शिवलिंग पर पानी टपकाने वाला घड़ा का नाम जाने : पानी चढ़ाने वाले घड़े का नाम क्या है ?

shivling par pani chadhane vale ghade ka naam kya hai ? दोस्तों यदि आप कभी भी भगवान शिव जी के मंदिर में गए होंगे तो देखा होगा कि जहां पर शिवलिंग स्थापित है उसके ऊपर एक घड़ा भी टंगा होता है जिसमें से बूंद बूंद करके जल टपकता रहता है|

शिवलिंग के ऊपर टपकते हुए जल को देखकर आपके मन में कई बार सवाल जरूर आया होगा कि शिवलिंग के ऊपर घड़े से पानी क्यों टपकता है या फिर शिवलिंग पर घड़ा क्यों रखा जाता है जिससे 24 घंटे बूंद बूंद पानी टपकता रहता है| shivling par pani chadhane se kya hota hai ?

इसके अलावा आपने देखा होगा कि शिवलिंग के पास एक जलधारी बनी होती है और परिक्रमा करने के दौरान लाँघा नहीं जाता जब इस तरह की कोई भी अजीबोगरीब इस स्थिति को आप देखते हैं तो आपका मन उन्हें जानने के लिए प्रयास किया होगा।

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अब आइए जानते हैं कि शिवलिंग पर घड़े से पानी क्यों टपकता है और शिवलिंग के पास बनी हुई एक छोटी सी नाली होती है जिससे जल बहता रहता है जिसे जलधारी कहा जाता है| क्यों लांघा  नहीं जाता है ? इसके पीछे क्या कारण है ?

तो आइए जानते हैं इस शिवलिंग के ऊपर पानी टपके आने वाले घड़े को क्यों लगाया जाता है इसके पीछे कौन कौन से कारण हैं ?

शिवलिंग पर पानी चढ़ाने के धार्मिक कारण : Religious reasons for offering water to Shivling

धार्मिक मान्यताओं के आधार पर कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान 14 रत्न निकले थे जिनमें से एक रत्न के रूप में जहर भरा घड़ा निकला था इस हलाहल चहर को भगवान शिव ने पी लिया था जिसके कारण उनका गला नीला पड़ गया था |


ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव ने जब जहर को पिया तो उसे गले के नीचे नहीं उतरने दिया था जिसके कारण उनका गला नीला पड़ा था और इस जहर को पीने के बाद भगवान शिव को बहुत अधिक जलन होने लगी थी इस जलन के कारण भगवान शंकर पर अत्यधिक जल डाला गया था जब यह जल डाला गया तो उनके शरीर का तापमान कम हो गया ।

इसी कारण से महादेव के ऊपर जलाभिषेक करने की प्रथा प्रारंभ हो गई और तब से लेकर आज तक भगवान शिव के शिवलिंग पर एक घड़ा लटकाया जाता है जिससे 24 घंटे बूंद बूंद करके पानी टपकता रहता है।साथ ही यह मान्यता भी है कि भगवान शिव के ऊपर जल टपकने से उनके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और वह इसी तरह से भक्तों के भी कष्ट दूर कर देते हैं।

शिवलिंग पर पानी चढ़ाने के भौतिक कारण : Physical reasons for offering water to Shivling

भौतिक कारणों में देखा जाता है कि जब भगवान शिव ने हलाहल को पी लियातो उनके अंदर अत्यधिक गर्मी के साथ-साथ नकारात्मक उर्जा भी उत्पन्न होने लगी थी जिस को कम करने के लिए देवताओं ने उनके सिर पर जल डाल दिया और मस्तिष्क की गर्मी को कम कर दिया।

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भगवान शिव के मस्तक गर्म होने का तात्पर्य ही है कि नकारात्मक भाव जो भीतर उत्पन्न होते हैं उन पर जल डालने से शांत हो जाते हैं जल डालने से जो नकारात्मक भाव है वह बेहतर बाहर हो जाते हैं और स्वयं हम अपने अंदर शांति व शीतलता महसूस करते हैं इसीलिए भगवान शिव के ऊपर एक घड़ा जिससे हर वक्त चल टपकता रहता है।

शिवलिंग पर पानी चढ़ाने के आध्यात्मिक कारण : Spiritual reasons for offering water to Shivling

भगवान शंकर के शिवलिंग के ऊपर एक घड़ा टांगने का आध्यात्मिक कारण भी है ऐसा माना जाता है कि हमारे शरीर का संचालन मस्तिष्क के केंद्र से होता है और मस्तिष्क के अंदर बीचों बीच में आग ने चक्र होता है जो पीड़ा और पिंगला नाड़ियों के मिलने का स्थान होता है |

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जहां से सोचने समझने की क्षमता होती है और इस स्थान पर यदि शांति नहीं है तो किसी भी प्रकार के सोच अच्छी नहीं हो सकती ऐसे में शिव का मन शांत और शीतल रहे इसलिए जल चढ़ाया जाता है।

शिवलिंग पर पानी चढ़ाने के वैज्ञानिक कारण : Scientific reasons for offering water to Shivling

विज्ञान ने इन तथ्यों का अध्ययन करने पर पाया है कि जितने भी ज्योतिर्लिंग हैं उन सभी में रेडिएशन बहुत अधिक उत्पन्न होता है जिसके कारण रेडियो एक्टिव ऊर्जा उत्पन्न होती है और यह ऊर्जा बहुत ही प्रलयंकारी होती है|

इसीलिए भगवान शिव पर जल चढ़ाने से ऊर्जा शांत हो जाती है तथा शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद बहता हुआ जल औषधि के रूप में परिवर्तित हो जाता है इसीलिए इस जल को लांघा भी नहीं जाता है।

भगवान शिव के ऊपर जल टपकने वाले घड़े का क्या नाम है ? : What is the name of the pitcher that drips water on Lord Shiv?

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हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान shiv के मंदिर में शिवलिंग पर एक २४ घंटे जल टपकाने वाला घड़ा रखा जाता है | क्या आप इस घड़े का नाम जानते हैं यदि नहीं तो आप सभी भक्तों को इसके बारे में जानना जरुरी है |तो चलो हम आपकी जानकारी के लिए बता दे की इस घड़े का नाम अखंड जलधारा कलश कहा जाता है |

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