माता की चौकी कैसे सजाएं : सजावट सामग्री,संपूर्ण पूजा विधि और आरती | Mata ki chowki decoration at home

माता की चौकी कैसे सजाएं Mata ki chowki decoration at home : हेलो दोस्तों नमस्कार आज हम आप लोगों को माता की चौकी कैसे सजाएं इसके बारे में बताएंगे और आज हम आप लोगों को बहुत ही अच्छे तरीके से माता की चौकी सजाने का तरीका बताएंगे जिससे आप लोग भी माता की चौकी सजा सकते हैं अगर आपके घर में कोई पूजा पाठ है और आप को नहीं पता है कि माता की चौकी कैसे सजाएं तो आप इस आर्टिकल को पढ़कर अपने घर की माता की चौकी सजा सकते हैं.

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दोस्तों आज हम आप लोगों को इसमें माता की चौकी कैसे सजाएं इसके बारे में बताएंगे और माता की पूजा की सामग्री क्या होती है इसके बारे में बताएंगे चलिए शुरू करते हैं।

माता की चौकी कैसे सजाएं | Mata ki chowki kaise sajaye

माता की चौकी सजाने के लिए सबसे पहले एक टेबल ले और उस टेबल के ऊपर लाल कपड़ा बिछाए और भगवान की जो जो मूर्तियां रखनी है आपको उसको गंगाजल से पवित्र कर ले और मंदिर को भी साफ कर ले अब सारी मूर्तियों को साफ करने के बाद आपने जो चौकी सजाई है.

उस चौकी पर सारी मूर्तियों को सजा दीजिए और बीच में माता रानी की मूर्ति रखें और उस पर एक चुनरी जरुर चढ़ाएं और ताजे फूलों की माला चढ़ाएं और आसपास दूसरी तस्वीरें या मूर्ति रख दीजिए और उस मंदिर को साड़ियों से सजा सकते हैं और उस मंदिर में लाइट लगाकर मंदिर को और बेहतरीन बना सकते हैं.

मंदिर को फूलों और आम के पत्तों से सजाएं और मंदिर के दाई और बाई और एक एक केले के पत्ते रख दें उसके बाद आप का मंदिर सज कर तैयार हो जाएगा और यह मंदिर बहुत ही बेहतरीन लगेगा अब हम आपको माता की पूजा कैसे करेंगे इसके बारे में बताएंगे।

  1. लाल या पीला कपड़ा
  2. लाल चुनरी या साड़ी
  3. कलश
  4. आम के पत्ते
  5. फूल माला और लाल फूल
  6. एक जटा वाला नारियल
  7. पान के पत्ते
  8. सुपारी
  9. इलायची
  10. लौंग
  11. कपूर
  12. रोली-सिंदूर
  13. मौली
  14. चावल

माता की चौकी की कलश स्थापना | Mata ki chowki decoration at home

एक मिट्टी का कल असली उसमें पैसा सुपारी हल्दी सब डालकर जल भरे और उस पर आम के पत्ते रखें उसके ऊपर कटोरी में चावल रखें उसको स्थापित करना है घट स्थापना की विधि सबसे पहले कलर्स के बाहर एक पतली लाइन की तरह गोल गोल चौकी डाल दें मां भगवती का ध्यान करके जल चढ़ाएं कलर्स को मिट्टी के पात्र में रखे उस पात्र में जिसमें आप जैव उगाना चाहते हैं.


उसमें एक लेयर मिट्टी की डालें फिर एक लेयर जैव की डालें इसी तरह दो तीन बार करें और फिर कलर्स में कलावा लपेटने और पंचोपचार से पूजा करें कलश स्थापना के बाद मां भगवती का आपको ध्यान करना और प्रार्थना करनी है हे मां भगवती इन 9 दिनों के लिए आप हमारे घर में पधारे और अपना आसन ग्रहण करें हमारे समस्त परिवार और मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें मां भगवती से आपको यह कहना है और फिर कलर्स के पास दिए जलाकर पूजा करें.

धूप दीप आदि सब जलाएं और कलर्स को फूल माला प्रसाद फल जो भी आपको अर्पित करना है वह अर्पित करें यह सब करने के बाद अखंड दीप स्थापित हो जाए कलश स्थापना हो जाए इसके बाद माता को चौकी पर स्थापित करते हैं।

माता की पूजा विधि

पूजा विधि में हम सबसे पहले गंगाजल चढ़ाएंगे एक देसी घी का दीपक ले और उसमें भी गंगाजल छिड़के उसके बाद दीपक और उसमें भी गंगाजल छिड़कें उसके बाद दीपक जलाएं और उसके बाद हल्दी चंदन रोली का तिलक करेंगे फिर अछत चढ़ाएंगे और दीपक में फूल अर्पित करेंगे उसके बाद आप गणेश भगवान और माता रानी का नाम लेकर दीपक जलाएं उसके बाद गणेश भगवान को गंगाजल से स्नान कराएं.

उसके बाद गणेश भगवान को हल्दी चंदन का टीका लगाएं उसके बाद माता रानी को भी टीका लगाएं और सारी माताओं पर टीका लगाएं और उसके बाद गणेश भगवान और माता रानी को अक्षत चढ़ाएं उसके बाद गणेश भगवान को वरमाला पहनाई और माता रानी को चुनरी चढ़ाएं और हम गणेश भगवान और माता रानी को फूल अर्पित करेंगे भोग में पंचमेवा और जलने या आप मिठाई ले सकते हैं और फल भी चढ़ा सकते हैं.

गणेश भगवान को धूप दीप दिखाएं उसके बाद माता रानी को धूप दीप दिखाएं भोग लगाने के बाद हम दक्षिणा भी चढ़ा सकते हैं अब माता रानी व गणेश भगवान को अक्षत रोली करेंगे हम दुर्गा चालीसा का पाठ करेंगे उसके बाद हम आरती करेंगे सबसे पहले गणेश भगवान की आरती करेंगे और उसके बाद माता रानी की आरती करेंगे उसके बाद हम आरती में तीन बार जल से आचमन करेंगे.

उसके बाद हम गणेश भगवान को फूल के द्वारा आरती देंगे और माता रानी को भी देंगे उसके बाद हम भोग लगाएंगे पहले गणेश भगवान को भोग लगाएंगे उसके बाद माता रानी को भोग लगाएंगे उसके बाद अक्षत और फूल ले पहले गणेश भगवान से प्रार्थना करें.

उसके बाद माता रानी से प्रार्थना करें और उनसे पूजा स्वीकार करने की भी प्रार्थना करें और क्षमा मांग ले उसके बाद गणेश भगवान के हाथ जोड़ें और माता रानी के भी हाथ जोड़ें और आरती ले उसके बाद उस आरती को पूरे घर में दिखा दे इसी तरह माता की पूजा विधि समाप्त होती है।

माता की चौकी की पूजा सामग्री | Mata ki chowki sajawat samagri

तांबे की एक थाली लीजिए और पूजा सामग्री को उस थाली में रख लीजिए और उस पूजा की थाली में 1 भोग लगाने वाली कटोरी रख दें और उस थाली में एक घी का दीपक रखें और एक सिंदूर की डिब्बी रखें हवन सामग्री रखें और जो भी माता की पूजा में सामग्री लगती है वह आप रख दीजिए और उस थाली में घंटी भी रख दें थाली में फूल रख ले पूजा करने के लिए एक लोटा ले। और एक नारियल ले ले और उस थाली में कलावा भी रख ले और कुछ आम के पत्ते भी रख ले।

माता को अर्पण करने वाली सामग्री

माता को अर्पण करने वाली सामग्री में

  1. चूड़ी
  2. बिंदी
  3. नाखूनी
  4. मेहंदी
  5. शीशा
  6. कंघा 
  7. गेटिस 
  8. क्लेचर सिंदूर 
  9. आलता 
  10. लिपस्टिक
  11. काजल
  12. बिछुआ
  13. कान के टॉप्स
  14. पायल
  15. साड़ी
  16. चुनरी 

आदि सामग्री माता को अर्पण करनी चाहिए।

माता की चौकी के मंत्र

माता को आसन अर्पित करे-

श्रीजगदम्बायै दुर्गादेव्यै नम:। आसानार्थे पुष्पाणि समर्पयामि॥

अर्घ्य अर्पित करें-

श्रीजगदम्बायै दुर्गादेव्यै नम:। हस्तयो: अर्घ्यं समर्पयामि॥

स्नान करावें-

श्रीजगदम्बायै दुर्गादेव्यै नम:। स्नानार्थं जलं समर्पयामि॥

पंचामृत स्नान करावें-

श्रीजगदम्बायै दुर्गादेव्यै नम:। पंचामृतस्नानं समर्पयामि॥

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शुद्ध जल से स्नान करावें-

श्रीजगदम्बायै दुर्गादेव्यै नम:। शुद्धोदकस्नानं समर्पयामि॥

आचमन करावें-

शुद्धोदकस्नानान्ते आचमनीयं जलं समर्पयामि।

माता को क्या-क्या अर्पित करें

  1. वस्त्र अर्पित करें
  2. सौभाग्य सू़त्र अर्पित करें
  3. चन्दन अर्पित करें
  4. कुंकुम अर्पित करें
  5. आभूषण अर्पित करें
  6. पुष्पमाला अर्पित करें
  7. नैवेद्य प्रसाद अर्पित करें
  8. ऋतुफल अर्पित करें
  9. श्रद्धापूर्वक धूप-दीप से आरती करें

माता जी की आरती

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत,
हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

मांग सिंदूर विराजत,
टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना,
चंद्रवदन नीको ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कनक समान कलेवर,
रक्ताम्बर राजै ।
रक्तपुष्प गल माला,
कंठन पर साजै ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

केहरि वाहन राजत,
खड्ग खप्पर धारी ।
सुर-नर-मुनिजन सेवत,
तिनके दुखहारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कानन कुण्डल शोभित,
नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर,
सम राजत ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

शुंभ-निशुंभ बिदारे,
महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना,
निशदिन मदमाती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

चण्ड-मुण्ड संहारे,
शोणित बीज हरे ।
मधु-कैटभ दोउ मारे,
सुर भयहीन करे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

ब्रह्माणी, रूद्राणी,
तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी,
तुम शिव पटरानी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

चौंसठ योगिनी मंगल गावत,
नृत्य करत भैरों ।
बाजत ताल मृदंगा,
अरू बाजत डमरू ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

तुम ही जग की माता,
तुम ही हो भरता,
भक्तन की दुख हरता ।
सुख संपति करता ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

भुजा चार अति शोभित,
वर मुद्रा धारी । [खड्ग खप्पर धारी]
मनवांछित फल पावत,
सेवत नर नारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कंचन थाल विराजत,
अगर कपूर बाती ।
श्रीमालकेतु में राजत,
कोटि रतन ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

श्री अंबेजी की आरति,
जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी,
सुख-संपति पावे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी ।

FAQ : माता की चौकी कैसे सजाएं

माता की चौकी कौन सी दिशा में लगानी चाहिए?

माता की चौकी उत्तर दिशा की ओर रखी जाए तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है माता की चौकी की स्थापना के समय कुछ बातों का अगर आप ध्यान रखेंगे तो माता का आशीर्वाद आपको जरूर मिलेगा।

माता की चौकी कब हटाए?

ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि में पहले दिन से लेकर 9 दिनों तक माता को अपने घर में रखना चाहिए और दसवें दिन माता को विसर्जित कर देना चाहिए माता की चौकी को दशमी के दिन ही हटाना चाहिए

रोज पूजा कैसे की जाती है?

रोज की पूजा करने के लिए आपको अपना पूजा का समय निश्चित करना होगा और सुबह टाइम पर ही पूजा करनी चाहिए और स्नान करने के बाद ही पूजा करनी चाहिए हमेशा साफ कपड़े पहन कर, साफ जमीन पर आसन बिछाकर ही पूजा करनी चाहिए और कभी भी जमीन पर सीधे बैठकर पूजा नहीं करनी चाहिए।

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निष्कर्ष

दोस्तों जैसा कि हमने आप लोगों को बताया कि माता की चौकी कैसे सजाएं तो हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह आर्टिकल माता की चौकी कैसे सजाएं समझ में आया होगा तो आप एक बार इसको ट्राई जरूर करें इस आर्टिकल से आपको माता की चौकी सजाने में बहुत हेल्प मिलेगी तो आप इसको एक बारी ट्राई जरूर करें।

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