जाने पूजा करते समय सिर भारी होना कैसा होता है ? पूजा सफल होगी या असफल | Puja karte samay sir ka bhari hona

पूजा करते समय सिर भारी होना | Puja karte samay sir ka bhari hona : दोस्तों हिंदू धर्म में अधिकांश लोग पूजा पाठ में विश्वास करते हैं और दिन प्रतिदिन पूजा करते रहते हैं। धार्मिक आस्था और ईश्वर में विश्वास के प्रति लोग व्रत और पूजा पाठ, यज्ञ, हवन, अनुष्ठान करते हैं। लेकिन कभी-कभी पूजा करते समय सिर भारी हो जाता है। जिससे पूजा के दौरान लोगों की आस्था को कुछ चोट लगती हैं।



ऐसे में पूजा करते समय सिर भारी होना या फिर कभी-कभी मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ होना लोगों की समस्या बन जाती है बहुत से लोगों को पूजा करते समय उबासी आती है सिर चकराने लगता है आंखों में पानी आने लगता है और यह सब व्यक्ति को जब महसूस होता है तो उसे पूजा करने में मन नहीं लगता है।

पूजा करते समय सिर भारी होना

यह बात सभी को पता है कि पूजा पाठ, यज्ञ, हवन, धार्मिक अनुष्ठान करने के कई नियम होते हैं और इनका पालन करना पड़ता है लेकिन पूजा के दौरान अगर किसी भी प्रकार की समस्या बन जाती है तो व्यक्ति को पूजा करने में व्यवधान आने से उसे कष्ट होता है।

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पूजा करते समय सिर भारी होना | Puja karte samay sir ka bhari hona

कई बार तो लोगों को पूजा करते समय सिर भारी हो जाता है या अन्य कोई शारीरिक समस्या होती है तो लोग अपनी पूजा को अधूरा समझते हैं और आत्मा को कष्ट होता है। परंतु पूजा करते समय सिर भारी होना, आंखों में पानी आना, उबासी आना जैसे लक्षण कुछ अच्छे संकेत भी देते हैं।

पूजा के दौरान शरीर में किसी भी प्रकार के संकेत होते हैं तो लोग इसे शगुन और अपशगुन से जोड़ देते हैं परंतु हो सकता है कि लोगों को इसके विषय में जानकारी ना हो। आइए हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से पूजा करते समय सिर भारी होना से होने वाले कुछ संकेतों के बारे में जानकारी देते हैं।


अगर पूजा करते समय सिर भारी हो जाता है, उबासी आती है, आंखों में पानी आता है तो हो सकता है कि आपको पूजा करने में किसी प्रकार की दिलचस्पी ना हो, जबरदस्ती आप पूजा स्थल पर बैठे हो।

अक्सर लोग ईश्वर में विश्वास करते हैं लेकिन पूजा पाठ में दिलचस्पी नहीं होती है ऐसे हालात में अगर कोई भी व्यक्ति पूजा स्थल में बैठ जाता है या पूजा करता है तो उसे उबासी आ सकती हैं, सिर भारी हो सकता है।

puja

पूजा के समय सिर भारी होना यह दर्शाता है कि पूजा के दौरान प्रयोग की जाने वाली सामग्री से कुछ गंध निकलती है जो शरीर में लगने पर या अंदर प्रवेश करने पर व्यक्ति को अच्छा ना महसूस होता है। दूसरे रूप में इसे एलर्जी समझ सकते हैं। ऐसे हालात में भी पूजा के समय सिर भारी हो जाता है।

पूजा के साथ-साथ प्रार्थना छिपी होती है प्रार्थना के समय या पूजा के समय मन का एकाग्र चित्त होना जरूरी है।हो सकता है व्यक्ति पूजा के दौरान जब मन को एकाग्र करता है तो शरीर में कई तरह की प्रक्रिया होती हैं।जिनकी वजह से शरीर पूरी तरह से आरामदायक स्थिति में आ जाता है और रक्त प्रवाह सामान्य हो जाता है इस से पूजा के दौरान सिर भारी हो सकता है।

पूजा के दौरान सिर भारी होना यह दर्शाता है कि व्यक्ति सच्चे मन से अपने इष्ट देवी देवता का ध्यान कर रहा है उन्हें याद कर रहा है और वह आनंद की अनुभूति प्राप्त कर रहा है। इसके अलावा पूजा के दौरान कोई दूसरी शक्ति या फिर अन्य बुरी शक्ति आप पर प्रभावी है।

पूजा करते समय नींद आना | Puja karte samay neend aana

कई बार लोगों को पूजा करते समय नींद भी आती है ऐसे में पूजा करते समय नींद का आना उसी प्रकार से संकेत देता है जिस प्रकार से पूजा के समय सिर भारी होना होता है। पूजा के दौरान कई प्रकार के शारीरिक परिवर्तन देखने को मिलते हैं।

इन परिवर्तनों में नींद का आना उबासी आना अगरबत्ती का गिर जाना आंखों से पानी आना यह लक्षण इस बात का संकेत देते हैं कि आप से पूजा जबरदस्ती कराई जा रही है या फिर दूसरों को दिखाने के लिए पूजा करते हैं अथवा दिमाग में कोई दूसरी विचारधारा चलती रहती है।

अगर आपके मन में दो तरह की विचारधाराएं चलती हैं तो आपको नींद आ सकती है सिर भारी हो सकता है या अन्य कोई समस्या उत्पन्न हो सकती है परंतु सच्चे मन से अगर आप ऐसा करते हैं तो यही लक्षण हमें शुभ संकेत भी देते हैं।

पूजा करते समय अगरबत्ती का गिरना | Puja karte samay agarbatti ka girna

Incense stick

अगर पूजा करते समय आप की अगरबत्ती गिर जाती है तो इस प्रकार का संकेत अशुभ माना जाता है धार्मिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि पूजा करते समय अगरबत्ती का गिरना जीवन में कोई न कोई संकट आने वाला होता है

पूजा करते समय चिराग बुझना | Puja karte samay chirag bujhna

( यह लेख आप OSir.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है अधिक जानकारी के लिए OSir.in पर जाये  )

कई बार देखा गया है कि जब लोग पूजा करते हैं तो पूजा स्थल पर रखे गए कलश का दीपक बार-बार जलाने के बावजूद भी बुझ जाता है यह संकेत भी धार्मिक विचारधारा से अशुभ संकेत देता है कि आपको कोई गंभीर संकट आ सकता है।

पूजा के दौरान कुछ शुभ संकेत | Puja ke dauran kuchh shubh sanket

दोस्तों कई लोग यह जानना चाहते हैं कि कैसे जाने पूजा सफल हुई है इस संबंध में धार्मिक मान्यता है कि पूजा के दौरान अगर आपको कुछ इस प्रकार से संकेत मिलते हैं तो यह संकेत शुभ माने जाते हैं।

1. पूजा के दौरान अगर जलाई जाने वाली अगरबत्ती का धुआं आपके आराध्य देवी देवता की ओर जाता है जिनकी आप पूजा कर रहे हैं तो यह लक्षण बताता है कि आपकी प्रार्थना से ईश्वर खुश है और आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होने वाली है।

2. पूजा के दौरान हर व्यक्ति दीपक जलाता है और अगर पूजा करते समय दीपक की लव अचानक तेज होती है और ऊपर की ओर बढ़ती हुई दिखाई देती है तो यह संकेत पूजा सफल होने का संकेत है आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होने वाली है ईश्वर ने आपकी प्रार्थना स्वीकार कर ली है।

diya puja deepak

3. पूजा करने के दौरान भगवान की प्रतिमा पर कुछ ना कुछ फूल चढ़ाए जाते हैं कभी-कभी चढ़ाए जाने वाले फूल आपकी तरफ गिर जाते हैं अगर ऐसा होता है तो यह संकेत कहता है कि आपकी इच्छाएं पूर्ण होने वाली हैं।

4. पूजा के दौरान अगर कोई गाय आपके दरवाजे पर आ जाती हैं तो यह संकेत भी पूजा सफल होने का संकेत है आपको उस गाय को पूजा में प्रयोग की जाने वाली सामग्री को खिला दें जिससे आपकी मनोकामना बहुत ही जल्द पूरा हो जाएगी।

5. अगर आप किसी भी देवी देवता की पूजा कर रहे हैं उस दौरान अगर कोई भिखारी आपके दरवाजे आ जाए तो उसे श्रद्धा पूर्वक कुछ न कुछ दान कर दे यह संकेत भी हमारे लिए शुभ होता है।

FAQ : पूजा करते समय सिर भारी होना

पूजा के समय मन स्थिर कैसे करें ?

दोस्त पूजा तन और मन पर आधारित होती है मन चंचल होता है इसीलिए पूजा मन से ना कर कर के तन से करना चाहिए तथा पूजा ह्रदय का प्रेम प्रभाव होता है। इसीलिए पूजा घर में प्रवेश करने के पहले मन को बाहर ही छोड़ दें हृदय से आंखें बंद करके अपने आपको ईश्वर का ध्यान करते हुए पूजा करें।

पूजा में मन क्यों नहीं लगता है ?

कुछ लोगों का पूजा में मन नहीं लगता है पूजा में मन न लगना ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में ग्रहों की खराब स्थिति होना है। कुसंस्कार हमें पूजा करने से रोकते हैं।

पूजा के समय सिर क्यों ढका जाता है ?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के समय मन का एकाग्र होना जरूरी है इसीलिए पूजा के समय सिर को ढक लिया जाता है जिससे मन एकाग्र होकर ईश्वर की आराधना में लग सके।

निष्कर्ष

पूजा पद्धति भारतीय हिंदू सनातन धर्म की एक परंपरा रही है परंतु हर व्यक्ति पूजा-पाठ पर विश्वास नहीं करता है कुछ लोग पूजा में भाग लेने से कतराते हैं ज्यादातर लोग पूजा पाठ करते हैं.

ऐसे कभी-कभी पूजा के दौरान प्रतिक्रियाएं शरीर के ऊपर देखने को मिलती हैं। जैसे पूजा के समय सिर का भारी होना, उबासी आना आंख में पानी आना।हमारे इस आर्टिकल में आपको पूजा के समय सिर भारी होना जैसे विषय पर जानकारी दी गई है।

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