इसीलिए पीपल की पूजा में कुछ विशेष नियमों का पालन करना पड़ता है।

  1. पीपल के पेड़ की पूजा सूर्योदय के बाद ही करनी चाहिए।
  2. पीपल के वृक्ष की पूजा रविवार के दिन बिल्कुल ना करें।
  3. पीपल का वृक्ष अपने जीवन में कभी भी नहीं काटना चाहिए।
  4. जिस समय आप पीपल के वृक्ष को जल चढ़ाते हैं उस समय आपको लक्ष्मीनारायण का स्मरण करना चाहिए।
  5. शनिवार के दिन ही पीपल के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए यह दिन विशेष फलदाई होता है।

पीपल की पूजा सुबह कितने बजे करनी चाहिए ? | Pipal ki Puja Subah kitne baje Karni chahiye ?

पीपल के वृक्ष की पूजा सुबह 6:00 बजे के बाद ही करनी चाहिए सूर्य उदय के बाद ही पीपल के वृक्ष की पूजा की जाती है सूर्य उदय से पहले कभी भी पीपल के वृक्ष की पूजा ना करें अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे आपके घर में दरिद्रता आती है।

पीपल की पूजा करने के फायदे | Pipal ki Puja karne ke fayde

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  1. अगर आप लोग पीपल के वृक्ष की पूजा करना चाहते हैं तो इसके लिए हम आपको बता दें कि पीपल के वृक्ष की पूजा कभी भी सूर्य उदय से पहले नहीं करनी चाहिए ऐसा करने से आपके घर में दरिद्रता का वास हो जाता है हमारे हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार ऐसा कहा गया है कि सूर्य उदय से पूर्व पीपल के वृक्ष में मां लक्ष्मी की बहन अलक्ष्मी का निवास होता है और उन्हें दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है इसीलिए सूर्य उदय से पहले पीपल के वृक्ष की पूजा ना करें और रविवार के दिन कभी भी पीपल के वृक्ष में जल ना चढ़ाएं।
  2. पर आप लोग पीपल के वृक्ष में नियमित रूप से जल चढ़ाते हैं तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं और आपके शत्रु का नाश होता है आपके घर में सुख समृद्धि धनधान्य तथा संतान सुख की प्राप्ति होती है ऐसा कहा जाता है कि पीपल के वृक्ष की पूजा करने से ग्रह दोष कभी निवारण हो जाता है इसीलिए ऐसा कहा जाता है कि अमावस्या या फिर शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए इस दिन पूजा करने से सारी परेशानियां दूर हो जाती है।
  3. शनिवार के दिन आपको पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए यह बहुत ही लाभकारी माना जाता है या कार्य हर दिन करना संभव नहीं हो पाएगा इसीलिए इसके लिए एक निश्चित दिन रखा गया है वह शनिवार का दिन है ऐसा करने से यूके और बिगड़े काम बन जाते हैं और आपको अपने जीवन में सफलता भी प्राप्त होती है शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाना श्रेष्ठ माना जाता है पीपल के वृक्ष को काटना वर्जित माना जाता है अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके पितरों को कष्ट होता है और वंश वृद्धि में भी रुकावट आ सकती है।
  4. जो भी व्यक्ति पीपल के वृक्ष की पूजा करता है वह हमेशा शनि दोष से दूर रहता है।
  5. अगर कोई व्यक्ति पीपल के वृक्ष की पूजा करता है तो उसे हमेशा मां लक्ष्मी एवं भगवान विष्णु की कृपा मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  6. पीपल के वृक्ष की पूजा करने से पित्र देवता भी प्रसन्न हो जाते हैं।
  7. पीपल के वृक्ष की पूजा करने से पित्र दोष से भी मुक्ति मिल जाती है।

FAQ : पीपल पूजा के नियम

शनिवार को पीपल में जल कब चढ़ाना चाहिए ?

अगर आप लोग पीपल के वृक्ष को जल चढ़ाना चाहते हैं तो इसके लिए हम आपको बता दें कि शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष में सूर्य उदय के बाद जल अर्पित करना चाहिए पीपल के वृक्ष में साक्षात मां लक्ष्मी का वास होता है इसीलिए पीपल के वृक्ष की पूजा करने से जन्म कुंडली में शनि उसकी भी शांति हो जाती है और साढ़ेसाती का भी प्रकोप दूर हो जाता है।

पीपल के नीचे दीपक जलाने से क्या होता है

अगर आप लोग पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से क्या होता है इसके बारे में जानना चाहते हैं तो हम आप लोगों को बता दें कि पीपल के पेड़ में लक्ष्मी नारायण का वास होता है इसके कारण पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और पीपल के वृक्ष में अन्य देवी-देवताओं का वास भी होता है इसीलिए हमें पीपल के पेड़ के नीचे दीपक अवश्य चलाना चाहिए।

पीपल के पेड़ की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए

पीपल के पेड़ की कितने बार परिक्रमा करनी चाहिए हम आप लोगों को बता दें कि पीपल के पेड़ में भगवान नारायण विष्णु का वास होता है और इसमें मां लक्ष्मी भी निवास करती हैं इसीलिए पीपल के पेड़ की तीन परिक्रमा करनी चाहिए इसके अलावा आप 4 बार भी इसकी परिक्रमा कर सकते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों जैसा कि आज हमने आप लोगों को इस लेख के माध्यम से पीपल पूजा के नियम पीपल के पेड़ की पूजा कैसे करनी चाहिए पीपल पर जल चढ़ाते समय कौन से मंत्र का प्रयोग करना चाहिए और पीपल की पूजा करने के फायदे क्या है इन सारे विषयों के बारे में विस्तार से बताया है अगर आपने हमारे इस लेख को अच्छे से पढ़ा है तो आपको इसकी संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई होगी उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी होगी और आपके लिए उपयोगी भी साबित हुई होगी।

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