सम्पूर्ण मारुती स्तोत्र : जाप के 5 लाभ एवं जप के प्रमुख नियम | Maruti stotra

मारुती स्तोत्र | Maruti stotra : प्रिय भक्तों आज मैं आप लोगों को इस लेख के माध्यम से मारुती स्तोत्र के विषय में जानकारी दूंगी, जिसमें मैं मारुती स्रोत का संपूर्ण अध्याय बताने के साथ-साथ इसे पाठ करने की उचित विधि और इससे प्राप्त होने वाले सभी प्रकार के लाभों के विषय में बताएंगे.



मारुती स्तोत्र | Maruti stotra

मारुती स्तोत्र अंजनी लाल पवन पुत्र हनुमान जी को समर्पित है इस स्रोत की रचना हनुमान के परम भक्त रामदास जी ने की थी, जिस स्रोत को लेकर ऐसी मान्यता है. अगर कोई भी व्यक्ति सभी प्रकार के नियमों का पालन करते हुए इस स्रोत को प्रतिदिन पाठ करता है तो उस व्यक्ति के जीवन में बड़े से बड़े संकट कष्ट अपने आप दूर जाते हैं.

क्योंकि बजरंगबली संकट मोचन कहा जाता है जो सभी के संकट हर लेते है. इसके अलावा मारुती स्तोत्र के अन्य अद्भुत लाभ प्राप्त होते हैं जिनके विषय में हम इस लेख के अंत में बताने का प्रयत्न करेंगे क्योंकि यहां पर हम सबसे पहले मारुती स्तोत्र का संपूर्ण अध्याय प्रस्तुत करने जा रहे हैं .

♦ लेटेस्ट जानकारी के लिए हम से जुड़े ♦
WhatsApp ग्रुप पर जुड़े 
WhatsApp पर जुड़े 
TeleGram चैनल से जुड़े ➤
Google News पर जुड़े 

ऐसे में जो लोग मारुती स्तोत्र पाठ्य को जानना चाहते हैं तो कृपया करके वह लोग इस लेख को शुरू से अंत तक अवश्य पढ़ें.

मारुती स्तोत्र | Maruti stotra

यहां पर संपूर्ण मारुति श्रोत को प्रस्तुत किया जा रहा हैं.


Hanuman

भीमरूपी महारुद्रा, वज्र हनुमान मारुती।
वनारी अंजनीसूता, रामदूता प्रभंजना ।।1।।

महाबळी प्राणदाता, सकळां उठवीं बळें ।
सौख्यकारी शोकहर्ता, धूर्त वैष्णव गायका ।।2।।

दिनानाथा हरीरूपा, सुंदरा जगदंतरा।
पाताळ देवता हंता, भव्य सिंदूर लेपना ।।3।।

लोकनाथा जगन्नाथा, प्राणनाथा पुरातना ।
पुण्यवंता पुण्यशीला, पावना परतोषका ।।4।।

ध्वजांगे उचली बाहू, आवेशें लोटिला पुढें ।
काळाग्नी काळरुद्राग्नी, देखतां कांपती भयें ।।5।।

ब्रह्मांड माईला नेणों, आवळें दंतपंगती।
नेत्राग्नी चालिल्या ज्वाळा, भृकुटी त्राहिटिल्या बळें ।।6।।

पुच्छ तें मुरडिलें माथां, किरीटी कुंडलें बरीं।
सुवर्णकटीकासोटी, घंटा किंकिणी नागरा ।।7।।

ठकारे पर्वताऐसा, नेटका सडपातळू।
चपळांग पाहतां मोठें, महाविद्युल्लतेपरी ।।8।।

कोटिच्या कोटि उड्डाणें, झेपावे उत्तरेकडे ।
मंद्राद्रीसारिखा द्रोणू, क्रोधे उत्पाटिला बळें ।।9।।

आणिता मागुता नेला, गेला आला मनोगती ।
मनासी टाकिलें मागें, गतीस तूळणा नसे ।।10।।

अणूपासोनि ब्रह्मांडा, येवढा होत जातसे।
तयासी तुळणा कोठें, मेरुमंदार धाकुटें ।।11।।

ब्रह्मांडाभोंवते वेढे, वज्रपुच्छ घालूं शके।
तयासि तूळणा कैचीं, ब्रह्मांडीं पाहतां नसे ।।12।।

आरक्त देखिलें डोळां, गिळीलें सूर्यमंडळा ।
वाढतां वाढतां वाढे, भेदिलें शून्यमंडळा ।।13।।

धनधान्यपशुवृद्धी, पुत्रपौत्र समग्रही ।
पावती रूपविद्यादी, स्तोत्र पाठें करूनियां ।।14।।

भूतप्रेतसमंधादी, रोगव्याधी समस्तही ।
नासती तूटती चिंता, आनंदें भीमदर्शनें ।।15।।

हे धरा पंधराश्लोकी, लाभली शोभली बरी।
दृढदेहो निसंदेहो, संख्या चंद्रकळागुणें ।।16।।

रामदासी अग्रगण्यू, कपिकुळासी मंडण।
रामरूपी अंतरात्मा, दर्शनें दोष नासती ।।17।।

।। इति श्रीरामदासकृतं संकटनिरसनं

मारुतिस्तोत्रं संपूर्णम् ।।

यहां पर हमने हिंदी में मारुती स्तोत्र संपूर्ण अध्याय को प्रस्तुत किया है यह स्त्रोत संस्कृत में भी आता है लेकिन यहां पर मैंने हिंदी वाला स्रोत बताया है ताकि हर कोई इसे आसानी से पढ़ सके और इससे प्राप्त होने वाले सभी लाभ हासिल कर सके क्योंकि संस्कृत पढ़ना कठिन होता है.

और स्रोत में शुद्ध शब्दों का उच्चारण अति आवश्यक होता है लेकिन जो लोग संस्कृत में श्लोक को पढ़ना चाहते हैं तो लोगों के लिए मैं संस्कृत में भी इस स्रोतों को प्रस्तुत कर रही हूं.

Hanuman

श्री मारुती स्तोत्र संस्कृत | Shree maruti stotra sanskrit

॥ श्रीगणेशाय नम: ॥

ॐ नमो भगवते विचित्रवीरहनुमते प्रलयकालानलप्रभाप्रज्वलनाय ।

प्रतापवज्रदेहाय । अंजनीगर्भसंभूताय ।

प्रकटविक्रमवीरदैत्यदानवयक्षरक्षोगणग्रहबंधनाय ।

भूतग्रहबंधनाय । प्रेतग्रहबंधनाय । पिशाचग्रहबंधनाय ।

शाकिनीडाकिनीग्रहबंधनाय । काकिनीकामिनीग्रहबंधनाय ।

ब्रह्मग्रहबंधनाय । ब्रह्मराक्षसग्रहबंधनाय । चोरग्रहबंधनाय ।

मारीग्रहबंधनाय । एहि एहि । आगच्छ आगच्छ । आवेशय आवेशय ।

मम हृदये प्रवेशय प्रवेशय । स्फुर स्फुर । प्रस्फुर प्रस्फुर । सत्यं कथय ।

व्याघ्रमुखबंधन सर्पमुखबंधन राजमुखबंधन नारीमुखबंधन सभामुखबंधन

शत्रुमुखबंधन सर्वमुखबंधन लंकाप्रासादभंजन । अमुकं मे वशमानय ।

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

क्लीं क्लीं क्लीं ह्रुीं श्रीं श्रीं राजानं वशमानय ।

श्रीं हृीं क्लीं स्त्रिय आकर्षय आकर्षय शत्रुन्मर्दय मर्दय मारय मारय

चूर्णय चूर्णय खे खे श्रीरामचंद्राज्ञया मम कार्यसिद्धिं कुरु कुरु ॐ हृां हृीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः फट् स्वाहा

विचित्रवीर हनुमत् मम सर्वशत्रून् भस्मीकुरु कुरु ।

हन हन हुं फट् स्वाहा ॥

एकादशशतवारं जपित्वा सर्वशत्रून् वशमानयति नान्यथा इति ॥

॥ इति श्रीमारुतिस्तोत्रं संपूर्णम् ॥

इस लेख में हमने हिंदी और संस्कृत दोनों भाषा में मारुती स्तोत्र को बताया है जो लोग जिस भाषा में इस स्रोत को पाठ करना चाहते हैं उस भाषा में कर सकते हैं.

मारुती स्तोत्र का पाठ करने की विधि | Maruti stotra ka path karne ki vidhi

किसी भी स्रोतों का पाठ करने के शुभ लाभ तभी प्राप्त होते हैं. जब हम उस स्रोत को उचित विधि द्वारा पाठ करते हैं इसीलिए हम यहां पर मारुती स्तोत्र को कब ,कैसे, किस विधि, के द्वारा पाठ करना चाहिए इसके विषय में सब कुछ विधिवत रूप से बता रहे हैं.

मारुति श्रोत को पाठ्य करने की संपूर्ण विधि नीचे बताई जा रही है जैसे,

1. मारुती स्तोत्र को पाठ करने के लिए मंगलवार के दिन स्नान आदि से निवृत होकर लाल रंग के वस्त्र धारण करें.

2. स्नान आदि से निवृत होने के बाद बजरंगबली के सामने धूप दीप जलाएं इन्हें फल फूल अक्षत अर्पित करें.

3. इतनी प्रक्रिया करने के बाद आप मारुति जी को यानी की बजरंगबली को मिठाई में किसी भी प्रकार का भोग लगाएं उसके बाद अपने हाथों को साफ जल से धोकर इनके सामने सरसों के तेल का या फिर देसी घी का दीपक जलाएं .

पूजा पाठ के नियम, पूजा पाठ के नियम बताएं, chhath puja ke niyam aur vidhi, pooja path ke niyam, puja path ke niyam, chhath puja ke niyam, chhath puja ka niyam, pooja ke niyam in hindi, puja paath ki vidhi, पूजा पाठ के नियम, पूजा पाठ के नियम बताएं, chhath puja ke niyam aur vidhi, pooja path ke niyam, puja path ke niyam, chhath puja ke niyam, chhath puja ka niyam, pooja ke niyam in hindi, puja paath ki vidhi, niyam bataiye, puja ke niyam bataiye, puja paath ke bare mein bataen, puja paath ke bare mein bataiye, puja paath ke bare mein batao, puja paath ke bare mein, पूजा कैसे करें ?, पूजा कैसे करें घर में, पूजा कैसे करें, पूजा कैसे करें बताइए, तुलसी पूजा कैसे करें, लक्ष्मी पूजा कैसे करें, भैरव पूजा कैसे करें, पितृ पूजा कैसे करें, जन्माष्टमी पूजा कैसे करें, pooja kaise karni chahiye, pooja kaise karna chahiye, pooja kaise kare, pooja kaise karte hai, puja kaise karni chahiye, pooja kaise kare ghar mein, पूजा कैसे करें घर में, पूजा कैसे करें, पूजा कैसे करें बताइए, तुलसी पूजा कैसे करें, लक्ष्मी पूजा कैसे करें, भैरव पूजा कैसे करें, पितृ पूजा कैसे करें, जन्माष्टमी पूजा कैसे करें, pooja kaise karni chahiye, pooja kaise karna chahiye, pooja kaise kare, pooja kaise karte hai, puja kaise karni chahiye, pooja kaise kare ghar mein, puja kaise ho, pooja kaise ki jati hai, puja kaise kare jata hai, puja kaise karna chahiye, pooja kaise shuru kare, puja kaise karen, puja kaise vidhanam, puja kaise kare, पूजा पाठ का अर्थ, पूजा-पाठ का मतलब क्या है, puja ka arth kya hota hai, puja ka arth kya hai, pooja ka arth kya hota hai, pooja paath in english, pooja ka kya arth hai, pooja naam ka arth kya hota hai, नित्य पूजा पाठ करने के नियम, नित्य पूजा विधि मंत्र सहित PDF, नित्य पूजा क्यों और कैसे, मंदिर में पूजा करने के नियम, सरल पूजा विधि, नित्य पूजा पाठ मंत्र PDF Download, घर में पूजा करने की विधि, नित्य पूजा में बोले जाने वाले मंत्र, नित्य पूजा में बोले जाने वाले श्लोक, puja karne ke niyam, aarti karne ke niyam, puja karne ka niyam, niyam bataiye, puja karne ka niyam bataiye, nitya puja karne ki vidhi, karne ka niyam, नित्य पूजा पाठ करने के नियम, puja karne ke niyam, aarti karne ke niyam, puja karne ka niyam, niyam bataiye, puja karne ka niyam bataiye, nitya puja karne ki vidhi, karne ka niyam, puja karne ke niyam bataye, lakshmi puja karne ka niyam, hanuman ji ki puja karne ke niyam, पूजा करने के नियम, पूजा करने के नियम क्या है, पूजा करने के नियम बताइए, पूजा करने के कुछ नियम, नित्य पूजा विधि मंत्र सहित PDF, नित्य पूजा में बोले जाने वाले मंत्र, सरल पूजा विधि, पूजन विधि मंत्र सहित, घर में पूजा करने की विधि, प्रातःकाल पूजा, नित्य पूजा में बोले जाने वाले श्लोक, सम्पूर्ण पूजा विधि PDF, मंदिर में पूजा करने के नियम, पूजा करने की विधि, सुबह पूजा करने के फायदे, घर में पूजा करने की विधि बताइए, पूजा करने की विधि और मंत्र, पूजा के बाद क्या करना चाहिए, शाम को पूजा करने का समय, पूजा करने का मंत्र, पूजा के बाद क्या करना चाहिए, शाम को पूजा करने का समय, पूजा सफल होने के संकेत, मंदिर में पूजा करने के नियम, खाना खाने के बाद पूजा करना चाहिए या नहीं, क्या दोपहर में पूजा करनी चाहिए, रोजाना पूजा करने की विधि, कलयुग में कौन से भगवान की पूजा करनी चाहिए, puja karne ke tarike, pooja karne ke niyam, puja karne ka time, bank ke niyam in hindi, puja karne ki vidhi, puja karne ke liye, puja karne ka samay, puja karne ke fayde, ghar mein puja karne ke niyam, been ka niyam, yoga karne ka niyam, puja karne ki vidhi in hindi,

4. बजरंगबली के समक्ष दीपक जलाने के बाद इनकी प्रतिमा के सामने आसन लगाकर बैठ जाएं फिर अपने हाथ में गंगाजल लेकर मारुती स्तोत्र को पाठ करने का संकल्प लें, संकल्प कैसे लेना है आपको बोलना है प्रभु मैं अपनी मनोकामना जाहिर करते हुए बोले भगवान मैं इस मनोकामना की पूर्ति के लिए मारुती स्तोत्र को नियम बांधे तरीके से इतने दिन यानी कि जितने दिन आपको इस स्रोत का पाठ करना उतने दिन पूर्ण करने का संकल्प लेता हूं.

5. संकल्प लेने के बाद आप मारुती स्तोत्र का पाठ करना प्रारंभ कर दें इस स्रोत को आप उच्च एवं स्पष्ट शब्दों में करें तो अद्भुत लाभ की प्राप्ति होगी.

6. संपूर्ण मारुती स्तोत्र पाठ पूर्ण हो जाने के बाद आप बजरंगबली की संपूर्ण आरती करें इन्हें लाल चोला अर्पित करें तो आपकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होंगी.

मारुती स्तोत्र का पाठ करने के लाभ | Maruti stotra path karne ke labh

बजरंगबली को संकट मोचन के नाम से जाना जाता है क्योंकि यह अपने भक्तों को सभी प्रकार के संकट से सुरक्षा प्रदान करते हैं, अगर कोई जातक जातिका बजरंगबली को समर्पित मारुती स्तोत्र पाठ को नियमित रूप से नियम बाध्य तरीके से पाठ करते हैं तो उन्हें कई तरह के अद्भुत लाभ की प्राप्ति होती है जिनके विषय में नीचे बताया गया है जैसे :

  1. मारुती स्तोत्र का पाठ करने से बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है.
  2. मारुति श्रोत का पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है.
  3. मारुती स्तोत्र का प्रतिदिन पाठ करने से सभी प्रकार के दुख और कष्ट दूर होते हैं.
  4. मारुती स्तोत्र का पाठ करने से शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं.
  5. मारुती स्तोत्र का पाठ करने से सुख शांति समृद्धि यश वैभव मान सम्मान आदि में वृद्धि होती है.

मारुती स्तोत्र का पाठ करने के नियम | Maruti stotra ka path karne ke niyam

अगर आप मारुती स्तोत्र का पाठ करने से प्राप्त होने वाले सभी प्रकार के लाभ हासिल करना चाहते हैं तो इस स्रोत को पाठ करने के जो नियम नीचे बताए जा रहे हैं इनका पालन करते हुए मारुती स्तोत्र का पाठ करें.

1. जितने दिन मारुती स्तोत्र का पाठ करें उतने दिन ब्रह्मचर्य का पालन अवश्य करें.

2. मारुती स्तोत्र को पाठ करने से पहले बजरंगबली की विधिवत पूजा अर्चना अवश्य करें.

3. मारुती स्तोत्र का पाठ करने के दिन किसी को भी कटु वचन ना बोले और महिलाओं का मान सम्मान करें. किसी का अहित करने के लिए इस स्रोत का उपयोग ना करें अच्छे कामों और अच्छी मनोकामना पूर्ति के लिए ही इस स्त्रोत का पाठ करें.

hanuman_

5. मारुती स्तोत्र को पाठ करने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें

6. मारुती स्तोत्र को पाठ करने वाले दिनों में आप भोजन करने का समय डिसाइड कर ले और अनियमित रूप से भोजन ना करें.

FAQ : मारुती स्तोत्र

हनुमान जी का आवाहन मंत्र क्या है ?

ॐ हनु हनु हनु हनुमते नमः

यह हनुमान जी का आवाहन मंत्र है इस मंत्र को पूरी श्रद्धा और भक्ति भावना से जाप करके बजरंगबली के दर्शन प्राप्त किए जाते हैं.

हनुमान जी का पावरफुल मंत्र कौन सा है ?

मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।

वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥

हनुमान जी के इस मंत्र जाप से सुख शांति यश वैभव धन बुद्धि ज्ञान आदि में वृद्धि होती है.

मारुती मंत्र कौन सा हैं ?

पूर्व कपि मुखाय पंचमुख हनुमते टं टं टं टं सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा ।।

मान्यता है इस मारुति मंत्र का पंचमुखी दीपक जलाकर जाप करने से सभी प्रकार के दुख और कष्टों का अंत होता है.

निष्कर्ष

प्रिय मित्रों जैसा कि आज हमने इस लेख में मारुती स्तोत्र टॉपिक पर जानकारी प्रदान की है जिसमें हमने संपूर्ण मारुती स्तोत्र अध्याय बताने के साथ-साथ इसे पाठ करने की संपूर्ण विधि से प्राप्त होने वाले लाभ और इसे पाठ करने की क्या नियम है या सारी जानकारी एक विस्तारपूर्वक से बताइ हैं.

अगर आप लोगों ने इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़ा होगा तो आप सभी लोगों को मारुती स्तोत्र टॉपिक से जुड़ी अच्छी खासी जानकारी प्राप्त हो गई होगी तो दोस्तों हम उम्मीद करते हैं आप लोगों को हमारे द्वारा बताई गई जानकारी पसंद आई होगी साथ में उपयोगी भी साबित हुई होगी.

osir news
यदि आपको हमारे द्वारा दी गयी यह जानकारी पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों और परिचितों एवं Whats App और फेसबुक मित्रो के साथ नीचे दी गई बटन के माध्यम से अवश्य शेयर करे जिससे वह भी इसके बारे में जान सके और इसका लाभ पाये .

क्योकि आप का एक शेयर किसी की पूरी जिंदगी को बदल सकता हैंऔर इसे अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाने में हमारी मदद करे.

अधिक जानकरी के लिए मुख्य पेज पर जाये : कुछ नया सीखने की जादुई दुनिया

♦ हम से जुड़े ♦
फेसबुक पेज ★ लाइक करे ★
TeleGram चैनल से जुड़े ➤
 कुछ पूछना है?  टेलीग्राम ग्रुप पर पूछे
YouTube चैनल अभी विडियो देखे
कोई सलाह देना है या हम से संपर्क करना है ? अभी तुरंत अपनी बात कहे !
यदि आप हमारी कोई नई पोस्ट छोड़ना नही चाहते है तो हमारा फेसबुक पेज को अवश्य लाइक कर ले , यदि आप हमारी वीडियो देखना चाहते है तो हमारा youtube चैनल अवश्य सब्सक्राइब कर ले .

यदि आप के मन में हमारे लिये कोई सुझाव या जानकारी है या फिर आप इस वेबसाइट पर अपना प्रचार करना चाहते है तो हमारे संपर्क बाक्स में डाल दे हम जल्द से जल्द उस पर प्रतिक्रिया करेंगे . हमारे ब्लॉग OSir.in को पढ़ने और दोस्तों में शेयर करने के लिए आप का सह्रदय धन्यवाद !

 जादू सीखे   काला जादू सीखे 
पैसे कमाना सीखे  प्यार और रिलेशन